
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मालिकाना हक के लिए घर खरीदा दर-दर की ठोकरे खा रहे है। पूरी जिंदगी की खून पसीने की कमाई को बिल्डर को देने के बाद खरीदारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। लेकिन उसके बावजूद मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। घर ख़रीदार पिछले 43 हफ़्तों से हर रविवार विरोध प्रदर्शन कर रजिस्ट्री और रुके प्रोजेक्टों में काम शुरु करने की मांग कर रहे हैं। हर हफ़्ते बड़ी संख्या में घर ख़रीदार एक मूर्ति पर जुटते हैं और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ उठाते हैं।
आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे मिहिर गौतम ने कहा कि एक तरफ़ सबको घर देने की बात सरकारें करती है और दूसरी तरफ़ जिन्होंने पैसे दे दिए वें अथॉरिटी और बिल्डर के भ्रष्टाचार की वजह से पिस रहे हैं। सरकार भरोसा देती है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। उनका कहना है कि घर की चाह में खरीदारों ने अपने खून पसीने की कमी बिल्डर को सौंप दी है लेकिन अब मालिकाना हक के लिए दर दर की ठोकरे खा रहे हैं। अब सरकार से एक ही सवाल है आखिर कब होगी रजिस्ट्री।
वहीं कुछ दिन पहले प्राधिकरण में आए औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने घर खरीददारों की समस्याओं को लेकर भी चर्चा की थी। जिसपर उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में वार्ता करने की बात कही थी। और घर खरीददारों को जल्द ही मालिक आना हक दिलाने का आश्वासन दिया था। आंदोलन में लगातार 43 हफ़्तों से अपनी आवाज़ उठा रहे दिनकर पांडे, महेश यादव, चंदन सिन्हा, रोहित मिश्रा, अनिल रात्रा, दीपक गुप्ता का कहना है कि 43 हफ़्तों से हर रविवार घर ख़रीदार अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, मुख्यमंत्री से लेकर तमाम ज़िम्मेदार अधिकारियों से मिल चुके हैं। अमिताभ कांत कमेटी की रिपोर्ट तक आ चुकी है।लेकिन ना रजिस्ट्री शुरु हुई है और ना रुके प्रोजेक्टों में काम।
एक मूर्ति गोल चक्कर पर विरोध प्रदर्शन में शंकर सिंह, महेंद्र बिष्ट, सुबोध कुमार, सुंधाशु किशोर, बिपिन प्रसाद, अशोक श्रीवास्तव, एसपी गुप्ता, अनुपमा मिश्रा, वीपी सिंह और इको विलेज 1, इको विलेज, इको विलेज 3, अजनारा होम्स, कासा ग्रीन्स 1, ऐपेक्स गोल्फ़ ऐवेन्य, ऐश्वर्यम, एक्वा गार्डेन सहित कई प्रोजेक्ट के घर ख़रीदारों ने हिस्सा लिया और आंदोलन को जारी रखने पर सहमति जताई।