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नोएडा में भाजपा की कार्यवाही से महिला मोर्चा में आक्रोश, अध्यक्ष को नारी शक्ति वंदन अभियान टीम से बाहर रखने पर उठे सवाल और संगठन पर निशाना।

Noida News: नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के संगठन की एक कार्यवाही से नोएडा में पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। भाजपा नोएडा महानगर द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान को लेकर बनी जिला संयोजक की टीम में महिला मोर्चा की अध्यक्ष शारदा चतुर्वेदी को ही बाहर कर दिया गया है। इससे भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं में काफी रोष है। उनका कहना है कि नारी शक्ति वंदन अभियान से अध्यक्ष को कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
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Noida News: बता दें कि नोएडा महानगर में 13 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक चलने वाले नारी शक्ति वंदन अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों की सूची में 14 पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस टीम में 8 महिला पदाधिकारियों को शामिल किया गया है तथा 6 पुरुष पदाधिकारियों को विभिन्न आयोजनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोएडा भाजपा के जिला अध्यक्ष महेश चौहान को कार्यक्रम का संयोजक तथा नोएडा भाजपा की जिला मंत्री सुश्री प्रज्ञा शर्मा को भी कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा जिन महिला पदाधिकारी को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है उसमें प्रज्ञा शर्मा के अलावा डिंपल आनंद, दीपाली दीक्षित, राजश्री गुप्ता, मीनाक्षी चौहान, मोनिका श्रीवास्तव, शीतल शुक्ला तथा रुचि चौहान के नाम शामिल है। वहीं पुरुष पदाधिकारियों में उमेश त्यागी, रामनिवास यादव, मनीष वाल्मीकि, विपुल शर्मा, अर्पित मिश्रा, मल्लिकेश्वर झा तथा जिला उपाध्यक्ष, अशोक मिश्रा के नाम शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष शारदा चतुर्वेदी को ना तो कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया और ना ही किसी अन्य कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे नोएडा में भाजपा की महिला मोर्चा से जुड़ी हुई महिला कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
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आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में महिलाओं के सम्मान में नारी शक्ति वंदन अभियान चला रही है। नारी शक्ति वंदन अभियान लोकसभा में पारित किए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की खुशी में चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद देश भर में भाजपा के नारी शक्ति वंदन अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। दरअसल संसद में जल्दी ही महिला आरक्षण विधेयक का नया प्रारूप पेश किया जाएगा। इस प्रारूप के द्वारा पूरे भारत में संसद, विधानसभाओं तथा निकायों में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत करते हुए आरक्षण की इस व्यवस्था को वर्ष-2029 में लोकसभा के चुनाव में लागू कर दिया जाएगा। संसद में विधेयक पारित करने से पहले भारतीय जनता पार्टी देशभर की महिलाओं को आरक्षण का बड़ा संदेश देने के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान चला रही है।
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