
Greater Noida : पिछले काफी लंबे अर्से से ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों की समस्याओं के समाधान होता नजर आ रहा है। मंगलवार की शाम किसानों और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच हुई बैठक के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिसके बाद संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार यानि 14 सितंबर को किसानों और प्राधिकरण के बीच फैसला हो जाएगा।
आपको बता दें कि किसान सभा के बैनर तले ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों द्वारा पिछले करीब साढ़े तीन माह से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी बीच किसान सभा ने करीब एक सप्ताह पूर्व घोषणा की थी कि 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के दोनों गेटों पर तालाबंदी कर दी जाएगी। इस घोषणा के तहत 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के हजारों किसानों ने प्राधिकरण कार्यालय के दोनों गेटों पर तालाबंदी करते हुए अपना कब्जा कर लिया था।
किसानों के उग्र आंदोलन के बाद बुधवार की देर शाम किसानों और प्राधिकरण के अफसरों के बीच वार्ता हुई। किसान सभा के 50 सदस्य प्रतिनिधिमंडल और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी समेत अफसरों के बीच चली चार घंटे की वार्ता में ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई है। किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा और सुनील फौजी ने बताया कि प्राधिकरण सभी किसानों को 4 फीसदी प्लॉट देने, न्यूनतम 120 वर्गमीटर भूखंड दिए जाने, प्रभावित किसान परिवारों के युवाओं को रोजगार देने आदि समेत कई अन्य मांगों को बोर्ड में ले जाने पर सहमति बन गई है। बैठक के निर्णय को लिखित प्रारूप पर लाने के लिए किसान नेता रूपेश वर्मा और सुनील फौजी भी प्राधिकरण के अफसरों के साथ होंगे। उसके बाद किसानों की जिला एक्शन कमेटी का अनुमोदन करेगी। 14 सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
भारत के लाल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब, बड़े भाई ने दी मुखाग्नि हर आंख हुईं नम
आपको बता दें कि आंदोलनरत किसान बार बार इस मांग को दोहराते आ रहे हैं कि उन्हें जो भी आश्वासन दिया जाए, वह लिखित रुप में दिया जाए, लेकिन उन्हें अब तक केवल मौखिक आश्वासन ही मिलते रहे, जिस कारण किसानों में बेहद नाराजगी रही है। अब तय हुआ है कि प्राधिकरण किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जो भी कदम उठाएगा, वह लिखित रुप में किसानों को दिया जाएगा।
जानकारों का मानना है कि यदि ग्रेटर नोएडा के इन किसानों की समस्याओं का जल्द ही समाधान नहीं किया और किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं कराया गया तो इसका असर उत्तर प्रदेश और देश के अन्य किसानों पर भी पड़ सकता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलावा अन्य जिलों व राज्यों के किसान भी आंदोलनकारी कदम उठा सकते हैं, जिसका असर आगामी लोकसभा चुनाव पर पड़ सकता है। इसलिए अब समय की मांग है कि किसानों का यह आंदोलन समाप्त कराया जाए और जो भी किसानों की मांगें हैं उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
किसानों और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच मंगलवार की शाम भले ही वार्ता हो गई हो, लेकिन किसानों का धरना अभी समाप्त नहीं हुआ है। किसान अभी प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरने पर डटे हुए हैं। मंगलवार की शाम संपन्न हुई बैठक में इंद्र प्रधान, सुधीर चौहान, हरवीर सिंह, नरेश चपरगढ़, बबली गुर्जर, अशोक समेत हजारों की संख्या में महिला व अन्य किसान मौजूद रहे। Greater Noida