ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राउंड पर मौजूद रहकर परियोजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। YEIDA क्षेत्र के सेक्टर-28, जेवर में प्रस्तावित इंडिया चिप प्रा. लि. (सेमीकंडक्टर पार्क) की आधारशिला शनिवार को रखी जानी है, जिसे मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राउंड पर मौजूद रहकर परियोजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
आगामी VVIP मूवमेंट को देखते हुए जिलाधिकारी मेघा रूपम ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह और YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के साथ कार्यक्रम स्थल और प्रस्तावित हेलिपैड का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में मंच व्यवस्था, अतिथि व मीडिया दीर्घा, सुरक्षा प्रबंध, पार्किंग प्लान, पेयजल, बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई। वहीं हेलिपैड स्थल पर सुरक्षा मानक, बैरिकेडिंग, फायर ब्रिगेड की तैनाती, एम्बुलेंस की उपलब्धता और वैकल्पिक मार्गों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने विशेष तौर पर सुरक्षा घेरा मजबूत रखने, ट्रैफिक संचालन सुचारू बनाए रखने और आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी साद मियां खान, डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, एसडीएम जेवर दुर्गेश सिंह, जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण कंचन, एसीपी जेवर सार्थक सेंगर समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
सेमीकंडक्टर पार्क को ग्रेटर नोएडा-जेवर औद्योगिक बेल्ट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासनिक आंकलन के मुताबिक, इस परियोजना से करीब 3,780 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
यूनिट में डिस्प्ले ड्राइवर IC का निर्माण किया जाएगा, जो मोबाइल, लैपटॉप, पीसी और ऑटोमोबाइल जैसे उपकरणों में जरूरी कंपोनेंट माना जाता है। अनुमान है कि यहां हर महीने करीब 36 मिलियन यानी 3.6 करोड़ चिप्स तैयार किए जा सकेंगे। Greater Noida News