ग्रेटर नोएडा में रक्षाबंधन पर विशेष बच्चों ने डीएम मेधा रूपम को राखी बांधी। वहीं बादलपुर थाने में बच्चियों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर पर्व मनाया।

ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक सरोकार की ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने पर्व की भावना को और गहरा कर दिया। एक ओर कलेक्ट्रेट में ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम और अन्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां जिलाधिकारी मेधा रूपम को बांधकर रक्षाबंधन मनाया, वहीं दूसरी ओर बादलपुर थाने में ड्यूटी के चलते घर नहीं पहुंच पाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए स्कूली बच्चियां राखी लेकर पहुंचीं। दोनों आयोजनों में अपनापन, सम्मान और सुरक्षा का संदेश दिखाई दिया।

ग्रेटर नोएडा कलेक्ट्रेट में आर्या फैशन्स की संस्थापिका महिला उद्यमी डॉ. खुशबू सिंह के साथ अभय किड्स फाउंडेशन के विशेष बच्चों ने रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई सुंदर और रचनात्मक राखियां जिलाधिकारी मेधा रूपम को बांधीं। दरअसल, आर्या फैशन्स की ओर से अभय किड्स फाउंडेशन के विशेष बच्चों को हैंडीक्राफ्ट ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को हुनर से जोड़ना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाना है। रक्षाबंधन से पहले बच्चों को विशेष रूप से राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद बच्चों ने अपने हाथों से राखियां तैयार कीं और रक्षाबंधन के दिन इन्हीं राखियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट में बच्चों ने जब जिलाधिकारी मेधा रूपम को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधीं तो वहां मौजूद लोगों के लिए यह भावुक और यादगार पल बन गया। जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर आर्या फैशन्स की संस्थापिका डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि उनका प्रयास समाज के उन वर्गों तक पहुंचना है, जो किसी न किसी कारण से मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। विशेष बच्चों को हुनर सिखाकर उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी और उपलब्धि की भावना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। अभय किड्स फाउंडेशन की प्रधानाचार्या दिशा कपूर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से विशेष बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

उधर, ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाने में भी रक्षाबंधन का पर्व विशेष अंदाज में मनाया गया। ड्यूटी की वजह से अपने घर नहीं पहुंच पाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए स्कूली बच्चियां थाने पहुंचीं और उन्होंने पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। थाने में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों ने भी बच्चियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। राखी बांधने के बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चियों को उपहार दिए और उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान बच्चियों को थाने का भ्रमण भी कराया गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, थाने में होने वाली विभिन्न गतिविधियों और पुलिस की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी।
बादलपुर थाने का यह आयोजन केवल रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं रहा। पुलिसकर्मियों ने बच्चियों के साथ संवाद कर उन्हें यह भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। रक्षाबंधन के मौके पर बच्चियों और पुलिसकर्मियों के बीच भाई-बहन जैसा स्नेहपूर्ण माहौल दिखाई दिया। पुलिस की ओर से बच्चियों को उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

कलेक्ट्रेट और बादलपुर थाने में हुए दोनों कार्यक्रमों की खासियत यह रही कि रक्षाबंधन का पर्व केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी सम्मान का संदेश भी देता दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट में विशेष बच्चों ने अपनी मेहनत और हुनर से तैयार राखियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने ला सकते हैं। वहीं बादलपुर थाने में बच्चियों और पुलिसकर्मियों के बीच मनाए गए रक्षाबंधन ने पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं सुरक्षा के रिश्ते को मजबूत करने का संदेश दिया। ग्रेटर नोएडा में रक्षाबंधन के इन दोनों आयोजनों ने पर्व को प्रेम, सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की भावना से जोड़ते हुए एक सकारात्मक सामाजिक संदेश दिया।
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