
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और सरकार द्वारा लिखित समझौते से मुकरने से किसानों में आक्रोश हुआ है। 18 जुलाई को किसान सभा के प्राधिकरण के विरुद्ध आंदोलन की घोषणा के अगले ही दिन से आज घोड़ी गांव में महापंचायत की गई। जिसमें सैकड़ों महिला पुरुषों ने हिस्सा लिया।
घोड़ी गांव के शिव मंदिर पर आयोजित पंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि किसानों के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर प्राधिकरण ने अपने चरित्र के अनुरूप कार्य किया है। स्थानीय सांसद ने प्राधिकरण और सरकार की ओर से आश्वस्त किया था कि हम लिखित समझौते का पालन करवाएंगे, परंतु सरकार और प्राधिकरण ने सांसद की साख की भी कोई परवाह नहीं की है। किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि हमें इस बात की पूरी आशंका थी कि सरकार अपने वादे से मुकर सकती है, इसलिए हमने आंदोलन खत्म नहीं किया था केवल स्थगित किया था। हमें अपने संगठन पर अपने किसान भाइयों पर पूरा यकीन है। इसलिए 18 जुलाई को फिर से हजारों की संख्या में किसान प्राधिकरण के विरुद्ध हल्ला बोलेंगे।
मोहित भाटी जुनपत ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा ईस्ट लिए महिला एवं पुरुषों की प्रचार के लिए दो टीमें बना दी गई हैं जो युद्ध स्तर पर प्रचार में जुट गई हैं। विपक्षी पार्टियों के नेताओं एवं किसान संगठनों से सहयोग और समर्थन के लिए बातचीत चल रही है। सभी किसान संगठन और विपक्षी पार्टियां किसानों के मोर्चे में जुड़ने को तैयार हैं। अमित भाटी पाली ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारा आंदोलन 61 दिन तक लगातार रात दिन चला यह पहला ऐसा आंदोलन था जिसमें गिरफ्तारी होने के बाद भी किसान नहीं डरे और सात जून को फिर से धरना स्थल पर कब्जा कर बैठ गए।
किसान सभा के नेता अजय चौधरी एडवोकेट ने कहा कि सभी वकील किसान आंदोलन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं पुलिस के दमन उत्पीड़न का माकूल जवाब दिया जाएगा। अध्यक्षता गोपाल रावल एवं संचालन घोड़ी गांव कमेटी के अध्यक्ष निशांत रावल ने किया। सुधीर रावल, राजकुमार शर्मा, अजय शर्मा, मनोज राजपूत, रतनपाल राकेश, आकाश रावल, भोजराज सिंह रावल, लक्ष्मण रावल, जगबीर रावल, भूप सिंह, अशोक, जगदीश, मनोज, हिरदेश शर्मा ने पंचायत को संबोधित किया। शांति देवी, मुनेश, विमलेश, राजवती, संतरा सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष किसान पंचायत में उपस्थित रहे। पंचायत में प्रभात फेरी निकालकर 18 तारीख के लिए जबरदस्त तैयारी करते हुए अकेले घोड़ी गांव से 500 से भी अधिक संख्या में किसानों को आंदोलन में शामिल करने का टारगेट रखा गया है। Greater Noida News