नोएडा की 28 जुलाई की बड़ी खबरें पढ़ें। लेखपाल निलंबन, घरेलू सहायिका मौत, मुद्रा योजना और ग्रेटर नोएडा अवैध कॉलोनियों पर NGT कार्रवाई की पूरी जानकारी।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 28 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “महिला लेखपाल ने पति के नाम की सरकारी जमीन, निलंबित” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचार के आरोप और प्राथमिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर महिला लेखपाल नीरज लता को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि लेखपाल ने बंजरपुर गांव में तैनाती के दौरान 450 वर्ग मीटर सरकारी जमीन घरौनी (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) में पति के नाम दर्ज कर दी। डीएम ने नायब तहसीलदार को जांच रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। 2020 से 2023 तक नीरज लता गांव की लेखपाल थी। उन्होंने घरौनी बनाने के दौरान सरकारी जमीन पति के नाम दर्ज कर दी और जमीन को आबादी दिखाया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी मेधा रूपम तक पहुंची। उन्होंने तहसीलदार को जांच सौंपी। लेखपाल ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया। सदर तहसील की नायब तहसीलदार ज्योत्सना सिंह को आगे की जांच की | जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला लेखपाल फिलहाल बिलासपुर गांव में तैनात थी। उसे जिला मुख्यालय से अटैच किया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह तहसील की टीम गांव में पहुंची थी। वह प्रमोद, पुत्र प्रेम दयाल के बारे में जानकारी ले रही थी। प्रमोद नाम के तीन व्यक्ति गांव में हैं। सभी ने जमीन उनके नाम दर्ज होने से इन्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन को घरौनी में आबादी दिखाया गया है, वहां पर होलिका दहन किया जाता है। जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचार के आरोप और प्राथमिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर महिला लेखपाल नीरज लता को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि लेखपाल ने बंजरपुर गांव में तैनाती के दौरान 450 वर्ग मीटर सरकारी जमीन घरौनी (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) में पति के नाम दर्ज कर दी। डीएम ने नायब तहसीलदार को जांच रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। 2020 से 2023 तक नीरज लता गांव की लेखपाल थी। उन्होंने घरौनी बनाने के दौरान सरकारी जमीन पति के नाम दर्ज कर दी और जमीन को आबादी दिखाया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी मेधा रूपम तक पहुंची। उन्होंने तहसीलदार को जांच सौंपी। लेखपाल ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया। सदर तहसील की नायब तहसीलदार ज्योत्सना सिंह को आगे की जांच की | जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला लेखपाल फिलहाल बिलासपुर गांव में तैनात थी। उसे जिला मुख्यालय से अटैच किया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह तहसील की टीम गांव में पहुंची थी। वह प्रमोद, पुत्र प्रेम दयाल के बारे में जानकारी ले रही थी। प्रमोद नाम के तीन व्यक्ति गांव में हैं। सभी ने जमीन उनके नाम दर्ज होने से इन्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन को घरौनी में आबादी दिखाया गया है, वहां पर होलिका दहन किया जाता है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “फ्लैट में संदिग्ध हालात में फंदे से लटकी मिली घरेलू सहायिका” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-150 की एटीएस प्रिस्टीन सोसाइटी में रविवार सुबह घरेलू सहायिका का शव संदिग्ध परिस्थितियों थतियों में में फंदे फंदे से लटका मिला। उसकी पहचान सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र के बासखेड़ा निवासी सोनम (19) के रूप में हुई है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। सोमवार सुबह 7:30 बजे पुलिस को सोसाइटी के टावर-9 की 10वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में युवती के फंदा लगाकर आत्महत्या की जानकारी मिली थी। पुलिस ने बताया कि सोनम प्रशांत सिंह और उनकी पत्नी मोलीश्री के यहां दो साल से घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। वारदात की सूचना मिलने पर युवती की बहन और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि परिजन तहरीर या शिकायत देते हैं तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
Noida News: अमर उजाला ने 28 जुलाई 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “संभल कर चलें, खुले हैं लापरवाही के गड्ढे” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि शहरवासी रोड पर संभलकर ही निकलें, क्योंकि शहरभर में लापरवाही के गड्ढे खोदे गए हैं। अमर उजाला पड़ताल में सामने आया कि जिम्मेदारों की ओर से कहीं पर नाले नालियों की सफाई के लिए कवर हटाकर सफाई की गई, लेकिन हफ्ते बीत जाने के बाद भी उन्हें नहीं ढका गया। शहरवासियों ने ऐसे खुले खतरनाक नाले और खोदे गए गड्ढों को लेकर चिंता जताई है। हरौला बाजार के व्यापारी जान हथेली में रखकर सामने खुले नाले के बीच कर रहे काम : सेक्टर-5 हरौला मार्केट का हाल ऐसा है कि पिछले दो हफ्तों से व्यापारी अपनी जान हथेली में रखकर खुले नाले के बीच अपनी दुकान चला रहे हैं। पहले दुकान, उनके ठीक आगे खुले गहरे नाले हैं। उनको पार करते हुए या बचकर ग्राहक और खुद व्यापारी अपनी दुकान तक पहुंच रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि ऐसे ही नाले की सफाई के लिए कई जगह कवर हटाया गया, सफाई हुई, कहीं नहीं हुई, लेकिन जहां हुई, उन्हें सफाई के बाद भी जस का तस छोड़ दिया है। अब वहां से गुजरना और व्यापार करना कठिन हो गया है |
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 28 जुलाई 2026 का प्रमुख समाचार “मुद्रा योजना से 72 हजार बेरोजगारों को मिला 860 करोड़ रुपये का ऋण, लगाया उद्यम” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गौतमबुद्ध नगर में छोटे DHA NAG पंकज निर्वाण कारोबारियों के लिए संजीवनी बन गई है। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़े बताते हैं कि अब तक 72,773 लाभार्थियों को कुल 860.2 करोड़ रुपये का मुद्रा योजना के तहत बैंक ऋण वितरित किया जा चुका है। यानि हर साल करीब 7200 को इसका लाभ मिला है। कुल चार श्रेणियों की इस योजना में सबसे ज्यादा लाभकिशोरों को मिला। शिशु में 26,950 खातों को 119.87 करोड़ रुपये, किशोर में 41,409 खातों को 400.4 करोड़ रुपये और तरुण में 4,223 खातों को 311.8 करोड़ रुपये ऋण दिए गए हैं। वहीं, तरुण प्लस के 191 खातों को 28.2 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में मिले हैं।इसमें निजी क्षेत्र के बैंकों ने सबसे बड़ा योगदान दिया। 49,156 खातों में 516.15 करोड़ रुपये बांटे गए। इसमें आरबीएल बैंक 27,623 खातों में 159.69 करोड़ और कोटक महिंद्रा बैंक 12,502 खातों में 71.24 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे रहे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 7,355 खातों में 247.63 करोड़ रुपये, लघु वित्त बैंकों ने 15,490 उद्यमियों को 84.34 करोड़ रुपये और क्षेत्रीय ग्रामीण व सहकारी बैंकों ने 772 खातों में 12.08 करोड़ रुपये का बैंक ऋण इस योजना के तहत वितरित किया गया है। उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में मुद्रा योजना रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हुई है। शिशु, किशोर और तरुण कैटेगरी के माध्यम से महिलाओं, युवाओं और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी वित्तीय मदद मिल रही है। योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सेवा और कृषि से जुड़ी व गैर कृषि गतिविधियों के लिए 50 हजार से 20 लाख रुपये तक बैंक ऋण का प्रविधान है।
Noida News: दैनिक जागरण के 28 जुलाई 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “ग्रेटर नोएडा की तीन अवैध कालोनियों पर चार सप्ताह में एनजीटी ने मांगी रिपोर्ट” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हुए अवैध निर्माण की शिकायत पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने ग्रेटर नोएडा की तीन अवैध कालोनियों पर रिपोर्ट मांगी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को चार सप्ताह में रिपोर्ट देनी होगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के दर्जनों गांव में हजारों अवैध कालोनियां बनाकर लोगों को आवास बेचे गए हैं।बता दें राजेंद्र त्यागी की ओर से एनजीटी में याचिका दायर की गई। इसमें नोएडा-ग्रेटर मा नोएडा में अवैध कालोनी व इमारतों का जिक्र , है। मामले में एनजीटी में लगातार सुनवाई का जारी है। सुनवाई करते हुए कई रिपोर्ट दोनों प्राधिकरण, जिला प्रशासन व यूपीपीसीबी से मांगी गई। इसी क्रम में एनजीटी ने 23 जुलाई को हुई सुनवाई में ग्रेटर नोएडा की समता एन्क्लेव, द्वारिका सिटी, सहारा एन्क्लेव की रिपोर्ट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व यूपीपीसीबी से मांगी है। यह रिपोर्ट चार सप्ताह में एनजीटी में देनी होगी। ग्रेटर नोएडा में ऐसी 24 अवैध कालोनियों की रिपोर्ट शिकायतकर्ता की ओर से एनजीटी में दी गई थी। तीनों अवैध कालोनियों पर अगली सुनवाई पर निर्णय भी आ सकता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ग्रामीण क्षेत्र में आबादी की भूमि पर अवैध निर्माण कर फ्लैट और विला बेचे गए हैं।
Noida News:
विज्ञापन