रविवार को ग्रेटर नोएडा के प्रेस क्लब में स्वर्ण समाज से जुड़े हुए अनेक बड़े बुद्धिजीवी एक मंच पर एकत्रित हुए। एक मंच पर एकत्रित होकर स्वर्ण समाज के बुद्धिजीवियों ने मीडिया के सामने एक नए संगठन के गठन की घोषणा की।

Greater Noida News : रविवार को ग्रेटर नोएडा के प्रेस क्लब में स्वर्ण समाज से जुड़े हुए अनेक बड़े बुद्धिजीवी एक मंच पर एकत्रित हुए। एक मंच पर एकत्रित होकर स्वर्ण समाज के बुद्धिजीवियों ने मीडिया के सामने एक नए संगठन के गठन की घोषणा की। इस दौरान स्वयं समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि उनका संगठन आरक्षण व्यवस्था का विरोधी नहीं है। दरअसल, उनका कहना है कि आरक्षण की व्यवस्था को जाति के आधार से हटकर आर्थिक आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उनका यह भी कहना था कि आरक्षण के विरोध में चल रहे आंदोलन को किसी जाति अथवा वर्ग के विरोध से जोड़कर देखना सरासर गलत है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित बैठक में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, UGC के नए प्रावधानों के RollBack तथा SC/ST Act में कानूनी सुधार जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद उपस्थित लोगों ने इन मुद्दों को लेकर संगठित तरीके से अभियान चलाने के लिए ‘सवर्ण स्वाभिमान मंच, गौतमबुद्धनगर’ के गठन की घोषणा की। बैठक की अध्यक्षता वैश्य समाज के वरिष्ठ नेता मनोज गोयल ने की, जबकि संचालन प्रमोद शर्मा एडवोकेट ने किया। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से कपिल शर्मा एडवोकेट को मंच का संयोजक चुना। मंच की ओर से कहा गया कि संगठन का उद्देश्य किसी जाति या समुदाय के खिलाफ अभियान चलाना नहीं है, बल्कि आरक्षण, उच्च शिक्षा से जुड़े नियमों और SC/ST Act से संबंधित अपने विचारों एवं मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सरकार तथा आम जनता के सामने रखना है। Greater Noida News
बैठक में मंच की ओर से आरक्षण को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया गया। पदाधिकारियों के अनुसार, सवर्ण स्वाभिमान मंच आरक्षण को पूरी तरह समाप्त करने की मांग नहीं कर रहा है। मंच चाहता है कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाए और इसके निर्धारण में आर्थिक स्थिति तथा वास्तविक वंचितता को प्रमुख आधार बनाया जाए। मंच से जुड़े लोगों का कहना है कि आरक्षण को लेकर उनकी मांग को किसी जाति या समाज के खिलाफ आंदोलन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अवसरों और सहायता की व्यवस्था होनी चाहिए तथा नीति निर्धारण में वास्तविक वंचितता को ध्यान में रखा जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग संगठनों की ओर से प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में जौनपुर में भी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव, UGC के नियमों की वापसी और SC/ST Act में संशोधन जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन की खबर सामने आई थी। Greater Noida News
सवर्ण स्वाभिमान मंच ने UGC RollBack को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC की वेबसाइट पर University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 को नए नियमों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। UGC के अनुसार ये नियम 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुए हैं। इन नियमों का घोषित उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को समाप्त करना और समानता एवं समावेशन को बढ़ावा देना है। हालांकि, सवर्ण स्वाभिमान मंच इन नए प्रावधानों को लेकर आपत्ति जता रहा है और इन्हें वापस लेने की मांग कर रहा है। मंच के अनुसार इस विषय पर व्यापक जनसंवाद और पुनर्विचार की आवश्यकता है। Greater Noida News
बैठक में SC/ST Act को लेकर भी मंच ने अपना पक्ष रखा। संगठन का कहना है कि वह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वास्तविक पीड़ितों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण के खिलाफ नहीं है। मंच की मांग है कि कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने और निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधान तथा संतुलित प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। कानूनी रूप से Scheduled Castes and the Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989 का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ अत्याचारों को रोकना तथा ऐसे मामलों में विशेष न्यायालयों और पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था करना है। मंच की ओर से इस कानून में सुधार की मांग को इसी संदर्भ में रखा गया है और कहा गया है कि वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण मिलने के साथ निर्दोष लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी उचित कानूनी प्रक्रिया होनी चाहिए। Greater Noida News
सवर्ण स्वाभिमान मंच ने अपने आगामी अभियान की रूपरेखा भी बैठक में तय की। मंच के अनुसार पहले चरण में गौतमबुद्धनगर जिले में सक्रिय ब्राह्मण, वैश्य एवं व्यापारी, क्षत्रिय सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से संपर्क किया जाएगा। मंच का कहना है कि इन मुद्दों पर सहमति रखने वाले किसी भी जाति या समाज के नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके बाद अभियान को जिले से बाहर ले जाने और आरक्षण, UGC नियमों तथा SC/ST Act से जुड़े संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर जनसंवाद करने की योजना है। Greater Noida News
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 2 अक्टूबर 2026 को लेकर रहा। मंच ने गांधी जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय सूरजपुर में बड़े शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान किया है। मंच के संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने प्रस्ताव रखा कि 2 अक्टूबर को जिलेभर से लोगों को आंदोलन में आमंत्रित किया जाए। आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजने की बात कही गई।
ज्ञापन में मंच की ओर से मुख्य रूप से—
जैसी मांगें रखे जाने की बात कही गई है। प्रस्ताव को बैठक में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। Greater Noida News
मंच की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि 2 अक्टूबर का आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
त्यागी समाज के वरिष्ठ नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजेश त्यागी ने कहा कि आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए मंच के सदस्य जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाएंगे। सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें 2 अक्टूबर के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। क्षत्रिय समाज के वरिष्ठ नेता पवन रावल ने उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि सवर्ण स्वाभिमान मंच संवाद, संगठन और संवैधानिक संघर्ष के माध्यम से अपनी मांगों को आगे बढ़ाएगा। मंच की ओर से समान अवसर, सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की बात कही गई। Greater Noida News
बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी सुधीर वत्स, जितेंद्र अग्रवाल, संजय शर्मा एडवोकेट, परमानंद कौशिक एडवोकेट, मोहित गर्ग एडवोकेट, विवेक रावल, सचिन शर्मा एडवोकेट, प्रमोद त्यागी, गुलशन शर्मा एडवोकेट और वरनिल त्यागी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में हुई इस बैठक के साथ गौतमबुद्धनगर में आरक्षण, UGC नियमों और SC/ST Act में सुधार को लेकर एक नए सामाजिक मंच की शुरुआत हुई है। अब 2 अक्टूबर को सूरजपुर जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित आंदोलन इस मंच के लिए पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। Greater Noida News
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