ग्रेटर नोएडा की रामलीला के निमंत्रण पत्र में हनी कत्याल की तस्वीर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। Investors Clinic से जुड़े पुराने विवादों के बीच स्थानीय लोगों ने रामलीला समिति के अतिथि चयन और संभावित आर्थिक सहयोग को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाली क्षेत्र की सबसे बड़ी रामलीला को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रामलीला समिति की ओर से जारी निमंत्रण पत्र में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े हनी कत्याल की तस्वीर प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसे कारोबारी को धार्मिक आयोजन के मंच पर अतिथि के रूप में स्थान देने की जरूरत क्यों पड़ी, जिसकी कंपनी और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर पहले से शिकायतें और कानूनी विवाद सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद रहे हैं। हनी कत्याल का नाम Investors Clinic से जुड़ी कई कंपनियों के निदेशक के रूप में सार्वजनिक कॉरपोरेट और नियामकीय रिकॉर्ड में दर्ज है। केरल RERA के एक रिकॉर्ड में Investors Clinic Infratech के निदेशकों में Honey Katyal का नाम दर्ज है। Greater Noida News
विवाद की सबसे बड़ी वजह रामलीला के निमंत्रण पत्र में हनी कत्याल की तस्वीर का शामिल होना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलीला केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में अतिथियों का चयन करते समय उनकी सार्वजनिक छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या रामलीला समिति ने हनी कत्याल को आमंत्रित करने से पहले उनसे जुड़े पुराने विवादों और शिकायतों की पड़ताल की थी? या फिर किसी अन्य कारण से उन्हें इतना महत्वपूर्ण स्थान दिया गया? Greater Noida News
निमंत्रण पत्र सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस सवाल को लेकर हो रही है कि क्या रामलीला समिति को आर्थिक सहयोग अथवा चंदे के कारण किसी कारोबारी को धार्मिक आयोजन का प्रमुख अतिथि बनाने का निर्णय लेना चाहिए? स्थानीय स्तर पर कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि बड़े आर्थिक सहयोग के कारण हनी कत्याल को रामलीला से जोड़ा गया है। Greater Noida News
Investors Clinic से जुड़े विवाद कोई बिल्कुल नया विषय नहीं हैं। सार्वजनिक शिकायत प्लेटफॉर्म पर वर्षों पहले कंपनी और उसके कर्मचारियों को लेकर ग्राहकों ने गंभीर आरोप लगाए थे। एक पुराने शिकायत में एक ग्राहक ने Investors Clinic पर गलत ऑफर और भुगतान संबंधी विवाद के आरोप लगाए थे तथा शिकायत में Honey Katyal का भी नाम लिया गया था। इसके अलावा हनी कत्याल और Investors Clinic Infratech से जुड़े नाम एक लंबित न्यायिक मामले में भी दिखाई देते हैं। गुरुग्राम की एक अदालत में Monica Bhalla बनाम Raheja Developers Ltd. एवं अन्य मामले में Investors Clinic Infratech, Sunny Katyal और Honey Katyal प्रतिवादी पक्ष में दर्ज हैं और अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा के लोगों के बीच इस समय मूल सवाल यही है कि धार्मिक आयोजन में अतिथि चयन का आधार क्या होना चाहिए? यदि किसी व्यक्ति ने रामलीला समिति को आर्थिक सहयोग दिया है तो क्या केवल आर्थिक सहयोग के आधार पर उसे मंच पर सम्मानित किया जाना उचित है? क्या धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में अतिथियों की सार्वजनिक छवि, सामाजिक योगदान और उनसे जुड़े विवादों को नजरअंदाज किया जा सकता है? इन सवालों का जवाब रामलीला समिति को देना चाहिए। Greater Noida News
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि समिति के कुछ पदाधिकारी निजी बातचीत में हनी कत्याल को अतिथि बनाए जाने के निर्णय को लेकर सहज नहीं हैं। यदि समिति के भीतर वास्तव में इस चयन को लेकर असहमति है तो यह आयोजन की पारदर्शिता के लिहाज से गंभीर विषय बन जाता है। रामलीला समिति को स्पष्ट करना चाहिए कि हनी कत्याल को किस आधार पर आमंत्रित किया गया, उन्हें कौन-सी भूमिका दी गई है और क्या उनके साथ किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग या प्रायोजन संबंधी समझौता हुआ है। Greater Noida News
रामलीला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन जनता के सहयोग और आस्था से चलते हैं। इसलिए आयोजकों की जिम्मेदारी केवल कार्यक्रम को भव्य बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होता है कि आयोजन की प्रतिष्ठा किसी व्यक्ति विशेष की विवादित छवि से प्रभावित न हो। हनी कत्याल के मामले में भी अंतिम रूप से किसी आपराधिक या वित्तीय आरोप को सत्य मानने से पहले न्यायिक निष्कर्ष और आधिकारिक दस्तावेज देखना जरूरी है। लेकिन सार्वजनिक शिकायतों और लंबित कानूनी मामलों के बीच उनका नाम रामलीला के निमंत्रण पत्र पर प्रमुख अतिथि के रूप में दिखाई देना निश्चित रूप से सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है। अब निगाहें रामलीला समिति के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर हैं। समिति यह स्पष्ट करती है कि हनी कत्याल को किस आधार पर आमंत्रित किया गया और क्या उनके साथ किसी प्रकार का आर्थिक संबंध है, तो इस विवाद की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने आ सकती है। Greater Noida News
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