ग्रेटर नोएडा के जेवर में देर रात पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। अक्टूबर के चर्चित हत्याकांड से जुड़े इस मामले में पुलिस को क्या मिला। पढ़े पूरी खबर।

Greater Noida News:ग्रेटर नोएडा के जेवर में इमरान हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी और पुलिस के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी सालु गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी के कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अक्टूबर में हुए इमरान हत्याकांड में वांछित था।
4 और 5 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि जेवर पुलिस की टीम जहांगीरपुर से गांव हसनपुर जाने वाली सड़क के मोड़ पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह रुकने के बजाय वापस मुड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने संदिग्ध का पीछा किया। खुद को घिरता देखकर आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी की पहचान सालु पुत्र फिरोज खान, निवासी पठानटोला, कस्बा पहासू, जिला बुलंदशहर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 की रात इमरान (36) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के परिजनों की शिकायत पर 8 अक्टूबर को थाना जेवर में मुकदमा संख्या 332/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस का आरोप है कि सालु ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। अब मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियार का इस्तेमाल कथित तौर पर इमरान हत्याकांड में किया गया था। इस संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
आरोपी सालु के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, जुआ, चोरी और विद्युत अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित गतिविधियों की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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