
Heritage City in Noida : ग्रेटर नोएडा शहर के पास स्थापित हो रहे जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के चारों तरफ बड़ी बड़ी योजनाओं की झड़ी लग गई है। यहां देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी बनाने का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है। अब जेवर एयरपोर्ट के पास एक शानदार हैरिटेज सिटी बनाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई है। जेवर एयरपोर्ट से सितंबर 2024 से फ्लाइट उड़ने लगेगी। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ अनेक योजनाएं जमीन पर उतारी जा रही हैं।
सबको पता है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) तेजी से अनेक योजनाएं विकसित कर रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास 50 किलोमीटर के दायरे में अनेक योजनाएं जमीन पर उतारी जा रही है। इसी कड़ी में 1250 करोड़ रुपये की लागत से मथुरा जिले के राया कस्बे के आसपास एक शानदार हैरिटेज सिटी बसायी जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के बिल्कुल निकट स्थापित होने वाली हैरिटेज सिटी का विकास 735 एकड़ जमीन पर किया जाएगा। इस बाबत यीडा की बोर्ड बैठक में व्यापक चर्चा की गई। चर्चा के बाद जेवर एयरपोर्ट के पास हैरिटेज सिटी बसाने का प्रस्ताव पास कर दिय गया।
जेवर एयरपोर्ट के पास विकास के कामों को और अधिक गति देने के लिए यीडा की बोर्ड बैठक में दर्जनों बड़े फैसले लिए गए हैं। हम आपको विस्तार से बताते हैं कि यीडा की बोर्ड बैठक में क्या क्या बड़े फैसले लिए गए हैं।
यमुना प्राधिकरण के कार्यालय में चेयरमैन अनिल सागर की अध्यक्षता में आयोजित 79वीं बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2041 को पेश किया गया, जिसे स्वीकृत करते हुए शासन के अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही मास्टर प्लान के लिए जो 55 गांव सम्मिलित हुए थे उनको भी शामिल किया गया है। साथ ही एविएशन हब के लिए 1000 एकड़ जमीन और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। राया हेरिटेज सिटी की डीपीआर को अप्रूव किया गया है और आगरा में एक नई इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाई जाएगी जो 1050 हेक्टेयर में होगी, जिसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बोर्ड बैठक में किसानों को राहत देने के कई प्रस्ताव पास किए गए है।
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बैठक में मास्टर प्लान 2041 प्रस्ताव को शासन के अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही 1000 एकड़ जमीन एविएशन हब के लिए बढ़ाई गई है। राया हेरिटेज सिटी की डीपीआर को अप्रूव किया गया है और आगरा में एक नई इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाई जाएगी जो 1050 हेक्टेयर में होगी जिसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
CEO ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर जोड़ने के लिए इंटरचेंज बन रहा है उसे बोर्ड बैठक में पास किया गया है। बोर्ड बैठक में किसानों को राहत देने के कई प्रस्ताव पास किए गए हैं। इंटरचेंज से प्रभावित किसानों को सेक्टर 17बी में प्लॉट दिए जाने का निर्णय भी बोर्ड बैठक में लिया गया है। इसके साथ ही किसानों को यह भी छूट दी गई है कि अगर उनके परिवार से कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो वह अपने प्लॉट को बेच सकते हैं। इसके साथ ही किसानों को राहत देते हुए बोर्ड में किसानों के 7% प्लॉट पर जो ब्याज लगता था उसको खत्म कर दिया गया है।
CEO अरुणवीर सिंह ने बताया कि अब संस्थागत की श्रेणी में आने वाले 10 एकड़ से अधिक आकार के भूखंड जो डिग्री कॉलेज, पीजी कॉलेज, मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, टेक्निकल इंस्टीट्यूट, स्पोर्ट्स कॉलेज, स्पोर्ट्स एकेडमी, मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के लिए होंगे उन्हें ई ऑक्शन की परिधि से बाहर रखा जाएगा। यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण 6 जनपदों जिनमें गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा तक फैला हुआ है तथा प्राधिकरण के क्षेत्र में इन जनपदों की कुल 1149 राजस्व गांव अधिसूचित है।