ग्रेटर नोएडा के साहित्यकार डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ने वैश्विक साहित्यिक मंच पर ऐसा क्या पढ़ा कि देश-विदेश के साहित्यप्रेमियों का ध्यान उनकी ओर खिंच गया ? क्या उनकी देशभक्ति से ओतप्रोत कविताओं ने विदेशों में बैठे श्रोताओं के बीच भी भारतीय संस्कृति और मातृभूमि प्रेम की वही भावनाएं जगा दीं ?

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के साहित्यकार और कवि डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ने अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के वैश्विक साहित्यिक मंच पर एकल काव्य-पाठ प्रस्तुत कर देश-विदेश के साहित्यप्रेमियों की सराहना बटोरी। उनके काव्य-पाठ में राष्ट्रभक्ति, मातृभूमि के प्रति प्रेम, वीर शहीदों को नमन, मातृशक्ति का सम्मान और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी। Greater Noida News
डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ने काव्य-पाठ की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से की। इसके बाद उन्होंने माँ भारती को नमन करते हुए राष्ट्रभक्ति से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी कविता की पंक्तियां - “मस्तक तिलक लगाऊँ अपने माटी हिंदुस्तान की, पुण्य धरा ये पावन भूमि, वीरों के बलिदान की।” ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए भी अपनी कविताओं के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। Greater Noida News
काव्य-पाठ में डॉ. शर्मा ने मातृशक्ति के त्याग और परिवार व समाज में उसकी भूमिका को भी अपनी रचनाओं में स्थान दिया। उन्होंने कहा - “करती हो मंगल चार तुम्हीं, बिगड़ा घर तुम्हीं बनाती हो, है अकथनीय गाथा तुमरी, तुम देश की ज्योति जगाती हो।” इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और ज्ञान परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने वाली और भविष्य को आलोकित करने वाली चेतना है। Greater Noida News
वैश्विक साहित्यिक आयोजन में अमेरिका, कुवैत, नीदरलैंड्स, लंदन और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों के साहित्यकार और साहित्यप्रेमी शामिल हुए। अमेरिका से अन्नदा पाटनी, सुभाष चंद्र लखेड़ा, डॉ. कौशलेंद्र टिंगी और वीणा सिन्हा, कुवैत से संगीता चौबे ‘पंखुड़ी’, नीदरलैंड्स से विश्वास दुबे, लंदन से आशीष मिश्रा तथा ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँवर और प्रगीत कुँवर सहित कई साहित्यकारों ने सहभागिता की। भारत से पंडित सुरेश नीरव, मधु मिश्रा, विनोद भृंग, सेठ सोहनलाल खंडेलवाल, सुभाष चंद्र सैनी, विमल बहुगुणा, दया सिन्हा, बोधिसत्व कस्तूरिया, ब्रह्म देव शर्मा, बबीता प्रसाद प्राची, कविता सक्सेना, सोनिया गोस्वामी शर्मा, प्रमिला श्री तिवारी, के.पी. चौहान, निधि मद्धेशिया, जग नारायण मिश्रा और सुनीता माहेश्वरी समेत अनेक साहित्यकार कार्यक्रम से जुड़े। Greater Noida News
अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के संस्थापक साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव हैं। समिति भारतीय और वैश्विक भाषाओं के बीच साहित्यिक समन्वय, सांस्कृतिक संवाद और भाषायी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय है। संस्था की ओर से हिंदी की बहुराष्ट्रीय साहित्यिक पत्रिका ‘प्रज्ञान विश्वम्’ का प्रकाशन भी किया जाता है। काव्य-पाठ के समापन पर डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ने समिति के संस्थापक पंडित सुरेश नीरव, साहित्यकारों और देश-विदेश से जुड़े श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक साहित्यिक मंच पर काव्य-पाठ का अवसर उनके लिए यादगार अनुभव रहा। Greater Noida News
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