ग्रेटर नोएडा शहर के पास विकसित हो रहे जेवर एयरपोर्ट के आस-पास बड़ा काम होने वाला है। यमुना सिटी बसाने वाले यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास को गाँवों का विकास आदर्श गाँव के रूप में करने का बीड़ा उठाया है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO राकेश कुमार सिंह का कहना है कि गाँव में रहने वाले किसानों की बदौलत ही जेवर एयरपोर्ट तथा विश्व स्तरीय शहर बस रहा है। इस कारण यीडा ने जेवर क्षेत्र के गाँवों का विकास आदर्श गाँवों के रूप में करने का अभियाान शुरू किया है। Jewar Airport
मूल रूप से गाँव के रहने वाले हैं यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह
उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह यीडा के CEO हैं। राकेश कुमार सिंह को बेहतरीन काम करने वाले ईमानदार IAS अधिकारी के रूप में पहचान प्राप्त है। राकेश कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही एक गाँव के मूल निवासी हैं। यही कारण है कि राकेश कुमार सिंह गाँवों की समस्याओं को खूब अच्छी तरह से जानते तथा समझते हैं। यीडा के CEO का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही राकेश कुमार सिंह ने यीडा क्षेत्र के गाँवों में विकास की योजनाओं को प्राथमिकता दी है। इसी कड़ी में जेवर एयरपोर्ट के आसपास के 29 गाँवों को आदर्श गाँव के रूप में विकसित करने का अभियान शुरू किया गया है।
बाकायदा DPR बनाकर बदली जा रही है गाँवों की दशा तथा दिशा
यीडा ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास के 29 गाँवों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाकर गाँवों को आदर्श गाँव बनाने का काम पहले से ही शुरू कर रखा है। यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने इस काम को और तेज कर दिया है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के गाँवों को आदर्श गाँव के रूप में विकसित करने के लिए हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यीडा के अधिकारियों ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास के जिन गाँवों को आदर्श गाँव बनाया जा रहा है वें कल 29 गाँव हैं। इन 29 गाँवों में से 9 गाँवों में DPR के मुताबिक विकास के काम पूरे कराए जा रहे हैं। इसके बाद 11 गाँवों में विकास के काम कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने गाँवों के विकास से जुड़े हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि गाँवों में विकास कार्यों में लापरवाही होने पर संबंधित ठेकेदार या कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी, यहां तक कि उन्हें ब्लैक लिस्ट करने पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही गुणवत्ता पूर्ण कार्य न मिलने पर भुगतान भी रोका जा सकता है। प्राधिकरण ने अब तक तक विकसित हुए नौ गांवों का DPR के तहत विवरण मांगा है, जिसके अनुरूप कार्य की समीक्षा की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के 29 गांवों को आदर्श बनाने के लिए दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सभी गांवों के विकास कार्य पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी तक नौ गांवों पर जो रकम खर्च हुई है, उसका भी ऑडिट कराया जाएगा। गांव के हिसाब से खर्च का ब्यौरा तैयार होगा। वहीं, किन गांवों में क्या क्या सुविधाएं विकसित हुई है, उनका अब क्या स्थिति हैं, यह सब जानने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। Jewar Airport