दादरी तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता कर्मवीर सिंह नागर ने गुर्जर समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, UPSC-PCS, रोजगार, उद्यमिता, इतिहास संरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सुधार और OBC आरक्षण पर 9 सूत्रीय रोडमैप रखा है।

Greater Noida News : दादरी तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता कर्मवीर सिंह नागर ने गुर्जर समाज की प्रगति और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं, रोजगार, उद्यमिता, इतिहास संरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक कुरीतियों और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय प्रबुद्ध गुर्जर परिषद के तत्वाधान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा गुर्जर समाज को नई दिशा देने का प्रयास है। कर्मवीर नागर ने कहा कि आज सभागार में भले ही सैकड़ों लोग बैठे हैं, लेकिन यहां मौजूद लोगों की सामर्थ्य लाखों लोगों को जोड़ने की है। यदि प्रबुद्ध वर्ग संकल्प ले तो यह पहल गुर्जर समाज के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित हो सकती है। कार्यक्रम के आयोजकों राष्ट्रीय प्रबुद्ध गुर्जर परिषद के अध्यक्ष एवं ब्लूम इंटरनेशनल स्कूल्स श्रृंखला के चेयरमैन यशवीर सिंह नागर परिषद के सचिव अनुराग कसाना तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दुष्यंत पोसवाल का आभार जताते हुए कर्मवीर नागर ने कहा कि समाज की रोजमर्रा की समस्याओं पर चर्चा बहुत होती है, लेकिन अब चर्चा से आगे बढ़कर ठोस रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण को समाज के सामने बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण से बदलकर नौकरी हासिल करने तक सीमित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगी शिक्षा के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की प्रतिभाएं पीछे छूट रही हैं। उन्होंने आरटीई कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए कहा कि गरीब और अमीर बच्चों को समान अवसर तभी मिल सकते हैं जब कानूनों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि नामचीन स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत दाखिले में आनाकानी का मुद्दा गंभीर है। उनके मुताबिक गौतमबुद्धनगर में प्रशासन की ओर से स्कूलों को बैठक में बुलाए जाने के बावजूद कुछ स्कूलों की कथित बेरुखी चिंता का विषय है। कर्मवीर नागर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे मुद्दे विधानसभा और संसद में मजबूती से उठाने चाहिए। Greater Noida News
उन्होंने ब्लॉक अथवा जनपद स्तर पर "गुर्जर शिक्षा सहायता कोष" बनाने का प्रस्ताव रखा। इस कोष से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को IIT, NEET और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक सहायता देने की बात कही गई। उन्होंने राजस्थान के कोटपूतली में गुर्जर छात्रावास के लिए बड़ी धनराशि के दान का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर के आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को भी समाज की शिक्षा व्यवस्था में योगदान देना चाहिए। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने कहा कि गुर्जर समाज के बच्चे मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने हर जिले में लगभग 10 IAS, IPS, जज और प्रोफेसर जैसे विशेषज्ञों का प्रबुद्ध मेंटर ग्रुप बनाने का सुझाव दिया, जो नियमित रूप से युवाओं को मार्गदर्शन दे। उन्होंने कक्षा 9 से ही मेधावी बच्चों की पहचान करने, उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और 12वीं के बाद NDA, SSC, UPSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर गुर्जर समाज के किसी महापुरुष के नाम पर पुस्तकालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध कराने के साथ प्रत्येक रविवार को नि:शुल्क टेस्ट कराने की बात कही। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से नियमित आर्थिक योगदान की अपील करते हुए कहा कि यह दान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी में निवेश है। लक्ष्य : वर्ष 2030 तक प्रत्येक जिले से कम से कम 10 प्रशासनिक अधिकारी तैयार करना। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने कहा कि प्रत्येक युवा को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और तकनीकी कौशल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को ड्रोन पायलट, डेयरी टेक्नोलॉजिस्ट, एआई टेक्नीशियन, लॉजिस्टिक्स और सोलर टेक्नीशियन जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने तहसील स्तर पर तीन महीने के कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू कराने तथा युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने कहा कि गुर्जर समाज का परंपरागत रूप से पशुपालन और कृषि से गहरा संबंध रहा है। अब इन्हीं क्षेत्रों को आधुनिक व्यापार से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने दूध, घी और पशु आहार जैसे पारंपरिक व्यवसायों को ब्रांड के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया और पीएमएफएमई जैसी योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने के लिए समाज के स्तर पर बैंकिंग एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट हेल्पडेस्क बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने "एक गांव-एक उद्यम और एक परिवार-एक उद्यमी का नारा देते हुए कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता समाज की दीर्घकालिक मजबूती का आधार बन सकती है। Greater Noida News
उन्होंने सोशल मीडिया आधारित "गुर्जर रोजगार सूचना ग्रुप" बनाने का सुझाव दिया, जिसमें SSC, रेलवे, सेना, पुलिस, मंत्रालयों तथा अन्य सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाई जाए तथा आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता दी जाए। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने कहा कि समाज का इतिहास केवल किस्सों और मौखिक परंपराओं में नहीं रहना चाहिए। इतिहास का दस्तावेजीकरण और प्रमाणिक लेखन जरूरी है। उन्होंने "गुर्जर इतिहास लेखन समिति" गठित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें इतिहास के प्रोफेसरों के साथ इतिहास की जानकारी रखने वाले वरिष्ठ लोगों को शामिल किया जाए। सम्राट मिहिर भोज, कनिष्क, पृथ्वीराज चौहान सहित ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े शिलालेखों, ताम्रपत्रों और अन्य प्रमाणों को एकत्र कर प्रमाणिक पुस्तक प्रकाशित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास से जुड़े किसी भी विवाद का जवाब केवल विरोध से नहीं बल्कि **तथ्य, दस्तावेज और प्रमाण** के साथ दिया जाना चाहिए। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता और शासन-प्रशासन में भागीदारी समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने गुर्जर समाज में आपसी खींचतान और संगठन के अभाव को राजनीतिक पिछड़ेपन का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों का एक ही राजनीतिक दल में होना संभव नहीं है, लेकिन अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहते हुए भी समाज के हित के मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग किया जा सकता है। कर्मवीर नागर ने कहा कि राजनीति को निजी स्वार्थ का साधन नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया जाना चाहिए। Greater Noida News
गौतमबुद्धनगर में पंचायत व्यवस्था के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधित्व की व्यवस्था मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है और युवाओं को भी राजनीतिक नेतृत्व विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और समाज के प्रबुद्ध वर्ग से पंचायत पुनर्गठन के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा सत्ता भीख से नहीं, जनाधार से मिलती है। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची को समाज के लिए गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि अनेक नए रस्म-रिवाज आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। उनका कहना था कि समाज के अग्रणी और प्रबुद्ध लोगों को स्वयं सादगी अपनाकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने नशे की प्रवृत्ति तथा स्मार्टफोन के बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की और युवाओं तथा बच्चों को इसके नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। Greater Noida News
उन्होंने कहा कि पहले गांवों में चौपाल जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से लोग आपसी विवाद बातचीत से सुलझाते थे। आज सामाजिक ताना-बाना कमजोर हुआ है। उन्होंने बड़े-बुजुर्गों के सम्मान, आपसी भाईचारे और पारंपरिक संस्कारों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर असभ्य तथा असंसदीय भाषा के प्रयोग पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि समाज के नेताओं को अपने सार्वजनिक आचरण के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। Greater Noida News
कर्मवीर नागर ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों को भी संवाद कार्यक्रम में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मंडल आयोग और इंद्रा साहनी मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ापन है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के वास्तविक क्रियान्वयन की निगरानी के लिए समाज को सक्रिय होने का आह्वान किया। उन्होंने हाल की भर्ती प्रक्रियाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि भर्ती विज्ञापनों में आरक्षण की श्रेणीवार गणना पर समाज को नजर रखनी चाहिए और यदि कहीं निर्धारित अनुपात से कम आरक्षण दिखाई दे तो तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई के लिए भी समाज को तैयार रहना होगा। Greater Noida News
अपने संबोधन के अंत में कर्मवीर सिंह नागर ने कहा कि गुर्जर समाज के सामने चुनौतियां अनेक हैं, लेकिन उनका समाधान भी समाज के भीतर मौजूद है। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, संगठन और व्यापार इन तीन मूल मंत्रों को अपनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास संघर्ष, साहस और विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने का रहा है। अब उसी जज्बे को शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक सुधार और संगठनात्मक शक्ति में बदलने की जरूरत है। कर्मवीर नागर का संदेश था कि यदि समाज का प्रबुद्ध वर्ग केवल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय उनके समाधान के लिए संस्थागत रोडमैप तैयार कर जमीन पर उतरे, तो आने वाले दशक में गुर्जर समाज की दिशा और दशा दोनों बदली जा सकती हैं। Greater Noida News
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