21 जुलाई की नोएडा की बड़ी खबरें एक साथ पढ़ें। चाइल्ड पीजीआई विवाद, ईडी की बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण अभियान, साइबर ठगी और एलिवेटेड रोड परियोजना की पूरी अपडेट।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 21 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जूनियर महिला डॉक्टरों की शिकायत पर मांगा जवाब” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की महिला जूनियर डॉक्टरों (पीजी डॉक्टरों) ने विभाग की कार्यप्रणाली, काम के दबाव, मानसिक प्रताड़ना और महिला सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शिकायत भेजी चाइल्ड पीजीआई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी ने संस्थान से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
संस्थान में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हर वर्ष पीजी की चार सीटों पर प्रवेश होता है। शिकायत करने वाली दोनों महिला डॉक्टर द्वितीय वर्ष की पीजी छात्राएं हैं और पिछले करीब डेढ़ वर्ष से विभाग में प्रशिक्षण ले रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोनों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें कार्य परिस्थितियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभाग में छुट्टी लेना आसान नहीं है। अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया में एक आवेदन को चार-पांच स्तरों से गुजरना पड़ता है, जिससे अनावश्यक देरी होती है। इसके अलावा महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। शिकायतकर्ताओं में से एक ने आरोप लगाया कि उन्हें लगा कि विभाग के एक कर्मचारी ने उनका वीडियो बनाया। इस शिकायत पर संस्थान प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की। कर्मचारी ने सफाई देते हुए कहा कि वह बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए फेस रीडिंग कर रहा था और किसी प्रकार का वीडियो नहीं बनाया गया। महिला डॉक्टरों ने संस्थान में महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी की है।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “अब अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए बना विशेष प्रवर्तन दस्ता” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो वेस्ट और ग्रेनो ईस्ट में अतिक्रमण पर सख्ती के लिए सीईओ रवि कुमार एनजी ने दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं। दोनों टीमों में पांच-पांच कर्मचारी रहेंगे। सड़कों पर अवैध कब्जों को हटाने और आवाजाही को सुगम बनाने के लिए चालान और सामान जब्ती जैसी कार्रवाई यह टीमें करेंगी। प्रवर्तन दस्ते के अभियान के दौरान अवैध रूप से लगने वाली ठेली-पटरी हटाने का काम भी शुरू हो गया है। पहले दिन सूरजपुर में कार्रवाई की गई है। चालान भी काटे गए। अर्बन सर्विस विभाग के मुताबिक रोजाना करीब दो लाख रुपये चालान से वसूली हो रही है। ग्रेनो ईस्ट में वेनिस माल, कासना रोड, बैनेट विश्वविद्यालय के आसपास, डाबरा रोड, अल्फा-2 बाजार, सूरजपुर, एच्छर, सुपरटेक सेक्टर ओमिक्रान-एक, 130 मीटर चौड़ी सड़क, अल्फा-एक कमर्शियल बेल्ट, कासना बाजार, तुगलपुर मंडी और चूहड़पुर अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। वहीं ग्रेनो वेस्ट में बिसरख चौक, चार मूर्ति, तिगरी गोलचक्कर, हैबतपुर, चौगानपुर, सेक्टर-2 गोल चक्कर, 14 एवेन्यू के पास और रोजा जलालपुर गोलचक्कर के आसपास अतिक्रमण हटाया जाना है।
Hindi Today News:
Noida News: अमर उजाला ने 21 जुलाई 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “लोन दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले अवैध कॉल सेंटर का खुलासा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और कमीशन के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-2 स्थित कार्यालय पर छापेमारी कर मेरठ निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी और उसके साथी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे और लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रकम जमा कराकर संपर्क भंग कर देते थे। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान गिरोह का सुराग मिला। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, ग्राहक आवेदन फॉर्म और सर्विलांस की मदद से एक मोबाइल नंबर मेरठ के सरधना के रहने वाले तरुण चौहान के नाम पर मिला। उसकी लोकेशन सेक्टर-2 में मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। जांच में पता चला कि सेक्टर-2 के डी-36 स्थित कार्यालय में फर्स्ट एडवाइजर नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। वहां छापा मारकर पुलिस ने तरुण चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन में वही नंबर सक्रिय मिला, जिससे पीड़ितों से संपर्क किया जाता था। आरोपी ने बताया कि गिरोह का संचालन दीपक राय करता है। जिन खातों में पैसा आता है, उनके एटीएम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग का नियंत्रण भी सरगना के पास ही है।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 21 जुलाई 2026 का प्रमुख समाचार “ग्रैंड वेनिस माल के संचालक संतिदर भसीन की 700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस माल के संचालक सतिंदर सिंह भसीन और उसकी शेल कंपनियों से जुड़ी 389 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनका मूल्य 240.03 करोड़ रुपये आंका गया है। इनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 700 करोड़ रुपये है। कुर्क संपत्तियों में गोवा की पांच अचल संपत्तियां भी हैं। ईडी अधिकारियों के मुताबिक गोवा की कुर्क संपत्तियां एम-एस इंडिया ओशनवर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड और एम-एस गोवा कनेक्ट प्रापर्टीज प्रा. लि. के नाम पर हैं। इसके अलावा ग्रैंड वेनिस माल, ग्रेनो की 384 व्यावसायिक संपत्ति भी कुर्क हुई हैं। ईडी ने यह जांच यूपी और दिल्ली में दर्ज कई एफआइआर के आधार पर शुरू की। जांच में पाया गया कि सतिंदर सिंह भसीन ने सूरजपुर में ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल काम्प्लेक्स नामक रियल एस्टेट परियोजना शुरू की थी। इसमें निवेशकों को कब्जा देने का झूठा आश्वासन देकर बड़ा निवेश कराया गया। निवेशकों को न तो कब्जा दिया गया, न ही उनका धन लौटाया गया। ईडी ने पाया कि वीआइआइपीएल, जीवीसीटीपीएल के खातों में जमा रकम भसीन समूह की अन्य कंपनियों, जैसे एम-एस निच बिल्डर्स एंड कान्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से डायवर्ट कर धन स्रोत छिपाने का प्रयास किया गया। इसी से गोवा में अचल संपत्तियां खरीदी गईं। ईडी के विवेचनाधिकारियों का मानना है कि ये कंपनियां भले ही स्वतंत्र दिखाई गईं, लेकिन इनका वास्तविक नियंत्रण सतिंदर भसीन के पास था। इसी तरह ग्रैंड वेनिस माल के 4,25,152 वर्ग फुट व्यावसायिक भू-भाग को कथित रूप से फर्जी, जाली व पिछली तारीखों वाले समझौतों के आधार पर कंपनी को स्थानांतरित किया गया। इससे पहले ईडी ने अप्रैल 2025 में भसीन और उनके सहयोगियों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर छापेमारी की थी जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 36 लाख नकद बरामद हुए थे। उस समय बीआइआइपीएल का एक खाता फ्रीज किया था। इसके बाद जून 2025 में 27 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की गई। तब पर्दाफाश हुआ था कि सतिंदर, विवंसी भसीन व उनके करीबियों ने निवेशकों को 1300 करोड़ का चूना लगाया था। इसको लेकर विभिन्न थानों में निवेशकों की शिकायत पर 80 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। ईडी ने इन्हीं मुकदमों को आधार बनाकर जांच शुरू की और भसीन को गिरफ्तार किया था।
Noida News: दैनिक जागरण के 21 जुलाई 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “रजनीगंधा से सेक्टर-60 तक एलिवेटेड को बनने लगी डीपीआर” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि रजनीगंधा अंडरपास के सामने से शुरू होकर सेक्टर-60 तक बनने वाली एलिवेटेड रोड की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण ने आइआइटी रुड़की को इस कार्य के लिए भुगतान जारी कर दिया है। प्राधिकरण ने डीपीआर तैयार करने के लिए लगभग एक करोड़ रुपये पहले ही जारी कर दिए हैं। शेष राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर अगले महीने पूरी हो जाने की आशंका है, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया समेत आगे के चरण शुरू किए जा सकेंगे। एलिवेटेड रोड का संशोधित अलाइनमेंट हाल ही में नोएडा "प्राधिकरण के सीईओ ने मंजूर किया गया था। प्राधिकरण ने इस परियोजना के दायरे को बढ़ाते हुए इसे सेक्टर-3 से सेक्टर-60 तक विस्तारित करने का फैसला किया है। आइआइटी रुड़की ने जून महीने में फिजिबिलिटी रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसके बाद सीईओ के समक्ष प्रेजेंटेशन हुआ और अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई। छह लेन वाली एलिवेटेड सेक्टर-3 से सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 टी-प्वाइंट, सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक जाएगी। परियोजना की कुल लंबाई अब 5.43 किलोमीटर हो गई है, जिसमें करीब 1.5 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार शामिल है। इस एलीवेटेड रोड के बनने से दिल्ली से नोएडा के प्रमुख औद्योगिक और आईटी हब क्षेत्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा सेक्टर-12 और सेक्टर-22 के टी-प्वाइंट को माना जा रहा है। यहां 90 डिग्री के तेज मोड़ से यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए आइआइटी रुड़की विशेष कर्व डिजाइन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
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