ग्रेटर नोएडा में ECHS कार्ड के फर्जी इस्तेमाल का बड़ा खेला, 4 गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 04:30 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में उजागर हुए इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दूसरी युवती की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज कराया, लाखों रुपये का फायदा उठाया और मौत के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे खेल को छिपाने की कोशिश की।

ग्रेटर नोएडा में जांच के दौरान खुला फर्जी इलाज का नेटवर्क

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की बिसरख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड के जरिए मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, ECHS कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वादी की बेटी के नाम से बने दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए तनु नाम की महिला का इलाज कराया। इस इलाज पर आने वाले करीब 6 लाख 50 हजार रुपये के खर्च का गलत तरीके से लाभ उठाया गया। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपचार के दौरान महिला की मौत हो जाने पर गिरोह ने कथित तौर पर उसी फर्जी पहचान के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार करवा दिया।

बहन के इलाज के लिए अपनाया गया फर्जी रास्ता

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिखा सिंह, यश सिंह, जितेंद्र यादव और दानिश खान के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में शिखा सिंह ने बताया कि उसकी सगी बहन तनु लंबे समय से बीमार थी। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण उसका इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान बुलंदशहर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात दानिश खान से हुई। शिखा के मुताबिक, दानिश ने कम खर्च में इलाज कराने का भरोसा दिया। उसके कहने पर उसने और उसके भाई यश सिंह ने तनु को किसी दूसरी युवती की पहचान पर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके लिए व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।

इलाज के दौरान मौत, फिर फर्जी नाम पर लिया गया शव

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि उपचार के दौरान तनु की मौत हो गई। इसके बाद शव भी उसी फर्जी नाम और पहचान के आधार पर लिया गया। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस पूरे काम के बदले दानिश खान को करीब 65 हजार रुपये ऑनलाइन दिए गए, जबकि बाकी रकम नकद में चुकाई गई। यह खुलासा ग्रेटर नोएडा में अस्पतालों की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। जिस आसानी से फर्जी कागजात के सहारे इलाज, क्लेम और बाद की औपचारिकताएं पूरी की गईं, उसने पूरे सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

दो साल से चल रहा था धोखाधड़ी का खेल

पूछताछ में दानिश खान ने बताया कि वह अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर पिछले करीब दो वर्षों से इस तरह का काम कर रहा था। दोनों ऐसे लोगों को तलाशते थे, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं होते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए अस्पतालों में भर्ती कराया जाता था और इलाज या क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराकर कमीशन लिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। जरूरतमंद मरीजों की पहचान करना, फर्जी दस्तावेज जुटाना, अस्पताल में भर्ती कराना और बाद में क्लेम का लाभ लेना यह पूरा खेल एक तय नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि दानिश खान और उसका साथी प्रदीप पहले भी नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र से जेल जा चुके हैं। अब ग्रेटर नोएडा पुलिस फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इलाज दिलाया है। Greater Noida News

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नोएडा शहर की न्‍यूज, 17 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

नोएडा की 17 मार्च की बड़ी खबरें: गैस सिलिंडर व्यवस्था, कचहरी हंगामा, फैक्ट्री हादसा, एयरपोर्ट तैयारी और ट्रैफिक सुधार की पूरी अपडेट एक साथ।

नोएडा शहर की न्यू ज, 17 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
नोएडा शहर की न्यू ज, 17 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
locationभारत
userदिनेश गुप्ता
calendar17 Mar 2026 09:40 AM
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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 17 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।


Noida News: समाचार अमर उजाला से  



अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार12 मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा गैस सिलिंडरों का वितरणशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिले की गैस एजेंसियों पर वितरण के समय फैली अव्यवस्था दूर होगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी एजेंसी पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है। कुल 12 मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं जो एजेंसियों पर गैस सिलिंडर वितरण की व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे। इस काम में पुलिस की भी मदद ली जाएगी। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियों से अपात्र लोगों को लाइन से हटाया जाएगा। ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण भारत में गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इस कारण सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोक दी थी। जिसके बाद से घरेलू गैस सिलिंडर की मारामारी शुरू हो गई थी। जिले की 62 गैस एजेंसियों पर रोजाना करीब 28 हजार गैस सिलिंडर का वितरण हो रहा है। यहां रोजाना सुबह से ही लोगों की कतार लग जाती है। लोग एजेंसियों पर कालाबाजारी का आरोप लगा रहे हैं। इस समस्या को देखकर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की है। कुल 12 मजिस्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर विवेक भदौरिया, वेदप्रकाश पांडेय व चारूल यादव, एसडीएम जेवर दुर्गेश सिंह, एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्र, तहसीलदार प्रतीत चौहान, ओम प्रकाश पासवान व अजय कुमार और नायब तहसीलदार प्रज्ञा चौहान, अजेंद्र तोमर, प्रीति बालियान शामिल हैं। सभी को 4 से 5 एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है। 


Noida News:


अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचारमारपीट पर भड़के वकील, कचहरी के गेट बंद कर पुलिस को खदेड़ाशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि  सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर सोमवार को शांति की बजाय उबाल का केंद्र बन गया, जब गुस्साए अधिवक्ताओं ने अपने ही न्यायालय के दरवाजों को बंद कर सुरक्षा कर्मियों को खदेड़ दिया। न्यायालय के शांत माहौल में अचानक अराजकता और आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा, और अधिवक्ताओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। इस नाटकीय घटनाक्रम ने न्यायिक कार्य को ठप कर दिया जिससे वादकारियों को परेशान होना पड़ा। जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी ने बताया कि आम सभा की बैठक में घटना के कृत्य की निंदा की गई। जिन पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मुकदमे के बारे में बताया गया कि अगर जरूरत पड़ी तो न्यायालय के माध्यम से मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। हालांकि असंवैधानिक कार्य का समर्थन नहीं किया जाएगा। जो लोग भी ऐसा कार्य कर रहे हैं बार उनके समर्थन नहीं करती है। एक अधिवक्ता राकेश शर्मा की ओर से शिकायत की गई है कि जिन अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई वह बार के सदस्य नहीं है। इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। 


सभी अधिवक्ता पीड़ित के साथ वहीं अधिवक्ता नीरज भाटी ने बताया कि मंगलवार को भी धरना जारी रहेगा। मांग पूरी नहीं होने पर पुलिस आयुक्त कार्यालय के घेराव की रणनीति भी बनाई जाएगी। प्रकरण में बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष और सचिव द्वारा दूरी बनाए रखने को लेकर भी अधिवक्ताओं में नाराजगी है। अगर अध्यक्ष और सचिव आंदोलन में सहयोग नहीं करते हैं तो जल्द ही कार्यकारी अध्यक्ष और सचिव घोषित कर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिवक्ता फरीद 2022 से नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। हार साल सदस्यता शुल्क अदा करते हैं। उनका पंजीकरण है। अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) पास कर रही है। वोटिंग लिस्ट में नाम न होना का मतलब यह नहीं है कि वह बार के सदस्य नहीं है।



Hindi News:


अमर उजाला ने 17 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचारचार दिन बाद कंपनी में मिला कर्मचारी का शवशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम कंपनी में आग लगने की घटना के चौथे दिन कंपनी के अंदर एक कर्मचारी का शव मिला है। उसकी पहचान उपेंद्र के रूप में हुई है जो हरौला में रहते थे। रविवार रात को आग बुझने के बाद सफाई के दौरान बेसमेंट में शव मिला। कोतवाली फेज वन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। सेक्टर-4 स्थित बी-40 में कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह अग लग गई थी। तीन मंजिला इस बिल्डिंग में सुबह करीब पौने छह बजे उस वक्त आग लगी थी जब रात्रि शिफ्ट में 300 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में आग की लपटें व धुआं फैल गया। इसके बाद कई लोगों ने दूसरी व तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। इनमें 37 लोग घायल हो गए थे। आग इतनी भयंकर थी कि चार दिन में आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। कंपनी के नीचे डबल बेसमेंट हैं। इसी बेसमेंट में लगी आग को बुझाने में करीब 20 लाख लीटर से अधिक पानी लगा। वहीं 32 गाड़ियों पर तैनात 100 से अधिक अग्निशमन कर्मचारी लगे रहे। दरअसल फैक्टरी में डबल बेसमेंट बना हुआ है। इसमें मीटर बनाने के लिए प्लास्टिक का दाना भी रखा हुआ था। रविवार रात को उपेंद्र का शव बेसमेंट में मिला। उपेंद्र आग लगने की घटना के बाद से लापता थे। वह बुधवार शाम को वह फैक्टरी आए थे। बृहस्पतिवार सुबह जब आग लगी तब से वह नहीं मिले। बेटे के घर नहीं पहुंचने पर उनके पिता लगातार कंपनी के बाहर आ रहे थे। उपेंद्र के पिता श्रवण कुमार ने बताया कि उनका बेटा एक साल से यहां काम करता था। कोतवाली प्रभारी अमित मान ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। 

 

Noida News: समाचार दैनिक जागरण से


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 17 मार्च 2026 का प्रमुख समाचारनोएडा एयरपोर्ट पर आग में झुलसे मरीजों को 'प्राइवेट' बर्न यूनिट में मिलेगा जीवनदान शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आग की घटना या हादसे में गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को तत्काल - चिकित्सा सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट बर्न वार्ड तैयार कराया है। पर्थला स्थित श्रीराम मेमोरियल अस्पताल में चार बेड के बर्न यूनिट को विशेषतौर पर नोएडा एयरपोर्ट के लिए तैयार किया गया है, जिसमें झुलसे मरीज को आसानी से सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल की तर्ज पर इलाज होगा। वहीं जिम्स और ईएसआइसी मेडिकल कालेज की फोरेंसिक प्रयोगशाला में जटिल मामलों की जांच की दुविधा दूर करने की रणनीति बन रही है। भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण टैरिफ दरों को लेकर सभी हितधारकों से सुझाव भी लेगा। 23 मार्च को इस संबंध में बैठक होगी। अप्रैल 2026 से पांच साल के लिए दरें लागू हो जाएंगी। खास बात है कि नोएडा एयरपोर्ट को नागर विमानन महानिदेशालय ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। माह माह के अंत में एयरपोर्ट का उद्घाटन संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी अपनी तरफ से कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. चंदन सोनी ने बताया कि पर्थला स्थित श्रीराम मेमोरियल अस्पताल में चार बेड की बर्न यूनिट बनाई गई है। नोएडा एयरपोर्ट पर आग की घटना में झुलसे मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए बर्न यूनिट का निरीक्षण किया गया। मानकों पर यूनिट मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को यूनिट के लिए हरी झंडी दे दी गई। इसके अलावा जिम्स और शारदा केयर में भी अस्पताल प्रबंधकों से बर्न यूनिट पर वार्ता हो रही है।



दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचारसोसायटी में तकनीकी कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर की हड़तालशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल कर दी। हर माह की सात तारीख को उनका वेतन मिलता था। इस बार यह वेतन नहीं मिल सका। एक मार्च को हुए एओए चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी को डिप्टी रजिस्ट्रार ने पंजीकृत नहीं किया है। पुरानी कार्यकारिणी की ओर से तकनीकी सेवा दे रही एजेंसी को भुगतान नहीं किया। भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका। बता दें पास टिएरा सोसायटी में पुरानी कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने चुनाव पारदर्शिता के साथ नहीं होने का आरोप लगाते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में शिकायतें दर्ज कराईं। चुनाव को दो सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी एओए का पंजीकरण नहीं हो सका है। नई कार्यकारिणी के पास बैंक खाते से किसी को भुगतान करने का अधिकार नहीं हैं। तकनीकी क्षेत्र में सेवाएं दे रही एजेंसी को पांच माह का भुगतान नहीं हुआ है। एजेंसी 32 कर्मचारियों को अपनी ओर से भुगतान कर रही थी। एजेंसी ने इस महीने का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। वर्तमान एओए अध्यक्ष सुखपाल सिंह राणा ने बताया कि चुनाव में प्रतिभाग करने और जीत दर्ज नहीं कर पाने वाले नौ उम्मीदवारों ने डिप्टी रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में चुनाव पारदर्शिता के साथ ही होने की बात कही है। पुरानी एओए बोर्ड से दो प्रमुख पदाधिकारी गलत शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। सोमवार को भी कार्यकारिणी ने बैठक कर डिप्टी रजिस्ट्रार से एओए पुंजीकरण की गुहार लगाई है। 



दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 17 मार्च  का प्रमुख समाचार भंगेल एलिवेटेड पर बनेंगे चार लूप एक लाख लोगों को मिलेगी राहत शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेंट्रल नोएडा में एक लाख से ज्यादा लोगों को यातायात सुविधा देने के लिए भंगेल एलिवेटेड पर चार लूप बनाए जाने है। इनका डिजाइन तैयार किया गया है। यह डिजाइन आइआइटी दिल्ली भेजा गया है। 14 दिन के अंदर आइआइटी से अप्रूव के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। महाप्रबंधक सिविलं एके अरोड़ा ने बताया कि करीब 4.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड को नवंबर में खोला गया था। इस पर चढ़ने और उतरने के लिए सेक्टर-49-107 चौराहे पर दोनों ओर दो-दो लूप बनाए जाएंगे। सेक्टर-37 से आकर सेवन एक्स सेक्टर की ओर जाने के लिए हनुमान मूर्ति के पास लूप उतरेगा। इसी तरह सेवन एक्स से फेज टू की ओर से सूरजपुर की ओर जाने वालों के लिए लूप चढ़ाया जाएगा। इसके दूसरी तरफ सेक्टर-107 की ओर चढ़ने-उतरने के लिए लूप बनेगा। भंगेल एलिवेटेड रोड को उत्तर प्रदेश सेतुं निगम ने बनाया। अनुबंध के अनुसार उसके नीचे करीब पांच किमी लंबी सड़क भी वहीं बना रहा है। जिसे तीन माह में पूरा किया जाएगा। लूप बनाने का काम नोएडा प्राधिकरण खुद करेगा। महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने आइआइटी से अप्रूवल आने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। चारों लूप का निर्माण एक ही कंपनी करेगी। समय से पूरा होने पर ये काफी फायदा देगी। इन लूप को बनाने में करीब 45 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके बनने से एलिवेटेड रोड की वायबिलिटी काफी बढ़ जाएगी क्योंकि सेवन एक्स सेक्टर में अधिकांश सोसायटी है। अभी एलिवेटेड पर चढ़ने और उतरने के लिए यहां कोई लूप नहीं है। 


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ग्रेटर नोएडा में जाम पर लगेगा ब्रेक, ITBP गोलचक्कर को मिलेगा नया रूप

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक सुधार शुरू
ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक सुधार शुरू
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 12:10 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ITBP गोलचक्कर पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगले दो से तीन महीने में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।

ITBP गोलचक्कर पर शुरू हुआ सुधार अभियान

ग्रेटर नोएडा के Sector Pi-1 स्थित ITBP गोलचक्कर को लंबे समय से ट्रैफिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम के पीक ऑवर में यहां वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी थीं। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने गोलचक्कर के ढांचे में बदलाव का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत गोलचक्कर की परिधि कम की जा रही है, जबकि उससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई भी घटाई जा रही है, ताकि वाहनों को मुड़ने और निकलने के लिए अधिक जगह मिल सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, ITBP गोलचक्कर के चारों ओर सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ाने के लिए करीब 2.5 मीटर तक स्पेस निकाला जा रहा है, जबकि डिवाइडरों की लंबाई में भी लगभग 2.7 मीटर की कमी की जा रही है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि गोलचक्कर के पास ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन बिना रुकावट के गुजर सकेंगे। सिर्फ ट्रैफिक सुधार ही नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को नया और आकर्षक रूप देने की भी तैयारी है।

Greater Noida के अन्य चौराहों पर भी होगा काम

ITBP गोलचक्कर के अलावा ग्रेटर नोएडा के कई अन्य व्यस्त चौराहे भी प्राधिकरण की सुधार योजना में शामिल किए गए हैं। इनमें Sector Beta-1 का रामपुर गोलचक्कर, Ryan School चौराहा, एलजी चौक, लेबर चौक डेल्टा-1 और अमृतपुरम जैसे स्थान प्रमुख हैं। इन इलाकों में भी व्यस्त घंटों के दौरान जाम की समस्या बढ़ती रही है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इन बिंदुओं को व्यवस्थित और अधिक ट्रैफिक-फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1, रामपुर गोलचक्कर को भी पुनर्विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण की योजना है कि इस गोलचक्कर का आकार भी कम किया जाए और उसे आधुनिक ट्रैफिक जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया जाए। माना जा रहा है कि इससे Beta-1 और आसपास के सेक्टरों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते यातायात को देखते हुए ऐसे चौराहों का पुनर्गठन अब जरूरत बन गया है।

ACEO ने क्या कहा

ग्रेटर नोएडा के ACEO सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ITBP गोलचक्कर पर ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। गोलचक्कर का आकार छोटा किया जा रहा है और डिवाइडरों की लंबाई भी कम की जा रही है। साथ ही आसपास की सर्विस रोड को भी दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि मुख्य सड़क पर दबाव कम किया जा सके।

ITBP से Wipro गोलचक्कर तक बनेगी सर्विस रोड

ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ITBP से Wipro गोलचक्कर तक करीब दो किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के निर्माण की योजना भी तेज कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम के अनुसार, इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में गोदरेज सोसाइटी की ओर सर्विस रोड बनाई जाएगी। इस परियोजना पर करीब 5.23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सर्वे में सामने आई थी कमी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में यह पाया गया था कि शहर की कई अहम सड़कों के किनारे सर्विस रोड का अभाव है। यही वजह है कि लोकल ट्रैफिक और मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। अब प्राधिकरण इस कमी को दूर कर ग्रेटर नोएडा की सड़कों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

लोगों को क्या मिलेगा फायदा

ITBP गोलचक्कर और आसपास के चौराहों पर प्रस्तावित ये बदलाव लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों को रोजाना के जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क चौड़ी होने, डिवाइडर छोटे होने और सर्विस रोड विकसित होने से ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा। खासतौर पर दफ्तर जाने वाले, स्कूल बसें, औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय निवासी इस सुधार का सीधा लाभ उठा सकेंगे। Greater Noida News