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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वायु प्रदूषण के मद्देनजर एनजीटी की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर दो बिल्डरों पर 5.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम शीघ्र ही प्राधिकरण के खाते में जमा करने और दोबारा उल्लंघन करने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एनीजीटी की तरफ से तय नियमों का पालन कराने के लिए सीईओ रितु माहेश्वरी के निर्देश पर प्राधिकरण की तरफ से हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बाद से निर्माण कार्यों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। निर्माण स्थलों को कवर कराया गया है। सड़कों पर पानी का लगातार छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए वाटर स्प्रिंकलर की संख्या बढ़ाई गई है। साफ-सफाई पर भी विशेष जोर है। एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। सभी वर्क सर्किल को अपने एरिया में नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में वर्क सर्किल पांच के वरिष्ठ प्रबंधक अनिल जौहरी ने बुधवार को अपनी टीम के साथ सेक्टर -27 के रीक्रिएशनल ग्रीन एरिया में स्थित प्रोजेक्टों का निरीक्षण किया। इस दौरान हेमिस्फेयर के नाम पर आवंटित भूखंड संख्या आरईपी दो, सेक्टर 27 में निर्माण कार्य होता पाया गया, जिसके चलते बिल्डर पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह सेक्टर 27 में ही यमुना बिल्डटेक प्रा. लि. के प्लॉट पर निर्माण सामग्री बिना ढके रखी हुई थी, जिसके चलते उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोनों बिल्डरों से जुर्माने की रकम प्राधिकरण के खाते में शीघ्र जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रेनो प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने ग्रेटर नोएडावासियों से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एनजीटी के नियमों का पालन करने की अपील की है। सीईओ ने नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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