Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निवास करने वाले सपेरा समाज में हुई एक मौत के बाद भी मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। सपेरा समाज के इन लोगों ने 12 घंटे तक एक ऐसा काम किया, जिससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए। काफी समझाने बुझाने के बाद ही सपेरा समाज के लोगों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया।
दरअसल, हम आपको बताते हैं कि ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र के गांव रीखला में सपेरा समाज के करीब 200 परिवार निवास करते हैं। सपेरा समाज में किसी भी व्यक्ति के निधन के बाद शव को दफनाया जाता है। सपेरा समाज के लोगों का आरोप है कि समाज के किसी व्यक्ति की मौत होने पर शव दफनाने के लिए श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं है। पहले उनके लिए श्मशान था मगर उसे प्राधिकरण ने अधिग्रहीत कर लिया और जल्द ही श्मशान घाट बनाने का आश्वासन दिया था। बुधवार तड़के बीमारी की वजह से गांव के 60 वर्षीय धनिया नाथ का निधन हो गया। परिजनों के सामने शव दफनाने के लिए श्मशान घाट की समस्या आई।
इस पर लोग शव को घर के बाहर रखकर श्मशान की भूमि मुहैया कराने को लेकर यमुना प्राधिकरण के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बद्री नाथ और कैलाश नाथ ने कहा, जब तक शव दफनाने के लिए भूमि चिह्नित नहीं की जाएगी, तब तक शव को घर पर ही रखेंगे।
पुलिस व प्राधिकरण के अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन लोग जिद पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर अंकित कुमार पहुंचे और आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। एसडीएम ने प्राधिकरण सीईओ से वार्ता कर भूमि उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए।