ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार का कहर, सड़क हादसे में युवक की मौत

ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं है। ग्रेटर नोएडा के मकोड़ा अंडरपास के पास कुछ दिन पहले हुए हादसे में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

ग्रेटर नोएडा हादसा
ग्रेटर नोएडा हादसा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 04:46 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं है। ग्रेटर नोएडा के मकोड़ा अंडरपास के पास कुछ दिन पहले हुए हादसे में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब इस मामले में मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था युवक

पुलिस को दी गई तहरीर में ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि उनका बेटा अंकुश 9 जनवरी को ड्यूटी पूरी करने के बाद बाइक से घर लौट रहा था। बताया गया कि जैसे ही वह ग्रेटर नोएडा स्थित मकोड़ा अंडरपास के पास पहुंचा, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई एक दूसरी बाइक ने उसकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में अंकुश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद आरोपी बाइक सवार मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन घायल अंकुश को इलाज के लिए ग्रेटर नोएडा के ग्रीन सिटी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 13 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 बेटे की मौत के बाद पिता ने दर्ज कराया केस

युवक की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतक के पिता ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना के कारण बेटे की मौत होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और फरार चालक को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में ECHS कार्ड के फर्जी इस्तेमाल का बड़ा खेला, 4 गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
ग्रेटर नोएडा में ECHS फर्जीवाड़ा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 04:30 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अस्पतालों में फर्जी ECHS कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले एक सुनियोजित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में उजागर हुए इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दूसरी युवती की पहचान का इस्तेमाल कर इलाज कराया, लाखों रुपये का फायदा उठाया और मौत के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे खेल को छिपाने की कोशिश की।

ग्रेटर नोएडा में जांच के दौरान खुला फर्जी इलाज का नेटवर्क

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के मीडिया सेल के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की बिसरख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड के जरिए मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, ECHS कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वादी की बेटी के नाम से बने दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए तनु नाम की महिला का इलाज कराया। इस इलाज पर आने वाले करीब 6 लाख 50 हजार रुपये के खर्च का गलत तरीके से लाभ उठाया गया। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपचार के दौरान महिला की मौत हो जाने पर गिरोह ने कथित तौर पर उसी फर्जी पहचान के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार करवा दिया।

बहन के इलाज के लिए अपनाया गया फर्जी रास्ता

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिखा सिंह, यश सिंह, जितेंद्र यादव और दानिश खान के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में शिखा सिंह ने बताया कि उसकी सगी बहन तनु लंबे समय से बीमार थी। परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण उसका इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान बुलंदशहर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात दानिश खान से हुई। शिखा के मुताबिक, दानिश ने कम खर्च में इलाज कराने का भरोसा दिया। उसके कहने पर उसने और उसके भाई यश सिंह ने तनु को किसी दूसरी युवती की पहचान पर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके लिए व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी ECHS कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।

इलाज के दौरान मौत, फिर फर्जी नाम पर लिया गया शव

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि उपचार के दौरान तनु की मौत हो गई। इसके बाद शव भी उसी फर्जी नाम और पहचान के आधार पर लिया गया। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस पूरे काम के बदले दानिश खान को करीब 65 हजार रुपये ऑनलाइन दिए गए, जबकि बाकी रकम नकद में चुकाई गई। यह खुलासा ग्रेटर नोएडा में अस्पतालों की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। जिस आसानी से फर्जी कागजात के सहारे इलाज, क्लेम और बाद की औपचारिकताएं पूरी की गईं, उसने पूरे सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

दो साल से चल रहा था धोखाधड़ी का खेल

पूछताछ में दानिश खान ने बताया कि वह अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर पिछले करीब दो वर्षों से इस तरह का काम कर रहा था। दोनों ऐसे लोगों को तलाशते थे, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं होते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए अस्पतालों में भर्ती कराया जाता था और इलाज या क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराकर कमीशन लिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। जरूरतमंद मरीजों की पहचान करना, फर्जी दस्तावेज जुटाना, अस्पताल में भर्ती कराना और बाद में क्लेम का लाभ लेना यह पूरा खेल एक तय नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि दानिश खान और उसका साथी प्रदीप पहले भी नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र से जेल जा चुके हैं। अब ग्रेटर नोएडा पुलिस फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इलाज दिलाया है। Greater Noida News

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ग्रेटर नोएडा में जाम पर लगेगा ब्रेक, ITBP गोलचक्कर को मिलेगा नया रूप

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक सुधार शुरू
ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक सुधार शुरू
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 12:10 PM
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Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ITBP गोलचक्कर पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस गोलचक्कर का आकार कम करने और इससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई घटाने का काम शुरू कर दिया है। इस बदलाव के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगले दो से तीन महीने में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।

ITBP गोलचक्कर पर शुरू हुआ सुधार अभियान

ग्रेटर नोएडा के Sector Pi-1 स्थित ITBP गोलचक्कर को लंबे समय से ट्रैफिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सुबह-शाम के पीक ऑवर में यहां वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी थीं। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने गोलचक्कर के ढांचे में बदलाव का काम शुरू कर दिया है। योजना के तहत गोलचक्कर की परिधि कम की जा रही है, जबकि उससे जुड़े चारों डिवाइडरों की लंबाई भी घटाई जा रही है, ताकि वाहनों को मुड़ने और निकलने के लिए अधिक जगह मिल सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, ITBP गोलचक्कर के चारों ओर सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ाने के लिए करीब 2.5 मीटर तक स्पेस निकाला जा रहा है, जबकि डिवाइडरों की लंबाई में भी लगभग 2.7 मीटर की कमी की जा रही है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि गोलचक्कर के पास ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहन बिना रुकावट के गुजर सकेंगे। सिर्फ ट्रैफिक सुधार ही नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को नया और आकर्षक रूप देने की भी तैयारी है।

Greater Noida के अन्य चौराहों पर भी होगा काम

ITBP गोलचक्कर के अलावा ग्रेटर नोएडा के कई अन्य व्यस्त चौराहे भी प्राधिकरण की सुधार योजना में शामिल किए गए हैं। इनमें Sector Beta-1 का रामपुर गोलचक्कर, Ryan School चौराहा, एलजी चौक, लेबर चौक डेल्टा-1 और अमृतपुरम जैसे स्थान प्रमुख हैं। इन इलाकों में भी व्यस्त घंटों के दौरान जाम की समस्या बढ़ती रही है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इन बिंदुओं को व्यवस्थित और अधिक ट्रैफिक-फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1, रामपुर गोलचक्कर को भी पुनर्विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण की योजना है कि इस गोलचक्कर का आकार भी कम किया जाए और उसे आधुनिक ट्रैफिक जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया जाए। माना जा रहा है कि इससे Beta-1 और आसपास के सेक्टरों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते यातायात को देखते हुए ऐसे चौराहों का पुनर्गठन अब जरूरत बन गया है।

ACEO ने क्या कहा

ग्रेटर नोएडा के ACEO सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ITBP गोलचक्कर पर ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। गोलचक्कर का आकार छोटा किया जा रहा है और डिवाइडरों की लंबाई भी कम की जा रही है। साथ ही आसपास की सर्विस रोड को भी दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि मुख्य सड़क पर दबाव कम किया जा सके।

ITBP से Wipro गोलचक्कर तक बनेगी सर्विस रोड

ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ITBP से Wipro गोलचक्कर तक करीब दो किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के निर्माण की योजना भी तेज कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम के अनुसार, इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण में गोदरेज सोसाइटी की ओर सर्विस रोड बनाई जाएगी। इस परियोजना पर करीब 5.23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सर्वे में सामने आई थी कमी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में यह पाया गया था कि शहर की कई अहम सड़कों के किनारे सर्विस रोड का अभाव है। यही वजह है कि लोकल ट्रैफिक और मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों का दबाव एक साथ बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। अब प्राधिकरण इस कमी को दूर कर ग्रेटर नोएडा की सड़कों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

लोगों को क्या मिलेगा फायदा

ITBP गोलचक्कर और आसपास के चौराहों पर प्रस्तावित ये बदलाव लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों को रोजाना के जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क चौड़ी होने, डिवाइडर छोटे होने और सर्विस रोड विकसित होने से ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा। खासतौर पर दफ्तर जाने वाले, स्कूल बसें, औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय निवासी इस सुधार का सीधा लाभ उठा सकेंगे। Greater Noida News

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