ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की दो सगी बहनों ने एक साथ PCS अधिकारी बनकर बड़ा काम कर डाला है। ग्रेटर नोएडा की इन सगी बहनों ने PCS अधिकारी बनकर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र, समाज तथा परिवार का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की दो सगी बहनों ने एक साथ PCS अधिकारी बनकर बड़ा काम कर डाला है। ग्रेटर नोएडा की इन सगी बहनों ने PCS अधिकारी बनकर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र, समाज तथा परिवार का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया है। UPPCS का रिजल्ट घोषित होने के बाद से दोनों बहनों के परिवार को लगातार बधाईयां मिल रही हैं। हर कोई ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की इन सगी बहनों की उपलब्धि की तारीफ कर रहा है।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के डेरी मच्छा गाँव में सामाजिक कार्यकर्ता मनबीर नागर रहते हैं।। हाल ही में घोषित हुए UPPCS के रिजल्ट में निधी नागर तथा नेहा नागर ने एक साथ सफलता हासिल की है। निधी नागर तथा नेहा नागर PCS अधिकारी वर्ग में असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्स टैक्स) बनी हैं। दोनों सगी बहनों के एक साथ PCS अधिकारी बनने से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक नया इतिहास बन गया है। ग्रेटर नोएडा से लेकर दादरी क्षेत्र में दोनों बहनों की खूब तारीफें हो रही हैं। नागरिकों का कहना है कि इस उपलब्धि से मनबीर सिंह नागर के परिवार, गुर्जर समाज तथा पूरे ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का सम्मान बढ़ा है।
निधी नागर तथा नेहा नागर के पिता मनबीर नागर ने बताया कि उनकी बेटी निधी नागर ने अपनी स्कूली पढ़ाई दादरी नगर के चिल्ड्रेन एकेडमी नामक स्कूल से की है। उसके बाद निधी नागर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलिज से ग्रेजुएशन की तथा दिल्ली स्कूल ऑफ इकानॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी की। उनकी छोटी बेटी नेहा नागर ने भी स्कूली पढ़ाई दादरी की चिल्डे्रन एकेडमी से करके दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन तथा दौलतराम कॉलिज से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है।
ग्रेटर नोएडा में रहने वाली निधी नागर तथा नेहा नागर ने PCS अधिकारी बनने का पूरा श्रेय अपने पिता मनबीर सिंह नागर तथा अपनी माताजी श्रीमती वीरवती नागर को दिया। दोनों बहनों का कहना है कि उनको लगातार पढ़ाई करते रहने के लिए उनके माता-पिता ने भरपूर योगदान दिया है। दोनों बहनें PCS अधिकारी बनने का पूरा क्रेडिट अपने माता-पिता को ही देती हैं। दोनों बहनों ने बताया कि उन्होंने नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और आत्मविश्वास के साथ तैयारी की। कई वर्षों की कठिन मेहनत के बाद उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए धैर्य, अनुशासन और लगातार प्रयास सबसे जरूरी होते हैं। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढऩा चाहिए। निधि नागर और नेहा नागर की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्चे मन से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी इस उपलब्धि से खासकर बेटियों को यह संदेश मिला है कि शिक्षा और मेहनत के दम पर वे किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। ग्रेटर नोएडा के सामाजिक और शैक्षिक संगठनों ने भी दोनों बहनों को सम्मानित करने की घोषणा की है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से पूरे जिले की बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर प्रेरित होंगे। Greater Noida News