Greater Noida News: इसके साथ ही अब तक कुल 84 टावरों में 7,913 फ्लैटों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। कंपनी का कहना है कि परियोजना को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा के हजारों होमबायर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए जेपी विशटाउन (Jaypee Wish Town) परियोजना में एक और बड़ी प्रगति हुई है। परियोजना का काम संभाल रही सुरक्षा रियल्टी ने दावा किया है कि 21 नए टावरों में करीब 2,000 फ्लैट तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही अब तक कुल 84 टावरों में 7,913 फ्लैटों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। कंपनी का कहना है कि परियोजना को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जश पंचमिया के अनुसार, अब तक 42 टावरों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिल चुका है। इन टावरों में कुल 4,213 फ्लैट शामिल हैं। इसके अलावा 26 और टावरों के लिए, जिनमें 2,229 फ्लैट बने हैं, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया है। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही इन टावरों को भी मंजूरी मिल जाएगी जिसके बाद यहां रहने का रास्ता साफ हो जाएगा।
परियोजना में केवल निर्माण ही नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़े जरूरी काम भी तेजी से किए जा रहे हैं। कंपनी के मुताबिक सात टावरों का स्ट्रक्चरल ऑडिट पूरा हो चुका है। इन टावरों में कुल 583 फ्लैट हैं। वहीं नौ अन्य टावर, जिनमें 888 फ्लैट बने हैं उनका स्ट्रक्चरल ऑडिट अभी जारी है। जैसे ही ऑडिट और फायर एनओसी की प्रक्रिया पूरी होगी इन टावरों के लिए भी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का आवेदन कर दिया जाएगा।
जेपी विशटाउन परियोजना में पिछले छह महीनों के दौरान निर्माण कार्य में अच्छी प्रगति देखने को मिली है। जनवरी 2026 में सुरक्षा रियल्टी ने जानकारी दी थी कि 63 टावरों में करीब 6,500 फ्लैट तैयार किए जा चुके हैं। उस समय केवल 31 टावरों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिला था। अब छह महीने बाद यह संख्या बढ़कर 84 टावर और लगभग 8,000 तैयार फ्लैट तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि परियोजना में काम पहले की तुलना में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
सुरक्षा रियल्टी ने वर्ष 2024 में जेपी इंफ्राटेक का अधिग्रहण किया था। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरी जेपी विशटाउन परियोजना को पूरा करना है। इस विशाल टाउनशिप में कुल 159 टावर बनाए जाने हैं, जिनमें करीब 20 हजार होमबायर्स ने अपने सपनों का घर बुक किया हुआ है। लंबे समय से अटकी इस परियोजना में अब लगातार हो रही प्रगति खरीदारों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है।
जेपी विशटाउन परियोजना में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवनशैली देने के लिए आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। सेक्टर-128, 129, 131, 133 और 134 में फैली इस टाउनशिप में गंगा जल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। कंपनी का दावा है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल 11 क्लस्टर क्लब भी शुरू हो जाएंगे जिससे निवासियों को बेहतर मनोरंजन और सामुदायिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बिजली व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। जीएसएस-1 की क्षमता को 19.8 एमवीए से बढ़ाकर 35 एमवीए कर दिया गया है। वहीं जीएसएस-2 भी अपनी मौजूदा क्षमता के साथ काम कर रहा है। इससे आने वाले समय में बिजली आपूर्ति पहले से अधिक स्थिर और बेहतर रहने की उम्मीद है।
जेपी विशटाउन परियोजना लंबे समय से हजारों परिवारों की उम्मीदों से जुड़ी रही है। निर्माण कार्य में आई नई तेजी और लगातार मिल रहे ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट यह संकेत देते हैं कि अब कई खरीदारों का अपने घर में रहने का सपना जल्द पूरा हो सकता है। यदि आने वाले महीनों में ऑडिट और मंजूरी की प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो हजारों परिवारों को अपने फ्लैट की चाबी मिलने का इंतजार भी खत्म हो सकता है।
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