
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने YEIDA से संबंद्ध बॉयर्स को बड़ी राहत प्रदान की है। यमुना प्राधिकरण के इस फैसले से करीब 15 हजार बॉयर्स को इसका लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा यीडा ने किसानों के हक में भी निर्णय लिया है।
आपको बता दें कि 29 जनवरी, सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की बोर्ड बैठक थी। बोर्ड के चेयरमैन अनिल सागर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यमुना प्राधिकरण ने अमिताभ कांत कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। जिसके बाद बॉयर्स और बिल्डरों की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। अमिताभ कांत की सिफारिश स्वीकार होने के बाद यमुना प्राधिकरण से जुड़े 14 हजार घर खरीददारों को लाभ मिल सकेगा।
यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, यीडा ने एसडीएस बिल्डर परियोजना में भूखंड खरीदारों को निर्माण कार्य के लिए नि:शुल्क 31 दिसंबर 2024 तक का समय विस्तार दिया है। इसकी भरपाई बिल्डर से की जाएगी। श्मशान या अन्य कारणों से प्राधिकरण की बीएचएस योजना के 268 आवंटियों ने फ्लैट सरेंडर करने का अनुरोध किया था। बोर्ड ने इसे स्वीकार करते हुए चार प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ राशि लौटाने की स्वीकृति दी है। प्राधिकरण इन फ्लैट को नई योजना में शामिल कर आवंटित करेगा।
यमुना प्राधिकरण ने बीएचएस योजना की नीति में बदलाव किया है। बीमार और बुजुर्गों की समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्हें बीएचएस योजना में यूनिट का तल, लोकेशन चुनने का मौका मिलेगा। आवेदन के समय ही इसका विकल्प देना होगा। एक से अधिक आवेदक होने पर लाटरी से फैसला होगा। यह नियम पहले आओ पहले पाओ योजना के लिए लागू होगा। जिन बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग को पूर्व योजना में ऊपरी तल के फ्लैट आवंटित हो चुके हैं। उन्हें निचले तल पर फ्लैट उपलब्ध होने पर बदलाव का मौका दिया जाएगा। यह लाभ केवल उन आवंटियों को ही मिलेगा, जिन्होंने अभी रजिस्ट्री नहीं कराई है।
जिन आवंटियों को चेक लिस्ट जारी होने के बावजूद उन्होंने लीज डीड नहीं कराई है या कब्जा मिलने के बावजूद निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य नहीं कराया है। ऐसे आवंटियों को राहत देते हुए जून तक लीज डीड कराने या निर्माण कार्य करने पर कोई विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। करीब 42 हजार आवंटियों को इसका फायदा मिलेगा।
यमुना प्राधिकरण ने बिल्डरों पर ब्याज गणना के लिए सार्क एसोसिएट्स को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा प्राधिकरण बोर्ड ने आवंटियों एवं किसानों को बड़ी राहत दी है। 800 किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड का रास्ता बोर्ड ने साफ कर दिया है। आवासीय योजना के आवंटियों को शून्य काल का लाभ देने पर भी बोर्ड ने स्वीकृति दी है। इन आवंटियों को या तो भूखंडों पर कब्जा नहीं मिल सका है या फिर कब्जा मिलने के बावजूद पहुंच मार्ग न होने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो सका है।
Greater Noidaबैठक में यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ एनजी रवि, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ समेत संबंधित जिलों के जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।