
Greater Noida : यूपी के ग्रेटर नोएडा से एक अच्छी और बड़ी खबर आ रही है। ग्रेटर नोएडा में मोबाइल फोन बनाने वाली ओप्पो कंपनी ने यूपी में साइबर संगिनी अभियान की शुरूआत कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने साइबर संगिनी अभियान का विधिवत उद्घाटन किया। इस मौके पर घोषणा की गई कि ओप्पो कंपनी यूपी में 2500 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर साइबर संगिनी बनाएगी।
शुक्रवार, 4 अगस्त 2023 को ग्रेटर नोएडा में स्थित ओप्पो इंडिया कंपनी में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह ओप्पो बहन-बेटियों को साइबर के प्रति जागरूक कर रहा है, इसी तरह कौशल विकास कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी) और ग्रामीण एवं अर्ध शहरी क्षेत्र की महिलाओं व बेटियों को प्रशिक्षित करते हुए आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करेगा। इसके लिए सीएससी अकादमी के साथ ओप्पो ने एमओयू साइन किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ कौशल विकास पहल के माध्यम से युवाओं को सक्रिय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। टीएसएससी और सीएससी अकादमी के साथ ओप्पो इंडिया का सहयोग समावेशी विकास और डिजिटल परिवर्तन के प्रति मजबूती देगा। इस मौके पर ओप्पो इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट पब्लिक अफेयर्स विवेक वशिष्ठ, ओप्पो इंडिया के प्रेसिडेंट अल्फा वांग, ओप्पो इंडिया के उपाध्यक्ष विवेक वशिष्ठ ने भी संगिनी पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान प्रवीण सिरोही, राकेश भारद्वाज, अनुका कुमार, ललित कुमार व अन्य मौजूद रहे।
ओप्पो इंडिया कंपनी के पीआरओ विवेक वशिष्ठ ने चेतना मंच को बताया कि ओप्पो इंडिया व टीएसएससी मिलकर यूपी में 2500 महिलाओं को साबइर संगिनी बनाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले ओप्पो कंपनी देश के अलग अलग प्रदेशों में साइबर संगिनी अभियान शुरू कर चुकी है। आंध्र प्रदेश तथा झारखंड में अब तक 5 हजार महिलाओं को साइबर संगिनी का प्रशिक्षण देकर फील्ड में तैनात किया जा चुका है।
यहां आपको विस्तार से बता देते हैं कि क्या है साइबर संगिनी योजना और यह योजना कैसे काम करती है। दरअसल, साइबर संगिनी उन युवतियों व महिलाओं को बनाया जाता है जो आईटी (इंफोरमेशन टैक्नॉलोजी)का बेसिक ज्ञान रखती हैं। नीचे बिंदुवार समझ लीजिए इस पूरी योजना को ...
1. 45-दिवसीय पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद, प्रतिभागियों को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) से एक प्रमाण पत्र प्राप्त होगा, जो उनके इलाकों में रोजगार और आजीविका के अवसरों के द्वार खोलेगा।
2. साइबर संगिनियों को ऐसी साइबर घटनाओं से बचाने के लिए प्रत्येक नागरिक को उपलब्ध मौजूदा कानूनों और रूपरेखाओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
3. कुशल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर कल्याण मुद्दों को संबोधित करने में उनके समर्थन के लिए नागरिकों से मामूली शुल्क लेने की अनुमति दी जाएगी।
4. साइबर संगिनी कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग और डिजिटल भुगतान को तेजी से अपनाने के साथ नागरिकों में ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता बढ़ाना है।