
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के किसानों की जल्द ही बल्ले बल्ले होने वाली है। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के बाद किसानों की जेब नोटों से भरने वाली है। यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की बोर्ड बैठक अगले महीने 18 दिसंबर को होगी। इस बैठक में किसानों से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
यमुना प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 18 दिसंबर 2023 को यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की बोर्ड बैठक बुलाई गई है। इस बोर्ड बैठक में किसानों से जुड़े पांच बड़े फैसले लिए जाएंगे। बोर्ड बैठक का एजेंडा तैयार हो चुका है और बैठक में रखे जाने वाले मुद्दों को भी तैयार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हेरिटेज सिटी की डीपीआर पेश की जाएगी। हेरिटेज कॉरिडोर को पीपीपी माडल पर विकसित किया जाएगा। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन गतिविधियों को विकसित किया जाएगा, ताकि मथुरा और वृंदावन आने वाले यात्री यहां भी रूक सके। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हेरिटेज सिटी की डीपीआर प्रस्तुत की जाएगी। डीपीआर को विशेषज्ञ कंपनी ने बनाया है। बोर्ड से डीपीआर पर मुहर लगने के बाद आगे कार्रवाई बढ़ेगी।
18 दिसंबर को आयोजित होने वाली यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में किसानों से जुड़े तीन अहम फैसले लिए जाएंगे और प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इनमें किसानों को दस प्रतिशत विकसित भूखंड मिलने वाला प्रस्ताव शामिल है। आपको बता दें कि अब तक किसानों को सात प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड मिल सकेंगे।
इसके अलावा यमुना प्राधिकरण से संबंधित 12 गांवों के किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिरण के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन अब इस मामले को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इस फ़ैसले से करीब 25 हज़ार किसान परिवारों को बड़ा फ़ायदा होगा।
प्राधिकरण ने जगनपुर अफजलपुर के किसानों को आवासीय भूखंड देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन किसानों को आवासीय भूखंड यमुना सिटी के सेक्टर-17 बी और सेक्टर-25 में आवंटित किए जाएंगे। यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंज़ूरी मिलने पर गांव के सैकड़ों किसान परिवारों को बड़ा फ़ायदा होगा।
यमुना प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान 2041 तैयार किया गया है। इस मास्टर प्लान को भी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मास्टरप्लान मंज़ूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया था। सरकार ने कुछ संशोधन करने के सुझाव दिए थे। उन सुझावों पर अमल करने के बाद मास्टरप्लान एक बार फिर मंज़ूरी के लिए प्राधिकरण बोर्ड के सामने रखा जाएगा। प्राधिकरण बोर्ड अंतिम रूप से यह मास्टरप्लान राज्य सरकार को भेजेगा।