
Greater Noida News : यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले इंटरचेंज पर अब पहले की अपेक्षा 47 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे। किसानों के साथ मुआवजे को लेकर बात न बन पाने की वजह से इस इंटरचेंज को बनाए जाने का काम बीच में अटका पड़ा था।
अब किसानों ने इसके लिए अथॉरिटी को रजामंदी दे दी है लेकिन 2018 में इस बनाने का जो एस्टीमेट बना था, उसकी अपेक्षा अब 47 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे।
जगनपुर, अफजलपुर के पास यह इंटरचेंज बनाया जाना है। इसे बनाने के लिए 2018 में टेंडर निकाले गए थे लेकिन किसानों और अथॉरिटी के बीच जमीन के रेट को लेकर सहमति न बन पाने की वजह से इसको बनाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी लेकिन अब किसानों के साथ अथॉरिटी की सहमति बन गई है। 2018 में इस इंटरचेंज को बनाने के लिए 75 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया था लेकिन अब इसके लिए 122.89 करोड़ का एस्टीमेट बनाया गया है। इसके निर्माण में सबसे अधिक हिस्सेदारी एनएचएआई को देनी है। इसलिए इसके बढ़े हुए बजट का अप्रूवल एनएचएआई से भी लिया गया है।
इस इंटरचेंज के निर्माण पर यमुना अथॉरिटी 21.1 प्रतिशत और एनएचएआई 78.9 प्रतिशत पैसा खर्च करेगी। यमुना अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि 2018 की अपेक्षा अब इसके निर्माण का एस्टीमेट 47 करोड़ रुपये ज्यादा का बना है।
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