ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर PNB बैंक घोटाले में 350 से अधिक शिकायतें, 12 कर्मचारी निलंबित, छह खाते फ्रीज और लॉकर से जेवर गायब होने के आरोप। सीबीआई जांच में जुटी। पढ़े पूरी खबर।

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में खाताधारकों की जीवनभर की जमा पूंजी और सावधि जमाओं (FD) में कथित हेराफेरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुरुआत में करीब 10.24 करोड़ रुपये की कथित बैंकिंग धोखाधड़ी के रूप में सामने आया यह मामला अब सैकड़ों खाताधारकों की शिकायतों, करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन और बैंक लॉकरों में रखे सोने-चांदी के जेवरात गायब होने के आरोपों तक पहुंच गया है। इस मामले में अब तक सामने आए घटनाक्रम ने बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा और ग्राहकों की जमा पूंजी की हिफाजत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, बैंक में शिकायत दर्ज कराने वाले खाताधारकों की संख्या 350 से अधिक हो चुकी है। पुलिस के पास भी लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। वहीं, पीएनबी प्रबंधन की ओर से 12 बैंककर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सीबीआई ने भी मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Greater Noida News
पीएनबी की ऐच्छर शाखा में कथित गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब एक महिला खाताधारक संगीता अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने पहुंचीं। पासबुक में 16 सितंबर 2026 को हुए तीन ऐसे लेनदेन दर्ज मिले, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी। शाखा प्रबंधन से शिकायत करने पर बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी ने कथित तौर पर इन लेनदेन को सही बताया। बैंक की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दीपांशी ने अन्य अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके कोर बैंकिंग सिस्टम में अनधिकृत लेनदेन किए। बैंक की शिकायत के अनुसार, करीब तीन वर्षों के दौरान 49 सावधि जमाओं (एफडी) को समय से पहले बंद कराकर 10.23 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाली गई। बैंक ने प्रारंभिक तौर पर कुल कथित हेराफेरी का आकलन लगभग 10.24 करोड़ रुपये किया है। हालांकि, अब खाताधारकों की लगातार बढ़ती शिकायतों ने इस मामले का दायरा काफी बड़ा कर दिया है। 30 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, बैंक में 350 से अधिक खाताधारकों ने अपने खातों की जांच कराकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। पुलिस के पास भी नई शिकायतें पहुंचने के बाद कथित हेराफेरी की रकम 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। कुछ खाताधारकों का दावा है कि कुल नुकसान 35 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता है। वास्तविक रकम का पता विस्तृत जांच और बैंक रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही चलेगा। Greater Noida News
इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक की ओर से 23 अक्टूबर को सीबीआई को शिकायत दी गई थी। इसके बाद सीबीआई की गाजियाबाद स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने प्राथमिकी दर्ज की। बैंक की शिकायत में कार्यालय सहायक/क्लेरिकल स्टाफ के पद पर तैनात महिला कर्मचारी दीपांशी को मुख्य आरोपी बताया गया है। आरोप है कि उसने अन्य बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके ग्राहकों के बचत खातों और एफडी से अनधिकृत लेनदेन किए। बैंक की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लेनदेन के वाउचर रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं मिले और कुछ वाउचर नष्ट किए गए। बैंक की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 49 एफडी को समय से पहले बंद कराने और भुगतान खातों का विवरण बदलकर रकम दूसरे खातों में भेजने की अनियमितताएं सामने आई हैं। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी डीएसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है। Greater Noida News
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएनबी प्रबंधन ने ऐच्छर शाखा से जुड़े 12 बैंककर्मियों को निलंबित किया है। इनमें से छह कर्मचारियों की भूमिका पुलिस की जांच के दायरे में बताई जा रही है। जांच के दौरान शाखा प्रबंधक निशा के अलावा संदीप, मीनाक्षी, सतीश, शैलेंद्र और लल्ली के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि किस कर्मचारी ने किस पद पर कब से कब तक काम किया और उसके कार्यकाल में किन खातों से संदिग्ध लेनदेन हुए। पुलिस और बैंक की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या कथित अनियमितताएं किसी एक कर्मचारी तक सीमित थीं या इसमें दूसरे कर्मचारियों और बाहरी लोगों की भी भूमिका रही है। कुछ कर्मचारियों के घर पर नहीं मिलने और मोबाइल फोन बंद होने की जानकारी भी जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। Greater Noida News
इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रही। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर रकम गोवा, मुंबई और झारखंड में संचालित छह बैंक खातों तक पहुंची। पुलिस ने इन छह खातों को फ्रीज कराया है। हालांकि, जांच एजेंसियों के अनुसार, रकम इन खातों में लंबे समय तक नहीं रुकी और आगे दूसरे खातों में भी भेजी गई। पुलिस की साइबर अपराध टीम और बैंक की सतर्कता टीम डिजिटल लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या बैंककर्मियों का किसी साइबर धोखाधड़ी गिरोह से संपर्क था और क्या बाहरी लोगों की मदद से इस कथित हेराफेरी को अंजाम दिया गया। Greater Noida News
इस मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब खाताधारकों ने बैंक के लॉकरों में रखे सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान गायब होने की शिकायतें भी शुरू कर दीं। कुछ ग्राहकों का आरोप है कि लॉकर में रखे असली सोने-चांदी के आभूषणों की जगह नकली जेवर रखे मिले। कई खाताधारकों ने अपने लॉकर में रखे कीमती सामान का हिसाब नहीं मिलने की शिकायत की है। इस घटनाक्रम ने बैंक की लॉकर सुरक्षा व्यवस्था, चाबियों के संचालन और लॉकर तक पहुंच रखने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में अब बैंक के लॉकर रजिस्टर, चाबी के इस्तेमाल का रिकॉर्ड, ग्राहकों के लॉकर संचालन से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल भी महत्वपूर्ण हो गई है। Greater Noida News
ग्राहकों की शिकायतों के बीच पीएनबी प्रबंधन ने सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया है कि तीन खाताधारकों के लगभग 43 लाख रुपये के दावों का निपटारा किया जा चुका है। बैंक के दिल्ली-एनसीआर के जोनल मैनेजर राजेश भौमिक के मुताबिक, ग्राहकों के दावों की अलग-अलग जांच की जा रही है। जिन खाताधारकों के दावे सही पाए जाएंगे, उनकी रकम वापस की जाएगी। बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच सीबीआई और बैंक की आंतरिक समिति कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खाताधारकों की मांग है कि उनकी जमा पूंजी और लॉकर में रखे आभूषणों का जल्द से जल्द हिसाब दिया जाए और उनकी पूरी रकम वापस कराई जाए। Greater Noida News
इस प्रकरण का प्रभाव अब केवल ऐच्छर शाखा तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। गौतमबुद्धनगर की उन दूसरी बैंक शाखाओं के रिकॉर्ड और लेनदेन का ऑडिट कराने के आदेश दिए गए हैं, जहां पिछले दो वर्षों के दौरान जमीन अधिग्रहण का मुआवजा जमा कराया गया था। यदि इस जांच में अन्य शाखाओं में भी किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो पूरे जिले में बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े हो सकते हैं। Greater Noida News
पीएनबी की ऐच्छर शाखा में सामने आए कथित घोटाले की जांच अब कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। सीबीआई बैंक की शिकायत और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। स्थानीय पुलिस खाताधारकों की शिकायतों और बैंक खातों के लेनदेन की जांच में जुटी है। वहीं, बैंक की आंतरिक सतर्कता समिति कर्मचारियों की भूमिका और विभागीय रिकॉर्ड खंगाल रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन वर्षों के दौरान कितने खाताधारकों की रकम प्रभावित हुई, कथित तौर पर निकाली गई रकम आखिर कहां पहुंची, लॉकरों से जेवर गायब होने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव की यह बैंकिंग घटना अब स्थानीय स्तर का सामान्य मामला नहीं रह गई है। सैकड़ों खाताधारकों की शिकायतें, करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और लॉकरों से कीमती सामान गायब होने के आरोपों ने इसे क्षेत्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है। Greater Noida News
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