
Noida International Airport : उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अब एक विशेष पहचान मिल गई है, जो पीढ़ियों तक नहीं बदलेगी। पूरी दुनिया अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी विशेष कोड से पहचाना जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशल कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना के तहत इस एयरपोर्ट का निर्माण कर रही है। जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। अब इस एयरपोर्ट को इसकी विशेष पहचान DXN कोड मिल गई है।
एनआईए यूनिवर्सल की सीईओ किरण जैन ने इस कोड सिस्टम को लांच करने के आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि यह एक यूनिक कोड है। जब भी कोई यात्री जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए टिकट बुक कराएगा या फिर एयरलाइंस अपना शेड्यूल जारी करेंगी तो इस कोड का इस्तेमाल किया जाएगा। दुनियाभर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट DXN कोड से पहचाना जाएगा और कई पीढ़ियों तक नहीं बदल सकेगा।
उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण तेजी के साथ चल रहा। यहां पैसेंजर प्रोसेस, बैगेज हैंडलिंग, एलिवेटर, फ्यूल पंप, मल्टी कार्गो हब व हाईटेक किचन के प्रोसेस को फाइनल कर दिया गया है। वहीं ग्राउंड हैंडलिंग के लिए भी इसी हफ्ते आरएफपी (टेंडर) जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट ओपन फूड कोर्ट अपनी तरह का अलग फूड कोर्ट होगा। यहां पर पैसेंजर के अलावा उसे छोड़ने के लिए एयरपोर्ट आने वाले रिश्तेदार भी फूड कोर्ट का इस्तेमाल कर सकेंगे और शॉपिंग भी कर सकेंगे।
चीफ आपरेटिंग आफिसर किरन जैन ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कंस्ट्रक्शन प्लान के हिसाब से चल रहा है और यह पूरी उम्मीद है कि 2024 के अंत तक एयरपोर्ट से उड़ान भरनी शुरू हो जाएगी।