Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बिल्डर द्वारा रुपया लेने के बाद भी खरीददार को फ्लैट पर कब्जा ना देने और रुपये वापस मांगने पर रुपये वापस ना करना भारी पड़ गया। कोर्ट के आदेश पर सोसायटी का क्लब हाउस और दुकान को कुर्क कर दिया गया। अब कुर्क की गई संपत्ति से फ्लैट बॉयर्स की रकम वापस की जाएगी।
मामला ग्रेटर नोएडा की एलिगेंड विले सोसायटी का है। इस सोसायटी की दुकान और क्लब हाउस को कुर्क कर लिया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार को गई। रोडवेज के रिटायर कंडक्टर ने अपनीे रिटायरमेंट की रकम से फ्लैट खरीदा था, लेकिन छह साल तक भी उसे कब्जा नहीं दिया गया।
अधिवक्ता केके भाटी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के पाई सेक्टर निवासी आरबी शर्मा यूपी रोडवेज के रिटायर कंडक्टर हैं, उन्होंने रिटायरमेंट के दौरान मिली रकम से ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एलिगेंट विले प्रोजेक्ट में वर्ष 2013 में तीन कमरों का एक फ़्लैट बुक कराया था। वर्ष 2017 में फ्लैट पर कब्जे का वादा किया गया था। आरबी शर्मा ने करीब 75 प्रतिशत रकम का भुगतान भी कर दिया था। वर्ष 2016 में हार्टअटैक आने के कारण आरबी शर्मा के परिजन ने बुकिंग कैंसिल कर रुपया लौटाने के लिए कहा।
आरोप है कि रुपया नहीं लौटाया गया और न ही अब तक फ्लैट पर कब्जा दिया गया। इसके चलते वर्ष 2019 में आरबी शर्मा ने कॉमर्शियल कोर्ट में याचिका दायर की। अब कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को सिविल कोर्ट के अमीन, वकील और पीड़ित पक्ष की मौजूदगी में क्लब हाउस व एक दुकान को कुर्क किया गया।
अब पीड़ित को उनका रुपया वापस दिलाया जाएगा। बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट में 761 फ़्लैटों में से 686 की बिक्री की जा चुकी है, लेकिन कई खरीदारों को कब्जा नहीं मिला था। इसी के चलते कई खरीदारों ने यूपी रेरा में भी शिकायत कर रखी है।