चौधरी सतीश नंबरदार के निधन से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दादरी के गुर्जर समाज में शोक की लहर है। शिक्षा, समाजसेवा और दानशीलता के क्षेत्र में उनके योगदान को लोग भावुक होकर याद कर रहे हैं। मिहिर भोज शिक्षण संस्थानों से उनका गहरा जुड़ाव रहा।

Greater Noida News : कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जीवन केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज की पीढ़ियों पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाता है। उनके जाने के बाद केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज अपने बीच एक ऐसे व्यक्ति की कमी महसूस करता है, जिसने जीवनभर समाज, शिक्षा और संस्थाओं के लिए अपना समय, ऊर्जा और संसाधन समर्पित किए। बादलपुर निवासी एवं मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज, दादरी की प्रबंध समिति के अध्यक्ष चौधरी सतीश नंबरदार का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज में शोक की लहर दौड़ गई। सतीश नंबरदार का जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं है, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में सक्रिय एक ऐसे व्यक्तित्व का अवसान है, जिसकी पहचान समाजसेवा, शिक्षा के प्रति समर्पण, सहयोग की भावना और दानशीलता से बनी थी। Greater Noida News

चौधरी सतीश नंबरदार का जीवन शिक्षा से गहराई से जुड़ा रहा। मिहिर भोज शिक्षण संस्थानों से उनका जुड़ाव केवल किसी पद तक सीमित नहीं था। वे शिक्षा के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने की सोच रखने वाले लोगों में शामिल रहे। मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संस्थान के विकास और शैक्षिक गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाई। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचारों में भी सतीश नंबरदार की मिहिर भोज शिक्षण संस्थान से जुड़ी गतिविधियों में उपस्थिति दर्ज है। वर्ष 2025 में मिहिर भोज बालिका डिग्री कॉलेज के वार्षिक उत्सव से संबंधित समाचार में भी उन्हें प्रमुख रूप से उपस्थित बताया गया था। उनका मानना था कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा से होती है। यही कारण है कि उनका जुड़ाव केवल एक शिक्षण संस्थान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थाओं में उनके योगदान को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा। Greater Noida News
सतीश नंबरदार के सामाजिक और शैक्षिक जीवन की जड़ें उनके परिवार की पुरानी सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ी थीं। उनके पिता स्वर्गीय चौधरी फौजदार सिंह नंबरदार मिहिर भोज इंटर कॉलेज, दादरी के संस्थापकों में शामिल थे। जिस शैक्षिक विरासत की नींव उनके पिता और उस दौर के समाजसेवियों ने रखी थी, सतीश नंबरदार ने उसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। मिहिर भोज शिक्षण संस्थान का इतिहास भी क्षेत्र के सामाजिक नेतृत्व और शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता से जुड़ा रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों में संस्थान की स्थापना के लिए क्षेत्र के अनेक प्रमुख लोगों द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख मिलता है। इस दृष्टि से देखा जाए तो सतीश नंबरदार के लिए शिक्षा केवल एक संस्था नहीं थी, बल्कि यह उनके परिवार की सामाजिक विरासत थी। Greater Noida News
सतीश नंबरदार को जानने वाले लोग उन्हें एक सहयोगी, समाजसेवी और दानदाता के रूप में याद करते हैं। सामाजिक कार्यक्रमों और समाज से जुड़े आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वर्षों पुराने सार्वजनिक समाचारों में भी सतीश नंबरदार की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका दिखाई देती है। वर्ष 2019 में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम की अध्यक्षता उन्होंने की थी, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया था। यह उनके व्यक्तित्व की उस सोच को दर्शाता है जिसमें समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण था। Greater Noida News
आज के दौर में किसी व्यक्ति की पहचान अक्सर उसके पद से की जाती है, लेकिन सतीश नंबरदार की पहचान उनके पद से कहीं बड़ी थी। वे मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष थे, लेकिन समाज में उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी, जो जरूरत पड़ने पर संस्थाओं और सामाजिक कार्यों के साथ खड़ा दिखाई देता था। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यही थी कि उन्होंने सामाजिक प्रतिष्ठा को व्यक्तिगत उपलब्धि न बनाकर उसे समाज के काम आने वाला माध्यम बनाया। Greater Noida News
सतीश नंबरदार के निधन से गुर्जर समाज में भी गहरा शोक है। दादरी और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में शिक्षा एवं सामाजिक संस्थाओं से उनका पुराना जुड़ाव रहा। उनके जाने से समाज को एक ऐसे वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्ति की कमी महसूस होगी, जो नई पीढ़ी को शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के पक्षधर रहे। आज जब उनके निधन पर समाज के लोग उन्हें याद कर रहे हैं, तो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि यही दिखाई देती है कि उन्होंने अपने पीछे संस्थाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यों और सेवा की ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद करेंगी। Greater Noida News
किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके पद समाप्त हो जाते हैं, लेकिन उसके अच्छे कार्य समाप्त नहीं होते। वे लोगों की स्मृतियों में जीवित रहते हैं। सतीश नंबरदार भी अपने कार्यों के कारण लंबे समय तक याद किए जाएंगे। उन्होंने जिस शिक्षा व्यवस्था से स्वयं को जोड़ा, जिस सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे और जिन संस्थाओं के लिए योगदान दिया, वे सभी उनके जीवन की कहानी का हिस्सा हैं। उनके निधन पर दी गुर्जर विद्या सभा, दादरी के सचिव राम शरण नागर एडवोकेट ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सतीश नंबरदार का समाज में बड़ा योगदान रहा और वे बड़े समाजसेवी एवं दानदाता थे। उन्होंने विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों के लिए योगदान दिया। मिहिर भोज शिक्षण संस्थानों की प्रबंध समितियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की ओर से भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। Greater Noida News
बादलपुर की धरती से निकलकर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले चौधरी सतीश नंबरदार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान उनके जाने के बाद भी समाज में दिखाई देता रहेगा। उनका जीवन यह संदेश देता है कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए केवल बड़े पद की जरूरत नहीं होती, बल्कि समर्पण, सहयोग और सेवा की भावना जरूरी होती है। आज उनके निधन पर दादरी से लेकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज में शोक की भावना है। हर आंख नम है और हर जुबान पर यही शब्द हैं “सतीश नंबरदार जी का जाना समाज की ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं।” मिहिर भोज शिक्षण संस्थान और समाज के लिए उनके योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। Greater Noida News
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