2 फरवरी को नोएडा के प्रमुख समाचार पत्रों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं सुर्खियों में रहीं। ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में घने कोहरे के कारण कार नाले में गिरने से ....

Noida News: 2 फरवरी को नोएडा में प्रकाशित प्रमुख समाचार पत्रों में छपी चुनिंदा और अहम खबरों का संक्षिप्त संकलन प्रस्तुत है। नोएडा से जुड़ी ताज़ा गतिविधियों, घटनाओं और अपडेट्स को एक ही स्थान पर पढ़ें और जानें कि शहर में क्या-क्या महत्वपूर्ण हुआ।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “अब ग्रेनो प्राधिकरण की मिली लापरवाही” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कासना कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत जैसा बड़ा हादसा टल गया। कोहरे के कारण रास्ता नहीं दिखने पर एक कार नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि नाले में ज्यादा पानी नहीं था। कार में सवार दोनों व्यक्ति बाहर निकल आए। हालांकि सूचना मिलने पर कासना कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाई और कार को बाहर निकलवाया। वहीं रविवार को सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। जांच में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है। वहां 90 डिग्री मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले। वहीं घटना के बाद प्राधिकरण ने लकड़ी से कवर कर इतिश्री कर ली।
इटावा निवासी सुनील कुमार शनिवार देर रात करीब तीन बजे अपनी कार व चालक रिजवान के साथ लुक्सर से परी चौक की तरफ जा रहे थे। उनकी कार ओला टैक्सी कंपनी के साथ जुड़ी है। उस समय घना - कोहरा था। जब वो सेक्टर इकोटेक 6 की ओपो कंपनी की तरफ से भाटी गोल चक्कर की तरफ जा रहे थे तो कोहरे के कारण गोल चक्कर से पहले ही 90 डिग्री मोड़ नहीं दिखा और कार सीधे नाले में जा गिरी। गिरने के बाद कार सीधी खड़ी हो गई। नाले में पानी कम होने के साथ बहाव भी धीमा था। जिस कारण कार सवार दोनों व्यक्ति सुरक्षित बाहर निकल आए। वहीं किसी ने डायल 112 पर सूचना दी।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “आम्रपाली सफायर में बंद मिला एसटीपी नाली में बहाया जा रहा सीवरेज” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-45 आम्रपाली सफायर सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद है। सीवरेज का गंदा पानी सीधे नाले में बहाया जा रहा है। यह हकीकत नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग की तरफ से शनिवार को करवाए गए औचक निरीक्षण में सामने आई। इसके बाद प्राधिकरण ने सेक्टर-39 थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने को शिकायत दी है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि पहले भी सोसाइटी में एसटीपी संचालन में नियमों की अनदेखी की जा रही थी। अब तक 73 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस जुर्माने की वसूली को क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा गया है। थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की शिकायत जल विभाग के प्रबंधक पी पी सिंह की तरफ से दी गई है। इसमें बताया गया है कि प्राधिकरण के जल विभाग की पर्यावरण सेल ने 31 जनवरी को आम्रपाली सफायर सोसाइटी का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान एसटीपी मानक के अनरुप क्रियाशील नहीं पाए गए। नियमों के इस उल्लंघन पर अब तक लगाए गए 73 लाख 40 हजार रुपये जुर्माने को वसूलने के लिए क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा जा चुका है। नियमों के उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
Hindi News:
अमर उजाला ने 02 फरवरी 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “मुंबई, लुधियाना और बिहार के बाद पश्चिम बंगाल से जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि केंद्रीय वित्तीय मंत्री ने बजट में गुजरात के सूरत से पश्चिम बंगाल के डंकुनी (दानकुनी) के बीच एक नए डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर की घोषणा की है। इसका लाभ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों और कारोबारियों को भी मिलेगा। वो भी सीधा पश्चिम बंगाल से जुड़ जाएंगे। अभी तक यहां के कारोबारी व उद्यमी मुंबई, लुधियाना और बिहार से सीधा जुड़े है। पश्चिम बंगाल से जुड़ने के बाद देश के हर कोने में कारोबार करना और आसान हो जाएगा। अभी पश्चिम बंगाल में कारोबार सड़क के माध्यम से होता है। ग्रेटर नोएडा के दादरी से मुंबई तक डीएफसीसी का वेस्टर्न कॉरिडोर बना हुआ है। जबकि डीएफसीसी का दूसरा ईस्टर्न कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से बिहार के सोननगर तक बना हुआ है। जो गौतमबुद्ध नगर के पड़ोसी जिले बुलंदशहर के खुर्जा से होकर निकाल रहा है, लेकिन दोनों कॉरिडोर को लिंक लाइन के माध्यम से ग्रेटर नोएडा में जोड़ा गया है। अब केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुजरात के सूरत से पश्चिम बंगाल के डंकुनी तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। जो सूरत में वेस्टर्न कॉरिडोर से जुड़ेगा। जिसके बाद ग्रेटर नोएडा से वेस्टर्न कॉरिडोर और फिर सूरत-डंकुनी कॉरिडोर के माध्यम से कोलकाता तक कारोबार करना आसान हो जाएगा।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 02 फरवरी 2026 का प्रमुख समाचार “जिम्स के मेडिकल भवन निर्माण को मिलेगी तेज गति” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि केंद्रीय बजट में कैंसर मधुमेह के अलावा मेडिकल केयर के क्षेत्र में बड़ी राहत मिली है। वहीं ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में बन रहे मेडिकल भवन को राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बजट के आधार इसके निर्माण में तेजी आएगी और यहां के मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को मददगार साबित होगा और कैंसर मधुमेह समेत अन्य बीमारियों के उपचार के लिए मददगार होगा। गौतमबुद्ध नगर के इकलौता ट्रामा सेंटर के काम में भी तेजी आगी और जल्द ही यह लोगों के लिए शुरू किया जा सकेगा। वर्ष 2023 में सेक्टर 22 डी में शुरू ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसके लिए राजकीय निर्माण विभाग ने बिल्डिंग को हस्तांतरण लेने के लिए प्रस्ताव भेज चुका है। बजट में मेडिकल इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात होने के चलते लोगों को उम्मीद है कि यह जल्द ही शुरू हो सकेगा। हालांकि अभी सेंटर के संचालन के लिए एक अड़चन बनी रहेगी, क्योंकि कुछ किसानों ने के कोर्ट वाद दायर कर रखा है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “कार से आइटी इंजीनियरों ने महिला को किए अश्लील इशारे, दोनों धरे” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि संभ्रात लोगों का शहर माने जाने वाले नोएडा में चलती एसयूवी कार सवार आइटी इंजीनियरों ने ऐसी हरकत कर दी कि पूरा शहर शर्मशार हो गया। उन्होंने परिवार के साथ सफर करने वाले लोगों को भी सोचने पर विवश कर दिया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले व्यक्ति शनिवार रात को कार से परिवार संग सेक्टर 18 की ओर जा रहे थे। पर्थला गोल चक्कर के पास एमजी हेक्टर माडल लाल कार सवार दो इंजीनियरों ने उनकी कार का पीछा किया। अपनी कार को उनकी कार के बराबर में लगाया। कार का शीशा नीचे किया। पिछली सीट पर बैठी व्यक्ति की पत्नी को कभी हाथ हिलाते हुए आवाज देता तो कभी गलत इशारे किए। व्यक्ति ने वीडियो बनाई तो आरोपित भाग गए। पीड़ित ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर यूपी पुलिस, मुख्यमंत्री से शिकायत की। एक्स पर की पोस्ट का नोएडा पुलिस ने संज्ञान लिया। शुरूआती जांच में मामला पर्थला गोल चक्कर के आसपास का प्रतीत हुआ। सेंट्रल नोएडा जोन की फेज तीन थाना पुलिस हरकत में आई। गढ़ी चौखंडी चौकी प्रभारी अंकित तरार ने मामले में दो अज्ञात युवकों के खिलाफ वाहन नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया। आरोपित की कार नंबर के आधार पर जानकारी जुटाई व सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कार सवार दोनों युवकों का पता लगाया। देर शाम दोनों को सेक्टर 135 से दबोच लिया। आरोपित की कार को सीज कर दिया। एसीपी उमेश कुमार ने बताया कि आरोपितों की पहचान आजमगढ़ के सराय मोहन गांव के अमित कुमार व मैनपुरी के कुशमाहा कस्बे के अभिषेक के रूप में हुई। दोनों वर्तमान में नोएडा सेक्टर 135 स्थित जेवीएस सोसायटी में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपित पेशे से इंजीनियर हैं। नोएडा की एक आइटी कंपनी में काम करते हैं। शनिवार को शराब पार्टी करने के बाद सड़कों पर घूम रहे थे। सेक्टर 24 थाना क्षेत्र में कार सवार महिला को इशारे किए थे।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 02 फरवरी का प्रमुख समाचार “रवि काना के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि बांदा जेल से निकलने के बाद से गायब स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ नोएडा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपित के खिलाफ पुलिस रेड कार्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उधर, रविवार को नोएडा से एसओजी की टीम ने बांदा पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं की जांच की है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की छह टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नेपाल बार्डर के आसपास खुफियातंत्र सक्रिय कर निगरानी कर रही हैं। स्क्रैप माफिया रवि काना शुक्रवार को बांदा जेल से निकला था। इसके बाद से वह भूमिगत हो गया है। रवि काना के विदेश भागने की आशंका के मद्देनजर रखते हुए पुलिस रेड कार्नर नोटिस जारी कराने को आवश्यक दस्तावेज और केस से जुड़ी जानकारी इंटरपोल को भेजने की तैयारी में है। एसओजी की टीम बांदा जेल के बाहर और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। बी वारंट की सूचना दी फिर भी बांदा इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद स्क्रैप माफिया रवि काना की ओर से जिला गैंग्स्टर कोर्ट में जमानत के लिए दस्तावेज जमा कराए गए थे। नोएडा पुलिस ने सेक्टर-63 कोतवाली में दर्ज वसूली के मामले में आरोपित को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम अदालत में आवेदन किया। इसके बाद अदालत ने जनवरी-2026 में दर्ज मामले में पहली बार रिमांड के लिए आरोपित को व्यक्तिगत रूप से पेशी कराने का आदेश दिया था। जेल प्रशासन ने पुलिस गार्द उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर पेशी नहीं कराई।नोएडा पुलिस ने बांदा जेल प्रशासन को वाट्सएप संदेश और फोन काल से भी बी-वारंट की जानकारी दी थी। फिर भी उसे रिहा कर दिया।
Noida News: