पुलिस का कहना है कि निक्की भाटी की मौत को गैस सिलेंडर ब्लास्ट जैसा दिखाने की कोशिश की गई, जबकि हकीकत में उस पर ज्वलनशील ‘थिनर’ छिड़ककर आग लगाई गई और बाद में हादसे की झूठी कहानी गढ़ दी गई।

ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। महीनों तक परत-दर-परत चलती रही जांच के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने अदालत में 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसने पूरे केस की दिशा ही बदल दी है। चार्जशीट में साफ लिखा गया है कि यह कोई घरेलू हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश के तहत की गई बेरहमी से हत्या थी। पुलिस का कहना है कि निक्की भाटी की मौत को गैस सिलेंडर ब्लास्ट जैसा दिखाने की कोशिश की गई, जबकि हकीकत में उस पर ज्वलनशील ‘थिनर’ छिड़ककर आग लगाई गई और बाद में हादसे की झूठी कहानी गढ़ दी गई।
ग्रेटर नोएडा निक्की भाटी मर्डर केस में आरोपी बनाए गए चारों चेहरे उसी घर के हैं, जहां से निक्की की चित्कारें उठीं। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक पति विपिन, देवर रोहित, ससुर सत्यवीर और सास दया पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर निक्की भाटी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक प्लानिंग की और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। फिलहाल चारों ग्रेटर नोएडा की जेल में बंद हैं। यह मामला शुरू से ही ग्रेटर नोएडा में बड़ा मुद्दा बना रहा। निक्की भाटी का परिवार लगातार प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाता रहा। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला ट्रायल की ओर बढ़ रहा है। बचाव पक्ष के वकील उधम सिंह टोंगड़ और दिनेश कुमार कलसन ने भी पुष्टि की है कि पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है और वे अदालत में आरोपियों की ओर से मजबूती से पक्ष रखेंगे, जबकि वे जमानत याचिकाओं का भी विरोध करेंगे।
ग्रेटर नोएडा पुलिस की चार्जशीट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू आग लगने की असली वजह से जुड़ा है। शुरुआत में अस्पताल के स्टाफ ने बयान दिया था कि निक्की भाटी गैस सिलेंडर फटने से झुलसी है, लेकिन घटनास्थल के वैज्ञानिक निरीक्षण ने इस कहानी को लगभग पलटकर रख दिया। जांच टीम ने मौके से जली हुई चादर, कपड़े, थिनर की खाली बोतल, गैस चूल्हा और अन्य सामान जब्त किया। यही नहीं, वारदात के समय वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों को भी चार्जशीट में अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि कमरे की स्थिति और थिनर की मौजूदगी साफ इशारा करती है कि आग किसी सिलेंडर ब्लास्ट से नहीं, बल्कि ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल से सुनियोजित तरीके से लगाई गई थी।
चार्जशीट में ग्रेटर नोएडा निक्की भाटी मर्डर केस की पृष्ठभूमि भी विस्तार से दर्ज की गई है। इसमें बताया गया है कि निक्की भाटी और उसकी बहन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो कंटेंट बनाया करती थीं। यह बात उसके पति विपिन और सास दया को कतई रास नहीं आती थी। आरोप है कि कई बार रोकने और टोका–टाकी के बावजूद निक्की ने वीडियो बनाना बंद नहीं किया, जिसके चलते पति–पत्नी के रिश्ते में लगातार खटास और तनाव गहराता गया। निक्की के पिता ने भी पुलिस के सामने दिए बयान में आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने और घर में चल रहे विवादों के बीच ही उनकी बेटी को आग के हवाले कर मार डाला गया।
चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम के अनुसार, ग्रेटर नोएडा का यह दिल दहला देने वाला मामला 21 अगस्त की रात का है। आरोप है कि उसी दिन निक्की भाटी के ससुराल स्थित घर के अंदर पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और उसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया। गंभीर रूप से झुलसी निक्की को आनन–फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें उसकी जिंदगी नहीं बचा सकीं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।वारदात के बाद निक्की भाटी की बहन कंचन भाटी थाने पहुंची और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पति, देवर, ससुर और सास – चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ग्रेटर नोएडा निक्की भाटी हत्याकांड अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस का कहना है कि उनके पास मौजूद साक्ष्य इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि यह सुनियोजित हत्या है, कोई घरेलू हादसा नहीं। दूसरी ओर बचाव पक्ष आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अदालत में अपना पक्ष रखेगा।