नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार पर काम तेज होने के संकेत हैं और प्रस्तावित प्लान के मुताबिक नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-61 से निकलकर सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) तक पहुंचेगा। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में चार नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जुड़ी यह बड़ी खबर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार पर काम तेज होने के संकेत हैं और प्रस्तावित प्लान के मुताबिक नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-61 से निकलकर सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) तक पहुंचेगा। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में चार नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। अगर यह विस्तार जमीन पर उतरता है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 100 से अधिक हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों की रोजाना आवाजाही को बड़ा सहारा मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, नोएडा का सेक्टर-61 स्टेशन डीएमआरसी और एनएमआरसी का संयुक्त स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसे जंक्शन की तर्ज पर तैयार करने की योजना है, ताकि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से आने वाले यात्री बिना ज्यादा परेशानी के एनएमआरसी/एक्वा लाइन के जरिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक पहुंच सकें। मेट्रो विस्तार की सबसे अहम कड़ी इसे आरआरटीएस (नमो रेल) से जोड़ना है। प्रस्ताव है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) स्टेशन पर लाइन आरआरटीएस से कनेक्ट होगी। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यात्रियों को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने के लिए तेज और संगठित कनेक्टिविटी मिल सकती है। बताया जा रहा है कि पहले नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो विस्तार का प्लान उत्तर प्रदेश कैबिनेट से दो चरणों में मंजूर हो चुका था, लेकिन यह रूट गाजियाबाद से जेवर तक प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर के रास्ते में बाधा बन रहा था। इसी वजह से केंद्र स्तर पर इस स्वरूप को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब नई रणनीति के तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 को आरआरटीएस से जोड़कर योजना को व्यावहारिक बनाया जा रहा है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कृष्णा करुणेश के मुताबिक, यह विस्तार उसी मेट्रो प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे यूपी कैबिनेट ने नॉलेज पार्क-5 तक मंजूरी दी थी। फर्क सिर्फ इतना है कि अब योजना का केंद्र ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (गौर चौक) स्टेशन को आरआरटीएस से जोड़ने पर रखा गया है। यह लिंक तैयार होते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रोज़ाना लगने वाले ट्रैफिक जाम का दबाव कम होने की उम्मीद है और यात्रियों को एक्वा लाइन के जरिए भरोसेमंद, तेज और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर की डीपीआर लगभग अंतिम रूप में है। कुछ तकनीकी संशोधनों के बाद प्रस्ताव को फिर से यूपी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही गौर चौक तक मेट्रो विस्तार की औपचारिक प्रक्रिया तेज हो जाएगी। अनुमान है कि इस नई लाइन से करीब पांच लाख या उससे अधिक लोगों की दैनिक आवाजाही आसान होगी और नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक की कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर में चार स्टेशन तय किए गए हैं
इस नए रूट के बजट को तुलनात्मक रूप से कम रखने की कोशिश की जा रही है। इक्विटी मॉडल के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर वित्तीय योगदान देंगे, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके। एनएमआरसी प्रबंधन के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा डिपो से जुनपत और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक की डीपीआर को केंद्र से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। डिजाइनिंग का काम जारी है, जबकि टोपोग्राफी सर्वे और मिट्टी की जांच (सोइल टेस्टिंग) लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि दोनों रूट का शिलान्यास एक साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया जा सकता है। Greater Noida News