ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक दौड़ेगी मेट्रो, सेक्टर-51 से किसान चौक कॉरिडोर का नया खाका तैयार
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार कर लिया है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Noida/Greater Noida News : लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार कर लिया है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार को भेजी गई संशोधित डीपीआर
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड में लागत और स्वीकृति पर अंतिम फैसला होगा। यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना है।
नमो भारत (आरआरटीएस) रूट की अनिश्चितता के कारण बदलाव
सूत्रों के अनुसार, नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के प्रस्तावित रूट को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से मेट्रो परियोजना में संशोधन किया गया है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है, ताकि काम में देरी न हो। 7.5 किमी कॉरिडोर, 5 नए स्टेशन प्रस्तावित है। नई योजना के तहत कुल लंबाई: करीब 7.5 किलोमीटर है।
प्रस्तावित स्टेशन
* सेक्टर-61
* सेक्टर-70
* सेक्टर-122
* सेक्टर-123
* ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास)
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1250 करोड़ रुपये आंकी गई है।
बढ़ती आबादी और जाम से जूझ रहा ग्रेटर नोएडा वेस्ट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से आबादी बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम को लेकर कई बार स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन भी किया है। मेट्रो सेवा शुरू होने से इन समस्याओं में काफी हद तक सुधार होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में भी गूंजा मुद्दा
इस प्रोजेक्ट की जरूरत को देखते हुए मामला राज्यसभा में भी उठाया जा चुका है। वहां क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जल्द मंजूरी देने की मांग की गई थी। इस मेट्रो कॉरिडोर के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच तेज कनेक्टिविटी हो जाएगी। ट्रैफिक जाम में कमी तथा समय और ईंधन की बचत होगी व रियल एस्टेट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सेक्टर-51 से किसान चौक तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर काम शुरू हो सकेगा।
Noida/Greater Noida News : लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार कर लिया है। इस परियोजना के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार को भेजी गई संशोधित डीपीआर
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड में लागत और स्वीकृति पर अंतिम फैसला होगा। यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना है।
नमो भारत (आरआरटीएस) रूट की अनिश्चितता के कारण बदलाव
सूत्रों के अनुसार, नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) के प्रस्तावित रूट को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से मेट्रो परियोजना में संशोधन किया गया है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है, ताकि काम में देरी न हो। 7.5 किमी कॉरिडोर, 5 नए स्टेशन प्रस्तावित है। नई योजना के तहत कुल लंबाई: करीब 7.5 किलोमीटर है।
प्रस्तावित स्टेशन
* सेक्टर-61
* सेक्टर-70
* सेक्टर-122
* सेक्टर-123
* ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास)
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1250 करोड़ रुपये आंकी गई है।
बढ़ती आबादी और जाम से जूझ रहा ग्रेटर नोएडा वेस्ट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से आबादी बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम को लेकर कई बार स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन भी किया है। मेट्रो सेवा शुरू होने से इन समस्याओं में काफी हद तक सुधार होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में भी गूंजा मुद्दा
इस प्रोजेक्ट की जरूरत को देखते हुए मामला राज्यसभा में भी उठाया जा चुका है। वहां क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जल्द मंजूरी देने की मांग की गई थी। इस मेट्रो कॉरिडोर के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच तेज कनेक्टिविटी हो जाएगी। ट्रैफिक जाम में कमी तथा समय और ईंधन की बचत होगी व रियल एस्टेट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सेक्टर-51 से किसान चौक तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की मंजूरी पर टिकी है, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर काम शुरू हो सकेगा।












