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ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रहने वाले जाट समाज के बेटे को गुजरात प्रदेश का पुलिस महानिदेशक यानी कि DGP बनाया गया है। जाट समाज के बेटे को मिली इस बड़ी जिम्मेदारी की खबर से पूरे जाट समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रहने वाले जाट समाज के बेटे को गुजरात प्रदेश का पुलिस महानिदेशक यानी कि DGP बनाया गया है। जाट समाज के बेटे को मिली इस बड़ी जिम्मेदारी की खबर से पूरे जाट समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। जाट समाज से आने वाले ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को गुजरात का DGP बनाए जाने के बाद से समाज के तमाम लोग श्री मलिक के परिवार को बधाई दे रहे हैं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के भट्टा पारसौल गाँव के मूल निवासी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के गाँव में हर्ष का माहौल बना हुआ है। Greater Noida News
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के भट्टा पारसौल गाँव के रहने वाले IPS अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को गुजरात प्रदेश का DGP बनाया गया है। ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रकिरण सिंह के दामाद हैं। चन्द्रकिरण सिंह लम्बे समय तक भट्टा पारसौल कॉलिज के प्रधानाचार्य रहे हैं। चन्द्रकिरण सिंह ग्रेटर नोएडा जाट समाज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके दामाद ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को गुजरात में DGP बनाए जाने की खबर के बाद से ही चन्द्रकिरण सिंह के आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रेटर नोएडा जाट समाज के अनेक पदाधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा स्थित चन्द्रकिरण सिंह के आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई के तौर पर पुष्प गुच्छ भेंट किए हैं। बधाई देने वालों का यह सिलसलिा लगातार चल रहा है। इस दौरान चन्द्रकिरण सिंह ने बताया कि उन्हें शुरू से ही अपने दामाद ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के काम करने के तरीके पर गर्व रहा है। Greater Noida News

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के मूल निवासी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को पुलिसिंग का लम्बा अनुभव प्राप्त है। वर्ष-1993 बैच में गुजरात कैडर में IPS अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक की छवि बेहद ईमानदार अधिकारी के रूप में स्थापित है। ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक का जन्म उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर क्षेत्र में भट्टा पारसौल गाँव में हुआ था। ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने उत्तर प्रदेश के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया तथा गुजरात यूनिवर्सिटी से LLB की डिग्री हासिल की है। हाल ही में ज्ञानेन्द्र सिंह गुजरात में अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर थे। उनकी ईमानदारी तथा पुलिसिंग के लम्बे अनुभव को देखते हुए गुजरात सरकार ने उन्हें गुजरात प्रदेश के DGP पद पर तैनात किया है। ज्ञानेन्द्र सिंह को गुजरात के हर कोने में काम करने का अवसर मिला है। वें गुजरात प्रदेश की ग्राउंड रियल्टी को बहुत अच्छी प्रकार से जानते तथा समझते हैं। Greater Noida News

उत्तर प्रदेश के मूल निवासी IPS अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक गुजरात प्रदेश के अनेक जिलों में तैनात रह चुके हैं। IPS के तौर पर अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को पहली तैनाती अपर पुलिस अधीक्षक भुज के तौर पर मिली थी। उसके बाद ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने गुजरात प्रदेश के डांग्स, पोरबंदर, सुरेन्द्र नगर, अहमदाबाद ग्रामीण, भरूच तथा कच्छ जिलों में तैनात रह कर पुलिसिंग में एक के बाद एक शानदार काम किए। प्रमोशन के बाद ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक गुजरात के अहमदाबाद, सूरत तथा बड़ोदरा में रेंज के इंचार्ज के तौर पर तैनात रहे। उन्होंने लम्बे अर्से तक गुजरात प्रदेश के राज्यपाल के एडीसी के तौर पर भी काम किया। उन्हें अहमदाबाद तथा बडोदरा शहरों में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के तौर पर काम करने का भी मौका मिला। गुजरात में DGP बनने तक वें अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे थे। Greater Noida News
उत्तर प्रदेश के रहने वाले ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के नाम पर अनेक विशेष उपलब्धियां दर्ज हैं। गुजरात प्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष पद पर तैनात रहते हुए श्री मलिक ने गुजरात पुलिस में 24 हजार सिपाही भर्ती किए थे। अपने मिद्धों तथा परिजनों में जी.एस. मलिक के नाम से पहचाने जाने वाले ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक को पुलिसिंग के हर प्रकार के काम करने का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने CID (क्राईम), ID (इंटेलिजेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो, एक्साइज विभाग सहित गुजरात प्रदेश के गृह मंत्रालय में सचिव के तौर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। Greater Noida News
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले IPS अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के ऊपर भारत के गृहमंत्री अमित शाह विशेष भरोसा करते हैं। अमित शाह के निर्देश पर श्री मलिक ने पांच साल तक भारत सरकार में भी प्रतिनियुक्ति पर काम किया है। भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक लगातार चार साल तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में तैनात रहकर भारतीय सीमाओं की रक्षा करने का काम करते रहे। BSF में उनके शानदार काम को देखते हुए उन्हें CISF में तैनात किया गया। CISF में भी उन्होंने शानदार काम किया। भारत सरकार की प्रतिनियुक्ति के बाद उन्हें वापस गुजरात प्रदेश में भेजकर अहमदाबाद का पुलिस आयुक्त बनाया गया था। अहमदाबाद में पुलिस आयुक्त रहते हुए श्री मलिक ने अहमदाबाद को सबसे सुरक्षित शहर का दर्जा दिलाया। वर्ष-2025 में एक अंतर्राष्ट्रीय सर्वे में अहमदाबाद शहर को सबसे सुरक्षित शहर घोषित किया गया था। अहमदाबाद शहर ने यह बड़ी उपलब्धि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के कुशल नेतृत्व के कारण ही प्राप्त की थी। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के ससुर चन्द्रकिरण सिंह ने बताया कि उन्हें देश भर के जाट समाज से बधाई के संदेश प्राप्त हो रहे हैं। Greater Noida News
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