
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के एक सेक्टर में छोटे से चुनाव को लेकर गुर्जर समाज के दो नेताओं में आमने सामने की जंग चल रही है। अब यह विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी है।
यूपी के ग्रेटर नोएडा शहर में एक सेक्टर की रेजीडेंट वैलफेयर सोसायटी (RWA) के छोटे से चुनाव का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला ग्रेटर नोएडा शहर के डेल्टा 2 सेक्टर का है। यहां गुर्जर समाज के दो नेता RWA के चुनाव को लेकर आपस में ही लड़ रहे हैं। अब यह मामला उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2023 को होगी।
ग्रेटर नोएडा में डेल्टा 2 सेक्टर आरडब्ल्यूए का चुनावी अखाड़ा बन गया है। इस सेक्टर में RWA अध्यक्ष गुर्जर समाज से ताल्लुक रखने वाले अजब सिंह भाटी प्रधानजी है। उनकी कार्यकारिणी के महासचिव भी गुर्जर समाज से ही आने वाले आलोक नागर हैं। आलोक नागर अपना प्रमोशन कराकर RWA के अध्यक्ष बनना चाहते हैं। बताया जाता है कि सोसायटीज के डिप्टी रजिस्ट्रार से ''सैटिंग'' करके आलोक नागर व उनके गुट ने 18 अगस्त को RWA का चुनाव का कराने का निर्देश जारी करा दिया था। डिप्टी रजिस्ट्रार के इस फैसले को अजब सिंह भाटी गुट ने अलोकतांत्रिक फैसला करार दिया है।
Read More - बड़ी खबर : नोएडा में आज नया इतिहास रचेंगे गृहमंत्री अमित शाह Noida News
आपने शायद ही पहले ऐसा कोई उदाहरण सुना हो कि एक सेक्टर के छोटे से चुनाव का मामला हाईकोर्ट जैसी बड़ी अदालत तक गया हो। RWA डेल्टा 2 का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने RWA के चुनाव पर रोक लगाते हुए इस मामले में अगली सुनवाई 28 सितंबर को तय कर दी है। अब 28 सितंबर को तय होगा कि RWA का चुनाव कब कराया जाएगा। वर्तमान अध्यक्ष अजब सिंह भाटी का दावा है कि उनका कार्यकाल 2024 तक के लिए निर्धारित है। कुछ लोग कायदे कानून को ताक पर रखकर जबरन ''सेटिंग गैटिंग'' से चुनाव कराना चाहते हैं।
डेल्टा 2 के RWA में होे रहे विवाद की चर्चा गुर्जर समाज के साथ साथ ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में खूब हो रही है। नागरिकों का कहना है कि आरडब्ल्यूए का चुनाव इतना महत्वपूर्ण नहीं है जितनी महत्वपूर्ण समाज की एकता है। इस चुनाव के कारण गुर्जर समाज की एकता प्रभावित हो रही है। समाज के कुछ जिम्मेदार लोग इस मुद्दे पर पंचायत करके दोनों गुटों के बीच समझौता कराने का भी प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच आलोक नागर ने एक लिखित बयान जारी किया है । चेतना मंच को भेजे गए इस बयान को हम यहाँ हू ब हू प्रकाशित कर रहे हैं ।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा टू आर डब्लू ए महासचिव आलोक नागर ने बयान में कहा कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन होती है और जो व्यक्ति जनता के जनादेश और आवाज को कुचलते है वो कभी भी संतुष्ट नही हो सकते है। माननीय उच्च न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है और चुनाव के आदेश पर रोक अस्थायी है । हमारे अधिवक्ता माननीय न्यायालय को यह समझाने में असमर्थ रहे कि चुनाव विधिमान्य ही नही हुआ और चुनाव 3 वर्ष के लिए ही हुआ था। अजब सिंह प्रधान 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद भी पद को छोड़ना नही चाहता क्यो? ऐसा व्यक्ति तभी करता है जब वह पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार में लिप्त हो । दूसरा एक तरफ तो चुनाव में नॉमिनेशन किया जाता है और दूसरी तरफ चुनाव को रोकने के प्रयास किये जाते है क्योकि जनता पूर्ण रूप से नकार चुकी है । और रण में योद्धा लड़ते है कायर तो सिर्फ पीठ दिखाकर भागते है । हिम्मत थी और कार्य किए थे तो चुनाव लड़कर अपने आप को साबित करते । लेकिन सूर्य पुनः उदय होगा ,सत्य की विजय होगी और चुनावी प्रक्रिया बन्द नहीं हुई कुछ जवाब मांगा गया है दोनों पक्षों से और जल्द ही चुनाव प्रक्रिया जहाँ से बंद हुई है पुनः चालू होगी जल्द न्याय होगा। आलोक नागर, महासचिव आर डब्लू ए डेल्टा टू : Greater Noida
ग्रेटर नोएडा - नोएडा की खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।
देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।