
Noida Latest News : भाजपा से बगावत करके दादरी में नगर पालिका के चेयरमैन पद का चुनाव लड़ रहे जगभूषण गर्ग आर-पार की लड़ाई के मूड़ में है। जगभूषण गर्ग का कहना है कि भाजपा ने उनके साथ अन्याय किया है। इस अन्याय का बदला भाजपा की प्रत्याशी गीता पंडित को चुनाव में हरा कर लिया जाएगा।
एक बयान में जगभूषण गर्ग ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से मैंने भाजपा की सेवा की है। एक कार्यकर्ता के तौर पर हमेशा पार्टी को मजबूत करने का काम किया है। बयान में श्री गर्ग ने आगे कहा कि मैंने दादरी की जनता की सेवा करने के लिए पार्टी से कई बार नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट मांगा। मुझे बार-बार केवल आश्वासन दिया गया। अब मैं 60 वर्ष का हो रहा हूं। ऐसे में इस बार भी चुनाव नहीं लड़ा तो कब लडूंगा? श्री गर्ग ने जोर देकर कहा कि सर्व समाज ने पंचायत करके उन्हें चुनाव लडऩे का निर्देश दिया है। अब वे मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार यह लड़ाई समाज के सम्मान के लिए आर-पार की लड़ाई है। इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।
आपको बता दें कि दादरी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जगभूषण गर्ग को टिकट न दिए जाने से समूचा वैश्य समाज तथा व्यापारी वर्ग नाराज हो गया है। वैश्य समाज ने बाकायदा एक बड़ी पंचायत करके जगभूषण गर्ग को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने का निर्णय लिया था। इसके बाद जगभूषण गर्ग ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। भाजपा के खिलाफ वैश्य समाज के लामबंद होने से भाजपा के कई कद्दावर नेताओं के हाथ पैर फूल गए तथा वे पिछले दो-तीन दिनों से जगभूषण गर्ग को मनाने का प्रयास कर रहे थे।
नागरिकों का तो यहां तक कहना है कि जगभूषण गर्ग के नामांकन वापस न करने पर जीएसटी विभाग द्वारा उन पर तथा उनके परिजनों पर छापे डलवाए जा रहे हैं। जिसके विरोध में दादरी के व्यापारी लामबंद हो गए तथा उन्होंने एक पंचायत करके इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जगभूषण के चुनाव लडऩे से भाजपा प्रत्याशी गीता पंडित की चुनावी राह मुश्किल हो गयी है।
आपको यह भी बता दें कि तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी बनाई गई गीता पंडित के पति विजय पंडित की 7 जून 2014 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को कुख्यात सरगना सुंदर भाटी गैंग ने अंजाम दिया था। इससे पहले 12 सितंबर 2012 में विजय पंडित के करीबी रविंद्र शर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विजय पंडित गवाह थे। विजय पंडित बदमाशों द्वारा हफ्ता वसूली का भी विरोध करते थे।
हत्यारों ने विजय पंडित को गवाही ना देने के लिए कई बार धमकी भी दी थी, लेकिन विजय पंडित नहीं माने। अंतत: बदमाशों ने 7 जून 2014 को विजय पंडित की भी हत्या कर दी थी। उसी के बाद गीता पंडित राजनीति में आई थीं और भाजपा के टिकट पर पहली बार दादरी नगर पालिका की चेयरमैन बनी थीं। Noida Latest News