जेवर एयरपोर्ट के पास YEIDA ने सेक्टर-28 और 29 में 10 होटल भूखंडों की योजना बनाई है। यहां प्रीमियम होटल, कॉन्फ्रेंस, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं विकसित होंगी।

Greater Noida: जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के आसपास तेजी से बदल रहे पूरे क्षेत्र को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर एयरपोर्ट के नजदीक स्थित सेक्टर-28 और सेक्टर-29 में होटल परियोजनाओं के लिए 10 भूखंडों की योजना तैयार की है। इन भूखंडों पर उच्चस्तरीय होटल और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों के साथ विदेशी कारोबारी, निवेशक, पर्यटक और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास विश्वस्तरीय होटल सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
YEIDA की आधिकारिक 2026 होटल प्लॉट योजना के अनुसार सेक्टर-28 और सेक्टर-29 में कुल 10 होटल भूखंड रखे गए हैं। इनमें सेक्टर-29 के छह भूखंड और सेक्टर-28 के चार भूखंड शामिल हैं। इनका क्षेत्रफल 3,100 वर्ग मीटर से लेकर 10,000 वर्ग मीटर तक है। योजना में सेक्टर-29 के भूखंड H-4, H-8, H-9, H-13, H-14 और H-15 तथा सेक्टर-28 के H-5, H-2, H-3 और H-11 शामिल हैं। इन भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए किया जाना है। योजना 28 जनवरी 2026 को खोली गई थी और इसकी ई-नीलामी 13 मार्च 2026 को निर्धारित की गई थी। Greater Noida
होटल योजना के तहत अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। सेक्टर-29 में 3,100, 3,400, 4,000 और 6,400 वर्ग मीटर तक के प्लॉट हैं, जबकि सेक्टर-28 में 3,400 से लेकर 10,000 वर्ग मीटर तक के भूखंड शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास केवल छोटे होटल ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर की हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं के लिए भी जमीन तैयार की जा रही है।
YEIDA की होटल प्लॉट योजनाओं को लेकर पहले भी सेक्टर-28 और 29 में प्रीमियम तथा हाई-एंड होटल परियोजनाओं, जिनमें पांच सितारा होटल शामिल हैं, के विकास की जानकारी सामने आती रही है। हालांकि, वर्तमान 2026 की आधिकारिक योजना में प्रत्येक भूखंड के लिए अलग-अलग होटल की स्टार कैटेगरी को पांच या सात सितारा के रूप में निर्दिष्ट नहीं किया गया है। इसलिए इसे प्रीमियम/उच्चस्तरीय होटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखना अधिक सटीक होगा।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के चालू होने के साथ ही आसपास का पूरा क्षेत्र एयरपोर्ट-केंद्रित आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन रहा है। यहां यात्रियों के अलावा एयरलाइन कंपनियों, एविएशन से जुड़े कारोबार, उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, कॉरपोरेट और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्तरां, कॉन्फ्रेंस सेंटर, बैंक्वेट और अन्य हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं की जरूरत स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। YEIDA की होटल योजना में होटल के साथ रेस्टोरेंट/फूड कोर्ट, कॉन्फ्रेंस और कन्वेंशन हॉल, बैंक्वेट हॉल, एग्जीबिशन हॉल, हेल्थ क्लब, जिम, स्पा, स्विमिंग पूल तथा सर्विस अपार्टमेंट जैसी गतिविधियों के लिए भी प्रावधान दिए गए हैं।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) का महत्व केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्रों के कारण देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण बन सकता है। यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में पहले से ही औद्योगिक विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, लॉजिस्टिक्स और अन्य निवेश परियोजनाओं पर काम हो रहा है। प्राधिकरण स्वयं अपने विजन में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और रोजगार को क्षेत्र के विकास का हिस्सा बता रहा है।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास विकसित होने वाले होटल केवल यात्रियों के रात रुकने तक सीमित नहीं रहेंगे। होटल योजना में कॉन्फ्रेंस, कन्वेंशन और एग्जीबिशन जैसी गतिविधियों की अनुमति भी महत्वपूर्ण है। इसका मतलब यह है कि भविष्य में एयरपोर्ट के आसपास कंपनियों की बैठकें, कारोबारी सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के कार्यक्रम और बड़े कॉरपोरेट आयोजन भी हो सकते हैं।
सेक्टर-28 और सेक्टर-29 यमुना प्राधिकरण के उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हैं जहां उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियों को विकसित किया जा रहा है। YEIDA की औद्योगिक योजनाओं में भी सेक्टर-28 और 29 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के रूप में शामिल हैं। एयरपोर्ट के आसपास होटल सुविधाओं का विकास इस पूरे क्षेत्र को एक इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट-इकोनॉमी जोन के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास YEIDA की योजनाएं केवल होटल तक सीमित नहीं हैं। हाल ही में जेवर और टप्पल के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना भी सामने आई है। इसके लिए तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में औद्योगिक, आवासीय, कॉमर्शियल और होटल सेक्टर विकसित करने की योजना बताई गई है। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां होटल और कॉमर्शियल गतिविधियों की मांग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के आसपास होटल योजना को अलग-अलग देखने के बजाय इसे यमुना प्राधिकरण की व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा समझना होगा। एयरपोर्ट के साथ उद्योग, लॉजिस्टिक्स, कॉरपोरेट गतिविधियां, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और अन्य परियोजनाएं इस क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में काम कर रही हैं। YEIDA की वेबसाइट के अनुसार प्राधिकरण का नोटिफाइड क्षेत्र लगभग 2,689 वर्ग किलोमीटर है और वह नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा आगरा से जुड़े यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के एकीकृत विकास पर काम कर रहा है। प्राधिकरण अपने क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के आसपास होटल परियोजनाओं के विकसित होने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर निकलकर नोएडा या दिल्ली जाने की मजबूरी कम हो सकती है। कारोबारी यात्री एयरपोर्ट के आसपास ही ठहर सकेंगे और कंपनियों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए सम्मेलन तथा बैठक की सुविधाएं भी विकसित हो सकेंगी। इसके साथ ही होटल उद्योग से जुड़े रोजगार, रेस्टोरेंट, टैक्सी, ट्रैवल, पर्यटन, इवेंट मैनेजमेंट, सुरक्षा, हाउसकीपिंग और अन्य सेवाओं में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के आसपास YEIDA की 10 होटल भूखंडों की योजना को इसी बड़े बदलाव की एक कड़ी के रूप में देखा जा सकता है। एयरपोर्ट के पास होटल इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक परियोजनाओं और प्रस्तावित नए कॉरिडोर के साथ जेवर क्षेत्र आने वाले समय में यात्रा, कारोबार, निवेश और पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है। चेतना मंच की नजर में जेवर की यह तस्वीर सिर्फ एक एयरपोर्ट की तस्वीर नहीं है। यह उस नए शहर और नए आर्थिक क्षेत्र की तस्वीर है, जिसका निर्माण जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द तेजी से हो रहा है। Greater Noida:
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