
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा की सलारपुर अंडरपास के नीचे आंदोलनकारी किसानों द्वारा लगातार अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। पीड़ित किसानों द्वारा यह प्रदर्शन यमुना प्राधिकरण की दोहरी नीतियों के विरुद्ध भारतीय किसान यूनियन अजगर के नेतृत्व में किया जा रहा है। अनिश्चितकालीन धरने के 14वें दिन कई स्कूल के बच्चों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारी किसानों का समर्थन किया। इस दौरान धरना स्थल पर अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
ग्रेटर नोएडा के सलारपुर अंडरपास के नीचे किसानों द्वारा यमुना प्राधिकरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना जारी है। कल धरने के 14 वे दिन किसानों को स्कूली बच्चों का समर्थन मिला। कई स्कूली बच्चों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री से अपील की और प्राधिकरण व शासन-प्रशासन के अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए हवन यज्ञ भी किया।
बच्चों का कहना था कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और हम भी किसान परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। जब हमें पता चला कि यमुना प्राधिकरण द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है। जिस आदेश में कोर्ट ने किसानों को 64% अतिरिक्त प्रतिकर देने का निर्णय किया था लेकिन सरकार की गैरजिम्मेदारी और यमुना प्राधिकरण के भ्रष्ट और तानाशाह अधिकारियों के मनमाने रवैया के चलते उन्हें अभी तक मुआवजा वितरित नहीं किया गया है। तो हमने भी किसानों के समर्थन में उनके धरने में पहुंचकर अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। बच्चों के इस हौसले और आत्मीय भाव को देख सभी किसानों और क्षेत्रवासियों ने उनकी प्रशंसा की।
किसानों का कहना है कि यमुना प्राधिकरण के अधिकारी माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। मई 2022 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने प्राधिकरण को 90 दिन के अंदर किसानों का 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर देने का आदेश जारी किया था। लेकिन कोर्ट के निर्णय के 1 वर्ष बाद भी प्राधिकरण के अधिकारी अपने मनमाने रवैया से बाज नहीं आ रहे हैं, और अभी तक किसानों को मुआवजा वितरित नहीं किया है।
इससे आक्रोशित किसान यमुना प्राधिकरण के विरुद्ध पिछले 14 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। साथ ही 10% विकसित भूखंड व आबादी निस्तारण, स्थान में युवाओं के रोजगार की मांग जैसी अन्य समस्याओं को लेकर भी किसानों मैं सरकार और प्राधिकरण के खिलाफ रोष व्याप्त है। हवन यज्ञ में यमुना प्राधिकरण से प्रभावित दर्जनों गांवों के पीड़ित किसान मौजूद रहे।