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नोएडा में रंगदारी गिरोह का भंडाफोड़, यमुना एक्सप्रेसवे पर नो प्रोटेस्ट जोन लागू, सेक्टर-37 में टैक्सी चालक की संदिग्ध मौत से हड़कंप मामलों की जांच जारी

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 05 जून को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “युवराज मेहता मामले में चर्चित डिलीवरी बॉय भाई संग गिरफ्तार” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने के लिए ठंडे पानी में उतरने वाले डिलीवरी बॉय गांव गढ़ी समस्तीपुर निवासी मोनिंदर और भाई नरेंद्र को नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर रेस्तरां संचालकों और रेहड़ी वालों से रंगदारी वसूलने को आरोप है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी क्षेत्र में लंबे समय से कारोबारियों पर दबाव बनाकर हर माह हजारों रुपये की वसूली कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई प्राथमिकी दर्ज हैं। कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सेक्टर-150 क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ रंगदारी की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ओरोपी क्षेत्र के रेस्तरां संचालकों, रेहड़ी-पटरी *वालों और ढकेल वालों को डरा-धमकाकर हर माह 20 से 25 हजार रुपये तक की रंगदारी मांगते थे। आरोप है कि रकम नहीं देने पर कारोबारियों को धमकाया जाता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोनिंदर और नरेंद्र के खिलाफ वर्ष 2024 में थाना नॉलेज पार्क में मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी दोनों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। इसी दौरान उनके विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि रंगदारी वसूली नेटवर्क कोई अन्य आरोपी भी शामिल था या नहीं।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “यमुना एक्सप्रेसवे पर धरना नहीं दे पाएंगे, नो प्रोटेस्ट जोन घोषित” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर अब किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन आंदोलन या राजनीतिक गतिविधियों की. अनुमति नहीं होगी। पुलिस कमिश्नरेट ने जीरो प्वाइंट से 41 किलोमीटर तक के क्षेत्र को 'नो इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रोटेस्ट जोन' के आदेश के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने उठाया कदम घोषित किया के है। मीडिया सेल अनुसार, यह कदम 22 मई आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है। अदालत ने एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की आवाजाही में बन रही बाधा को रोकने के उद्देश्य से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से लोगों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कमिश्नरेट कार्यालय, एक्सप्रेसवे के प्रमुख स्थलों और संबंधित थाना क्षेत्रों में सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, जनसंपर्क कार्यक्रमों और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी औम लोगों को प्रतिबंध संबंधी जानकारी दी जा रही है। उल्लेखनीय है कि एक्सप्रेसवे के जीरो प्वॉइंट पर अक्सर किसान व 'अन्य संगठन धरना देते हैं।
Hindi Today News:
Noida News: अमर उजाला ने 05 जून 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “कार में मृत मिला टैक्सी चालक” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-37 स्थित डाकघर के सामने बृहस्पतिवार सुबह एक टैक्सी चालक संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी कार में मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राथमिक जांच में बंद कार में दम घुटने व अधिक शराब का सेवन करने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को बृहस्पतिवार सुबह सूचना मिली कि सेक्टर-37 पोस्ट ऑफिस के सामने खड़ी एक टैक्सी में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तब कार की ड्राइविंग सीट पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला। वाहन की खिड़की के पास शराब की बोतल भी रखी हुई थी और कार बंद अवस्था में थी। मौके पर मृतक के परिजन और रिश्तेदार भी मौजूद थे। परिजनों से पूछताछ में मृतक की पहचान झारखंड के गिरिडीह निवासी उपेंद्र कुमार (32) के रूप में हुई। वह वर्तमाने में सेक्टर-37 की हरिजन बस्ती में रहकर टैक्सी चलाने का काम करता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उपेंद्र को शराब पीने की लत थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई। किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। कोतवाली प्रभारी डीपी शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 05 जून 2026 का प्रमुख समाचार “नोटिस के बाद जागे अधिकारी, ड्यूटी नहीं करने वाले 19 शिक्षकों पर एफआइआर” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लाक) कार्य अब पंप आपरेटर, हेल्पर, चौकीदार, सफाईकर्मी और माली नहीं करेंगे। शिक्षक और प्रशिक्षित कर्मी ही अब गणना कार्य करेंगे। जनगणना में घोर लापरवाही बरतने पर मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दो एसीईओ (नोडल अधिकारी) और 'भारसाधन अधिकारी को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी हरकत में आए। नोडल अधिकारी ने नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में गणना कार्य में ड्यूटी लगने के बाद भी कार्य नहीं करने वाले 19 शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज कराई है। बता दें कि जिले में 5984 में से 1774 ब्लाक में जनगणना कार्य ही शुरू नहीं हो सका। नोएडा प्राधिकरण ने 2283 प्रगणक और 340 सुपरवाइजर से जनगणना कार्य कराना चाहा, लेकिन जनगणना में सिर्फ 700 कर्मचारी ही ड्यूटी पर लगाए गए। इनमें भी 250 से ज्यादा पंप आपरेटर, चौकीदार, माली, सफाईकर्मी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बिना प्रशिक्षण के ही लगा दिया गया। इससे जनगणना में देरी हुई। गौतमबुद्ध नगर प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से कराए जा रहे गणना कार्य का मुद्दा दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया था। कई खबरें प्रकाशित की गईं। दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी मेधा रूपम और शासन ने इसका संज्ञान लिया है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा को गौतमबुद्ध नगर भेजा गया।
इस बार शासन स्तर से ही आदेश हुआ था कि शहरी क्षेत्रों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जेवर, रबूपुरा क्षेत्र में यमुना प्राधिकरण गणना कराएगा। वहां कार्य ठीक से चल रहा है। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में 2300 कर्मचारियों के सापेक्ष 600 को ही गणना कार्य में लगाया। जिलाधिकारी ने गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों को 12 हजार कर्मियों को जनगणना कार्य में लगाने के जनगणना कार्य कराने और पिछड़ने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक कर जनगणना कार्य में पिछड़ने और अप्रशिक्षित कर्मियों से गणना कार्य कराने पर अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। नोडल अधिकारियों ने शिक्षकों को ड्यूटी-पत्र की जगह वाट्सअप पर फोन कर सूचना दी। शिक्षकों के पास कोई लिखित संदेश भी नहीं था। डीएम ने बैठक के दौरान नोडल और भारसाधन अधिकारियों से शिक्षकों को बताई गई ड्यूटी की रिसीविंग मांगी तो वह भी नहीं दे सके। यमुना प्राधिकरण प्रदेश में टाप फाइव में। जनगणना में जहां नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर हैं, वहीं यमुना प्राधिकरण द्वारा कराई जा रही गणना ठीक से हो रही है। सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में समय से गणना हुई। इसी कारण यमुना प्राधिकरण क्षेत्र प्रदेश में टाप-फाइव में शामिल हो गया। जिलाधिकारी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा सीईओ को भी अलग से पत्र भेजकर जनगणना समयबद्ध तरीके से कराने का अनुरोध किया है।
Noida News: दैनिक जागरण के 05 जून 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “बिल्डर पर महिला के फ्लैट का आवंटन रद करने का आरोप” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर सुपरसिटी डेवलपर्स बिल्डर कंपनी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। पीड़िता ने नियमित किस्त जमा करने के बाद भी बिल्डर की ओर से तय सौदे से अतिरिक्त धनराशि मांगने व इन्कार पर फ्लैट आवंटन रद करने का आरोप लगाया है। दिल्ली के गुजरात विहार के सागर मेहता ने बताया उनकी मां एसपी मेहता ने वर्ष 2011 में सुपरसिटी डेवलपर्स के प्रोजेक्ट मेफेयर रेजिडेंसी में फ्लैट बुक किया था। बिल्डर ने 31 मार्च 2011 को अलाटमेंट लेटर जारी किया। पीड़िता 2015 तक कंस्ट्रक्शन लिंक्ड प्लान के तहत सभी किश्तें समय पर जमा करती रहीं, पर यूपी रेरा की निरीक्षण रिपोर्ट में निर्माण अधूरा मिला। पीड़िता का आरोप है कि तय समय पर फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया। उल्टे बिल्डर समय-समय पर एग्रीमेंट से बाहर जाकर अवैध रकम मांगता रहा। मार्च 2024 में बिल्डर ने बिना किसी आधार के 18,56,035 रुपये की मांग की। फिर तीन नवंबर 2025 को फाइनल डिमांड लेटर भेज 61,05,637 रुपये मांगे। इसके बाद 13 नवंबर 2025 को बिल्डर ने उनका अलाटमेंट रद कर दिया। आरोप है कि बिल्डर अब फ्लैट को किसी और को बेचना चाहता है। प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र सिंह ने बताया आरोपित बिल्डर कंपनी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज है।
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