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नोएडा में जनगणना लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, हाइड्रोजन बस योजना अटकी, तटबंध रोड मंजूर, मौसम बदलाव और रवि काना की जमानत रद्द पर बड़ी खबरें।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 02 जून को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जनगणना ड्यूटी पर जा रहे शिक्षक की हादसे में मौत” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि दनकौर थाना क्षेत्र के चांगोली मोड़ के पास जनगणना ड्यूटी पर जा रहे शिक्षक को वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। शरकपुर के बालकिशन खुर्जा क्षेत्र के हसनपुर लडुकी गांव में प्रधानाध्यापक के पद थे। सोमवार को घर से बाइक पर सवार होकर ड्यूटी के लिए निकले थे। चांगोली मोड़ के पास उन्हें टक्कर मारने के बाद चालक गाड़ी के साथ भाग गया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जनगणना ड्यूटी में न आने वाले कर्मचारियों पर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से लगातार सख्ती बरती जा रही है। ड्यूटी पर न आने वाली दो संविदा कर्मियों के निलंबन और चार की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी गई है। वहीं अन्य विभागों के शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए फिर से डीसीपी को तहरीर दी गई है। जनगणना के भारसाधन अधिकारी प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी तक 52 प्रतिशत एचएलवी लाइव हो पाई है। इसमें कमी के पीछे वजह यह है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, वह सभी लोग नहीं आए हैं। इस स्थिति में प्राधिकरण के नियमित कर्मचारियों श्वेता तलवार व पिंकी मावी के निलंबन और संविदा कर्मी नीरज, ईश्वर, महबूब अली, राजेश शर्मा व धमेंद्र सिंह की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने बताया कि इनके अलावा दूसरे विभागों के करीब 100 कर्मियों पर एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है।
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अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “दो के निलंबन, 4 की सेवा समाप्ति की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जनगणना ड्यूटी में न आने वाले कर्मचारियों पर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से लगातार सख्ती बरती जा रही है। ड्यूटी पर न आने वाली दो संविदा कर्मियों के निलंबन और चार की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी गई है। वहीं अन्य विभागों के शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए फिर से डीसीपी को तहरीर दी गई है। जनगणना के भारसाधन अधिकारी प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी तक 52 प्रतिशत एचएलवी लाइव हो पाई है। इसमें कमी के पीछे वजह यह है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, वह सभी लोग नहीं आए हैं। इस स्थिति में प्राधिकरण के नियमित कर्मचारियों श्वेता तलवार व पिंकी मावी के निलंबन और संविदा कर्मी नीरज, ईश्वर, महबूब अली, राजेश शर्मा व धमेंद्र सिंह की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने बताया कि इनके अलावा दूसरे विभागों के करीब 100 कर्मियों पर एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है।
Noida News: अमर उजाला ने 02 जून 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “हाइड्रोजन बसों के लिए करना पड़ेगा इंतजार” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना सिटी में हाइड्रोजन फ्यूल से संचालित बसों को चलाने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। पूर्व में एक जून से हाइड्रोजन बसों का संचालन यूपी रोडवेज के सहयोग से यीडा को शुरू करना था। बसों के रूट और किराया तय करते हुए वायबिलिटी गैप फंड-वीजीएफ पर लंबित सहमति अभी बनना बाकी है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि किराया और रूट यमुना प्राधिकरण को प्रस्तावित करना है। इस प्रस्ताव के आधार पर हम सर्वे करा लेंगे। अभी यह सर्वे होना बाकी है। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि कहां से कहां तक बसें चलाई जाएं। अभी यह तय है कि नोएडा एयरपोर्ट को इससे कनेक्ट रखा जाए। इसके अलावा किराये से होने वाली आय और संचालन में आने वाले खर्च के अंतर वीजीएफ का भुगतान किस तरह से होगा। इस पर एनटीपीसी और यीडा के बीच हुए एमओयू को ध्यान में रखते हुए फाइनल प्राधिकरण को करना है। हाइड्रोजन बसों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पूर्व में यूपी रोडवेज की तरफ से बताई गई थी। इसके बाद खुद क्षेत्रीय प्रबंधक ने एनटीपीसी जाकर बसों का निरीक्षण किया था
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 02 जून 2026 का प्रमुख समाचार “शराब की दुकानें तोड़ीं, 38 की जगह मिले 50 करोड़” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि लाइसेंस फीस अधिक होने के कारण आबकारी विभाग को 4 दुकानों का आवंटन करना मुश्किल हो गया था, लेकिन जैसे ही विभाग ने 4 दुकानों को विभाजित कर 11 में तबदील कर दिया तो सभी दुकानों का आवंटन हो गया। साथ ही विभाग को लाइसेंस फीस के रूप में 38 की जगह 50 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं आवेदन पत्रों से भी विभाग को 2.75 करोड़ का राजस्व मिला है। 4 माह व 5 प्रयास के बाद हैं। आबकारी नीति के तहत हर साल शराब की दुकानों का नवीनीकरण कराना होता है। नवीनीकरण के बाद 20 से अधिक दुकानों का आवंटन नहीं हो सका था। इनकी लाइसेंस फीस अधिक होने के कारण लोगों ने दुकानों को लेने में रूचि नहीं ली।
Noida News: दैनिक जागरण के 02 जून 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “तटबंध रोड की होगी रीसरफेसिंग, सिंचाई विभाग करेगा काम” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-94 से 135 तक 11.5 किमी के चार लेन यमुना तटबंध रोड की रिसरफेसिंग व साफ-सफाई के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 34.18 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दे दी है। इसमें से 11 करोड़ रुपये प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग को सौंप दिया है। उम्मीद है कि इसी माह यमुना तटबंध पर काम शुरू कर दिया जाएगा। ये चार लेन की रोड है। जिसके रिसरफेसिंग से वाहन चालकों को काफी फायदा होगा। चार लेन की यह पुश्ता रोड साल 2014 में बनी थी। इसके बाद से मरम्मत नहीं हुई है, जिसके चलते पूरी सड़क उखड़ चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पूरे रास्ते में झाड़ियां का झुंड खड़ा हैं। प्राधिकरण एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि बताया कि पहले सड़क की सफाई करवाई जाएगी। फिर हुए गहरे गड्ढों को भरवाकर सड़क की नई परत बिछाई जाएगी। । इसके लिए पहले फेज में 11 करोड़ रुपये दिए गए है। बाकी राशि चरणबद्ध तरीके से सिंचाई विभाग को जारी होगी। बता दें कि यह रास्ता दुरुस्त होने से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के यातायात का भार कम होगा, इस रास्ते सेक्टर-135 तक पड़ने वाले तमाम गांव व ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लोगों की राह आसान होगी, लोग सेक्टर-150 तक आसानी से आ जा सकेंगे।
Noida News:
Noida Today News: दैनिक जागरण के 02 जून के अंक में “तीन जून से बूंदाबांदी व हवाएं देंगी गर्मी से राहत” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नौतपा के अंतिम दिनों में गर्मी फिर से बेहाल करने लगी है। 28 मई से हुई बूंदाबांदी ने गर्मी से कुछ राहत दी थी लेकिन फिर से तापमान में वृद्धि होने से गर्मी परेशान करने लगी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। गर्मी बढ़ने से बाजारों में रौनक कम होने लगी है। दिनभर मौसम उमस रहने से पसीने से तरबतर रहे। पार्क भी सुने रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 से 5 जून तक वर्षा होने के आसार हैं। इस बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 6 जून से तापमान में वृद्धि होने से गर्मी फिर से बढ़गी।
Noida News: दैनिक जागरण के 02 जून 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “कोर्ट ने गैंग्सटर रवि काना की अग्रिम जमानत रद की” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि स्क्रैप कारोबारी और गैंग्सटर रवि काना को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने 25 मई को उसकी अग्रिम जमानत रद कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपित ने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और बार-बार मौका देने के बाद भी जांच में सहयोग नहीं किया।
'गैंग्सटर रवि काना पर नोएडा की सेक्टर-63 कोतवाली में 14 जनवरी को शैलेंद्र शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। उस पर धमकी न जबरन वसूली का आरोप है। साथ ही गैंग्सटर एक्ट के तहत भी कार्रवाई चल रही है। 29 जनवरी को इस मामले में वारंट-बी (जब कोई आरोपित पहले से किसी मामले में जेल में बंद है और 'पुलिस या कोर्ट उसे किसी नए मामले में पेश करना चाहती है, तब कोर्ट वारंट-बी जारी करती है) जारी हुआ था, तब वह दूसरे मामले में जेल में बंद था। बाद में वह बिना न्यायालय आदेश के जेल से बाहर आ गया और 11 फरवरी को अग्रिम जमानत ले ली। कोर्ट ने शर्त रखी थी कि वह सात दिन में पुलिस के सामने पेश हो, जांच में सहयोग करे और गवाहों को प्रभावित न करे, लेकिन पुलिस का आरोप है कि रवि काना ने एक भी शर्त नहीं मानी। पुलिस ने बताया कि आरोपित जानबूझकर आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। गवाहों को प्रभावित करने और जांच से भागने की आशंका है। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा चिंता जांच से बचने का आधार नहीं हो सकतीः रवि काना ने जान का खतरा बताकर हाई कोर्ट से सुरक्षा ली थी। इसके बाद निचली अदालत ने उसे सुविधा के अनुसार पेश होने की छूट दी। फिर भी वह पेश नहीं हुआ और फेसटाइम से बयान दर्ज कराने की मांग करने लगा। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा चिंता जांच से बचने का आधार नहीं हो सकती। राज्य सुरक्षा दे सकता है। जमानत असीमित स्वतंत्रता नहीं है। शर्तों का उल्लंघन जमानत रद करने का पर्याप्त आधार है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपित का आचरण लुका छिपी जैसा है। अदालत के आदेश के बाद रवि काना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उसके पास आत्मसमर्पण करने और जांच में शामिल होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
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