
ग्रेटर नोएडा में 28 वर्षीय निक्की भाटी की हत्या का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर दिन इस केस से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जो पुलिस की जांच को और चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं। 21 अगस्त की रात, ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लिए निक्की को जलाकर मार दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में उसका पति विपिन भाटी नामित किया। घटना के बाद कासना पुलिस ने घर से ज्वलनशील पदार्थ भी बरामद किया, जिसका इस्तेमाल करके निक्की को आग के हवाले किया गया। Nikki bhati Murder Case
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा। लापता बताई जा रही निक्की का मोबाइल हाल ही में उसके मायके रूपवास गांव में मिला है। हालांकि फोन में निर्णायक सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मोबाइल वहां कैसे पहुंचा।
इस हत्याकांड ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरीं। केस में निक्की के पति विपिन भाटी और सास दया भाटी पर दहेज के लिए पत्नी को आग लगाकर मारने का गंभीर आरोप लगा है। बीते दिनों लोअर कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पति, सास, ससुर सतवीर और भाई रोहित की जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल में उनकी गिरफ्तारी को सही ठहराया। इस केस ने न केवल कानूनी और पुलिस जांच को गति दी है, बल्कि समाज में दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा पर भी नई बहस छेड़ दी है।
पीड़ित पक्ष के वकील का कहना है कि निक्की भाटी की हत्या पूरी तरह से साजिश के तहत की गई थी। उन्होंने साफ कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी चार आरोपियों—पति विपिन भाटी, भाई रोहित, पिता सतवीर, और मां दया—की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने गंभीरता से मामले का मूल्यांकन करते हुए उन्हें जेल में ही रहने का आदेश दिया।
निक्की की ओर से पैरवी कर रहे वकील कंचन भाटी ने अदालत में वकालतनामा पेश करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जो स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि निक्की को जिंदा जलाकर हत्या की गई। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि किसी भी हाल में आरोपी जमानत नहीं पाएंगे। उन्होंने पुलिस की जांच पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि जांच में उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे न्याय की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
घटना के समय की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी विपिन भाटी को घटना स्थल के बाहर देखा गया। इसके बाद की गिरफ्तारी ने केस में नई दिशा और मजबूती दी है। अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की जमानत याचिका सेशन कोर्ट में दायर होती है, तो उसे भी खारिज कराने के लिए हर कानूनी उपाय अपनाया जाएगा। परिवार और पुलिस दोनों ही इस बात को सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि न्याय प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता से चले और दोषियों को उनके अपराध की सजा मिले। इस केस ने ना सिर्फ कानूनी लड़ाई को तेज किया है, बल्कि समाज में दहेज और घरेलू हिंसा के मुद्दों पर भी नई बहस को जन्म दिया है। Nikki bhati Murder Case