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ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे भारत में जय प्रकाश गौड़ की कंपनी जेपी एसोसिएट्स की बड़ी पहचान रही है। जयप्रकाश गौड़ की अगली पीढ़ी के कारण जेपी एसोसिएट्स कंपनी पूरी तरह से कर्ज में डूबकर कंगाल हो चुकी है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे भारत में जय प्रकाश गौड़ की कंपनी जेपी एसोसिएट्स की बड़ी पहचान रही है। जयप्रकाश गौड़ की अगली पीढ़ी के कारण जेपी एसोसिएट्स कंपनी पूरी तरह से कर्ज में डूबकर कंगाल हो चुकी है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के नागरिक जेपी एसोसिएट्स को डूबा हुआ जहाज बोल कर संबोधित करते हैं। इसी जेपी एसोसिएट्स को लेकर बड़ी खबर आ रही है। लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद जेपी एसोसिएट्स की डूबी हुई कंपनी का मालिकाना हक गौतम अडानी की कंपनी अडानी समूह को मिल गया है।
आपको बता दें कि लम्बे समय से जेपी एसोसिएट्स के नए मालिकल को लेकर जद्दोजहद चल रही थी। वेदांता समूह ने सबसे बड़ी बोली लगाकर जेपी एसोसिएट्स का मालिकाना हक लेने का भरपूर प्रयास किया था। जेपी एसोसिएट्स के ज्यादातर शेयर होल्डर तथा जेपी एसोसिएट्स के संस्थापक वेदांता के पक्ष में नहीं थे। जय प्रकाश गौड़ अपनी कंपनी का मालिकाना हक अडानी उद्योग समूह को देना चाहते थे। जयप्रकाश गौड़ का प्रयास सफल हो गया है। अब जेपी एसोसिएट्स का मालिकाना अधिकार अडानी उद्योग समूह को मिल गया है।
ग्रेटर नोएडा में मीडिया से बात करते हुए जेपी एसोसिएट्स के मालिक जयप्रकाश गौड़ ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि जेपी एसोसिएट्स का मालिकाना हक अडानी ग्रुप को मिल गया है। ग्रेटर नोएडा के पत्रकारों से जयप्रकाश गौड ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास हो गया है कि अडानी उद्योग समूह के मालिक गौतम अडानी के हाथों में उनकी कंपनी की विरासत पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जेपी एसोसिएट्स का मालिकाना हक अडानी ग्रुप को मिल जाने से कंपनी के सभी खरीददार, कर्मचारी तथा निवेशक पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएंगे।
आपको बता दें कि जेपी एसोसिएट्स कंपनी के कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने अडानी ग्रुप को सफल रेजोल्यूशन एप्लिकेंट घोषित किया है। इस फैसले को लेकर जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि वे इस निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूरा रेजोल्यूशन प्रोसेस निष्पक्ष और पारदर्शी रहा। हालांकि यह फैसला लेना आसान नहीं था और इस दौरान कानूनी विवाद भी सामने आया। वेदांता ग्रुप ने कहा कि उसकी बोली ज्यादा थी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। लेकिन कर्ज देने वालों ने अडानी ग्रुप के प्लान को बेहतर माना, क्योंकि उसमें ज्यादा नकद पैसा, जल्दी भुगतान और काम को तेजी से पूरा करने की क्षमता थी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी अडानी ग्रुप के टेकओवर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे इस डील को और मजबूती मिली।
1979 में स्थापित जेपी एसोसिएट्स ने देश में कई बड़े प्रोजेक्ट खड़े किए हैं। इनमें बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सीमेंट प्लांट्स और बड़े टाउनशिप शामिल हैं। कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में जयपी विश टाउन, जयपी ग्रीन्स और जयपी स्पोर्ट्स सिटी जैसे नाम शामिल हैं, जो रियल एस्टेट सेक्टर में पहचान बना चुके हैं। पिछले कुछ सालों में भारी कर्ज और वित्तीय दबाव के कारण कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में जाना पड़ा। इस रेजोल्यूशन का मकसद कर्ज का समाधान करना और कंपनी के ऑपरेशंस को नए मालिक के तहत जारी रखना है। Greater Noida News