Greater Noida West News: अब इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलना बाकी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस रूट पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मेट्रो को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच प्रस्तावित मेट्रो रूट को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से मंजूरी मिल गई है। अब इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलना बाकी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस रूट पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
शुक्रवार को नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की 48वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक में बजट और ऑडिट रिपोर्ट समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सबसे अहम जानकारी ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को लेकर सामने आई। NMRC के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को PIB से मंजूरी मिल चुकी है। अब इसके लिए नोट तैयार कर इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
प्रस्तावित मेट्रो रूट की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। डीपीआर के मुताबिक इस रूट पर कुल पांच स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। सेक्टर-61 में इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा जहां से यात्री आगे के रूट से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-4 में स्टेशन प्रस्तावित हैं। सेक्टर-4 का स्टेशन किसान चौक के पास बनाया जाना प्रस्तावित है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में हाईराइज सोसाइटियां विकसित हुई हैं। सेक्टर-1, 2, 3, 4, टेकजोन-4, सेक्टर-16, 16बी, 16सी, सेक्टर-10, 12, ईकोटेक-6 और नॉलेज पार्क के आसपास बड़ी आबादी रहती है। इन इलाकों में 100 से ज्यादा हाईराइज सोसाइटियां हैं। आबादी बढ़ने के साथ यहां आने-जाने और लास्टमाइल कनेक्टिविटी की जरूरत भी बढ़ी है। ऐसे में मेट्रो रूट शुरू होने से इन इलाकों में रहने वाले लोगों को आवाजाही में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोग लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग करते रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। मेट्रो की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को फिलहाल दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलाने की योजना करीब 10 साल पहले बनाई गई थी। इस दौरान ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में नई सोसाइटियां बनीं और यहां आबादी भी काफी बढ़ी। ऐसे में मेट्रो की जरूरत पहले के मुकाबले और ज्यादा महसूस होने लगी है।
उत्तर प्रदेश सरकार नए मेट्रो रूट की डीपीआर को इसी साल मंजूरी दे चुकी है। अब परियोजना की फाइल केंद्र सरकार के पास है। PIB की मंजूरी के बाद अगला बड़ा कदम केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी है। अगर कैबिनेट से भी मंजूरी मिलती है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इस रूट के तैयार होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बड़ी आबादी को नोएडा से बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
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