CM योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेकर घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों को सहायता के निर्देश दिए।

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए भीषण बस अग्निकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। जेवर क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास चलती स्लीपर बस में अचानक आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्रियों के घायल होने की सूचना है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है और घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर हादसे को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी अधिकारियों को राहत और उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर हादसे को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी अधिकारियों को राहत और उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से उत्तर प्रदेश की ओर जा रही थी। बुधवार देर रात करीब 11 बजे के आसपास यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में बस में अचानक आग लग गई। उस समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे और कई यात्री सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के भीतर धुआं भर गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धुएं के कारण बस के अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
पुलिस के अनुसार इस हादसे में एक महिला समेत कुल 9 लोगों की मौत हुई है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और परिजनों को घटना की सूचना देने की प्रक्रिया की गई है। कई यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, फायर ब्रिगेड और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। आग पर काबू पाने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात को सामान्य किया गया।
बस में आग लगने के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जांच में बस के एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसलिए आग लगने के कारण को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
हादसे के संबंध में पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की है। मामले में लापरवाही और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को निर्देशित किया कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे तथा पीड़ित परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद जिला प्रशासन और पुलिस स्तर पर भी राहत एवं बचाव कार्रवाई तेज की गई है।
यात्रियों ने बताया—अंदर भर गया था धुआं
हादसे से बचकर निकले यात्रियों ने भयावह स्थिति का वर्णन किया है। एक यात्री के अनुसार वह बस में सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है। जब तक वह बाहर निकलने की कोशिश करता, बस में धुआं भर चुका था और यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
कई यात्रियों ने किसी तरह खिड़की और दरवाजे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई।
हादसे ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और बसों की तकनीकी फिटनेस को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
चेतना मंच लगातार हादसे से जुड़ी हर आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है। मृतकों की पहचान, घायलों की स्थिति, आग लगने के वास्तविक कारण और पुलिस जांच से जुड़े नए अपडेट सामने आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।
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