
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 29 अक्टूबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जेनरेटर से वायु प्रदूषण फैलाने पर सुपरटेक पर 13 लाख का जुर्माना” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसाइटी में जनरेटर से वायु प्रदूषण होने पर सुपरटेक बिल्डर पर 13.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही इको विलेज-2 सोसाइटी में भी वायु प्रदूषण पर बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें बिल्डर पर 13.50 लाख का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसाइटी में 5 से अधिक जनरेटर लगे हैं। जिन पर चिमनी नहीं लगी है। डीजल जनरेटर से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण हो रहा है। शिकायत पर यूपीपीसीबी के ग्रेनो कार्यालय की टीम ने जांच की। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि इको विलेज वन सोसाइटी में कई जनरेटर लगे हैं। जो वायु प्रदूषण कर रहे हैं। बिल्डर पर 13.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी हैं। वहीं इको विलेज-2 सोसाइटी में भी जनरेटर पूर चिमनी नहीं लगी है। पास की सोसाइटी के कई टावर के निवासी धुएं से परेशान है। उनकी शिकायत पर जांच के बाद सुपरटेक बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बिल्डर को 13.50 लाख क जुर्माना लगाने की चेतावनी दी हैं।
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अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “वेव मेगा सिटी सेंटर को वापस दी जाएगी एक लाख वर्गमीटर जमीन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा। यूपी शासन ने बीते कुछ माह पहले नोएडा प्राधिकरण को वेव मेगा सिटी सेंटर की सेक्टर-25ए और सेक्टर-32 की निरस्त की गई 1,08,421 वर्गमीटर जमीन का आवंटन दोबारा बहाल करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ने इस जमीन का आवंटन निरस्त कर पहले ही कब्जा ले लिया है। वेव ग्रुप पर बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण यह कार्रवाई की गई थी। अब नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को बोर्ड बैठक में इसके प्रस्ताव पर चर्चा की। इसके बाद वेव के कुल बकाये की गणना के साथ जमीन वापसी पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है।
वेव मेगा सिटी सेंटर प्रा. लि. को 10 साल पहले सेक्टर-25ए और सेक्टर-32 में वाणिज्यिक भूखंड सीसी-01 आवंटित किया गया था। इसमें 6,18,952,75 वर्गमीटर का भूखंड था। 11 फरवरी 2021 को 1,08,421.13 वर्गमीटर जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया गया था। इसमें 63,568 वर्गमीटर अनकवर्ड और 44,853.13 वर्गमीटर का भूखंड कवर्ड था। इस प्लॉट में दो टावर हैं। एक में 43 तो दूसरे टावर में 10 मंजिला भवन बने हैं। प्राधिकरण ने इनको भी सील कर कब्जे में ले लिया था। इसके अलावा उस भूखंड में बने तीन अलग-अलग मार्गों को भी कब्जे में ले लिया गया था। वहीं, जमा की गई 'धनराशि में से 15 फीसदी कटौती के बाद 85 फीसदी रकम के बराबर 56,400 वर्गमीटर जमीन की आवंटित की गई।
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Noida News: अमर उजाला ने 29 अक्टूबर 2029 के अंक में प्रमुख समाचार “27 बिल्डरों के फेर में फंसे 30 हजार फ्लैट खरीदार” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में 30 हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदार अब भी अधर में हैं। प्राधिकरण की उदासीनता के चलते अमिताभकांत समिति की सिफारिश का लाभ नहीं लेने वाले बिल्डरों से जुड़े फ्लैट खरीदार अब भी भटक रहे हैं। बोर्ड ने अमिताभकांत समिति की तय समय सीमा के बाद 25 फीसदी जमा करने वाले सात बिल्डरों को भी अनुमति दे दी है। इससे इन परियोजनाओं में अटके बॉयर्स की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। मगर, 30 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री अटकाने वाले 27 बिल्डरों पर किसी तरह की चर्चा तक नहीं हुई। हालांकि दावा किया जा रहा है कि न्यायालय से स्थगन आदेश लेने वाले 22 बिल्डरों से प्राधिकरण वार्ता कर हल निकालने की कोशिश कर रहा है। उधर, पांच बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने से पहले नोटिस जारी कर दिया गया है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा में 98 परियोजनाओं में 62,912 फ्लैट खरीदार करीब 15 या 20 वर्ष से अधिक समय से फंसे हैं। हालांकि अमिताभकांत समिति की सिफारिश का लाभ लेते हुए 58 बिल्डरों ने बकाये का 25 फीसदी और 13 बिल्डरों ने पूरा बकाया चुका दिया है। इसमें बाकी बचे 27 बिल्डरों में 22 ने न्यायालय से उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने के खिलाफ स्थगन आदेश प्राप्त किया है। महज पांच बिल्डर बिना किसी आदेश के मनमानी कर रहे हैं। ऐसे में प्राधिकरण ने इनके खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। मगर, इन सभी 27 बिल्डर परियोजनाओं के 30 हजार से ज्यादा बॉयर को लाभ पहुंचाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
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समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 29 अक्टूबर 2029 का प्रमुख समाचार “नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्राधिकरण ने जारी किए 486 करोड़ रुपये” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर 17 अप्रैल 2025 को पहली कामर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट के स्टेज-2 के फेज-1 के निर्माण में अर्जित भूमि से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 486 करोड़ 30 लाख 96 हजार रुपये जारी कर दिया है। इसका अनुमोदन नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने 215वीं बोर्ड बैठक में किया है।
दरअसल नोएडा प्राधिकरण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी में सबसे बड़ा 37.5 प्रतिशत की शेयर होल्डिंग भी रखता है। ऐसे में निर्माण से लेकर विस्थापित लोगों के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण की है। इसके लिए शेयर होल्डिंग के अनुसार मांग पर प्राधिकरण राशि जारी करता है। स्टेज-2 के फेज-1 जमीन अधिग्रहण से सैकड़ों की संख्या में किसान और ग्रामीण प्रभावित होंगे। उनके पुनर्वास के लिए 1296 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। इसमें प्राधिकरण ने अपनी हिस्सेदारी के तहत 486 करोड़ 30 लाख 96 हजार रुपये जारी कर दिया है। वहीं अनुबंध से लेकर 30 जून तक नोएडा प्राधिकरण 3644 करोड़ 90 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जारी कर चुका है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 25 नवंबर से ट्रायल रन शुरू होगा। इसके बाद एयरोड्रम से अनुमति ली जाएगी। वहां से अनुमति मिलते ही 17 अप्रैल को पहले कामर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी।
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Noida News: दैनिक जागरण के 29 अक्टूबर 2029 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “मंगरौली से फरीदाबाद लालपुर तक बनेगा 600 मीटर लंबा पुल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि फरीदाबाद नोएडा गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेस वे पर दोबारा से जल्द काम शुरू होगा। इसको लेकर हाल ही में नोएडा प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) हरियाणा के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें बताया गया कि पीडब्ल्यूडी की ओर से इस एक्सप्रेसवे की परियोजना के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस एक्सप्रेस-वे की नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में तीन अलाइंमेंट (मार्ग) तैयार किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय द्वारा मंजूरी देने के बाद एक पर काम शुरू किया जाएगा।
नोएडा में एक्सप्रेस वे का करीब 17 किमी हिस्से का 70 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यह एक्सप्रेस वे छिजारसी से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे को पार करता हुआ यमुना तक करीब 23 किमी का है। एक्सप्रेस वे गाजियाबाद के एनएच-9 को नोएडा के छिजारसी, बहलोलपुर, सोहरखा, सेक्टर 112, एक्सप्रेस-वे, सेक्टर-168 140, होकर फरीदाबाद के गांव लालपुर में आकर निकलेगा। यह पहला एक्सप्रेस वे होगा जो तीन एनसीआर के तीन बड़े शहरों को सीधे जोड़ेगा।
नोएडा से फरीदाबाद को जोड़ने के लिए यमुना पर करीब 600 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। यह पुल नोएडा के मंगरौली गांव से फरीदाबाद के लालपुर तक जाएगा। इसके आगे फरीदाबाद अपनी एप्रोच रोड बनाएगा। पुल के निर्माण में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका वहन नोएडा प्राधिकरण और हरियाणा सरकार 50- 50 प्रतिशत करेगी। साथ ही दोनों ओर की एप्रोच रोड अपने-अपने खर्चे पर तैयार की जाएगी। एफएनजी नोएडा के छिजारसी से शुरू होकर मंगरौली तक जाएगी। छिजारसी के पीछे एनएच-१ पर एलिवेटेड लूप बनाकर इसे गाजियाबाद से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर एनएचएआइ से बातचीत की जाएगी। छिजारसी कट से आगे 650 मीटर का एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा।
यह एलिवेटेड छिजारसी से बहोलपुर अंडरपास के पास तक होगी। इसको बनाने में 700 करोड़ रुपये खर्च आएगा। 11 साल पहले इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की बात हुई थी। खास यह है कि इस एलिवेटेड को छिजारसी गांव के ऊपर से निकाला जाएगा, जिससे नीचे की आबादी को दिक्कत नहीं होगी। इसके आगे 14.610 के किमी पर एक एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। यह रोड 5.65 किमी की होगी। यह रोड हरनंदी पुश्ता से होकर बनाई जाएगी। इसके बाद नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर एक अंडरपास बनेगा।
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