22 जुलाई के अखबारों की प्रमुख सुर्खियां पढ़ें। नोएडा की बड़ी खबरें, बालिका गृह की किशोरियां, ईडी जांच, साइबर ठगी, सामूहिक विवाह योजना और अन्य अहम अपडेट।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 22 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “सुरक्षा निगरानी में स्कूल गई बालिका गृह की 3 किशोरियां अलीगढ़ में मिलीं” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि राजकीय बाल गृह बालिका, सेक्टर-62 की तीन किशोरियां मंगलवार को स्कूल से अचानक लापता हो गई। 10, 12 और 13 वर्ष की ये किशोरियां सेक्टर-51 स्थित राजकीय विद्यालय में पढ़ने गई थीं। उनके गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस और बाल गृह प्रशासन में हड़कंप मच गया। नोएडा पुलिस ने करीब सात घंटे की तलाश के बाद तीनों को अलीगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार राजकीय बाल गृह की 14 किशोरियां प्रतिदिन दो सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में स्कूल जाती हैं। मंगलवार को भी सभी छात्राएं निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचीं। दोपहर के भोजनावकाश के दौरान तीनों किशोरियों ने शौचालय जाने की अनुमति मांगी, लेकिन इसके बाद वे कक्षा में वापस नहीं लौटीं। छुट्टी के समय छात्राओं की गिनती के दौरान उनके लापता होने का पता चला। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने बाल को मामले की गृह को सूचना दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही सेक्टर-49 थाना पुलिस ने कई टीमें गठित कर तलाश शुरू की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशनों पर भी पुलिस ने जांच की। पड़ताल के दौरान मिले साक्ष्यों से संकेत मिला कि कि तीनों किशोरियां अलीगढ़ की ओर गई हैं।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ईडी ने प्राधिकरण से पूछा- प्लॉट किसे मिला, बिल्डर कैसे बदला” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-119 स्थित द अरण्या सोसाइटी में फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच सोसाइटी की जमीन तक पहुंच गई है। निदेशालय की टीम ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंच कर मूल प्लॉट आवंटन, बकाया और फिर नक्शा पास होने के साथ अगर ट्रांसफर प्रक्रिया अपनाई गई तो उसकी जानकारी प्राधिकरण से मांगी। इसके साथ ही ग्रुप हाउसिंग से लेकर नियोजन विभाग तक इन सवालों के जवाब से जुड़ी फाइलें भी खंगाली। यह प्लॉट जिस बिल्डर को आवंटित हुआ था उसकी जगह पर उन्नति फॉर्च्यून बिल्डर समूह ने सोसाइटी बनाई है। ऐसे में इन दोनों बिल्डर समूह के बीच हुआ प्लॉट के सौदे और उसको प्राधिकरण से मिले संरक्षण पर जांच हो रही है। अब प्राधिकरण लिखित रूप में मांगे गए सवालों की जानकारी निदेशालय को भेजेगा। प्राधिकरण ने बिना प्लॉट देखे पास किया नक्शा : उन्नति फॉर्च्यून समूह ने द अरण्या सोसाइटी बनाई है, लेकिन यह प्लॉट उसके नाम पर ही नहीं है। नोएडा प्राधिकरण से यह प्लॉट आईवीआरसीएल प्राइम बिल्डर के नाम पर आवंटित हुआ था। 2,594 वर्ग मीटर के इस प्लॉट पर ग्रुप हाउसिंग परियोजना का प्राधिकरण से नक्शा पास हुआ था। अक्टूबर 2017 व अक्टूबर 2013 में दो बार 1155 फ्लैट व 70 विला के नक्शे पास हुए। प्राधिकरण के अधिकारियों ने यह भी नहीं देखा कि प्लॉट किसके नाम पर आवंटित हुआ है और नक्शा कौन पास करवा रहा है। बकाया भी नहीं जमा करवाया गया।
Hindi Today News:
Noida News: अमर उजाला ने 22 जुलाई 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “साक्ष्यों के आभाव में देह व्यापार के आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र के साइट-4 स्थित चार स्पा सेंटरों पर पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त छापेमारी के बाद गिरफ्तार किए गए 15 आरोपियों को अदालत से राहत मिली है। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों पर विचार करते हुए आरोपियों को जमानत दे दी। पुलिस ने शनिवार को साइट-4 स्थित चार स्पा सेंटरों पर दबिश देकर 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 28 महिलाओं को रेस्क्यू करने का दावा किया गया था। पुलिस का आरोप था कि इन स्पा सेंटरों पर महिलाओं से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। इसी आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ मानव तस्करी से संबंधित गंभीर प्रावधानों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और उन्हें रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अधिवक्ता मिंटू करन भाटी ने कहा कि गंभीर आरोप उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया प्रमाणित नहीं होते। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर धारा-5, धारा-6 तथा बीएनएस की धारा 143 को बनाए रखना उचित नहीं है। इस मामले में पुलिस ने आजाद वैरागी, सौरभ, मयंक परवाल, प्रदीप सिंह रावत, संजीव लोहिया, आशीष, शिवम, विकास कुमार, अंकित कुमार, सौरभ चौधरी, अभिषेक शर्मा, मन्नू, प्रशांत उपाध्याय, गुलशन और नयन गौगरी को गिरफ्तार किया था।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 22 जुलाई 2026 का प्रमुख समाचार “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में चांदी के सामान के बजाय खाते में दी जाएगी राशि” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री, सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। संबंधित अधिकारी शासन से आवंटित लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करें।
पात्र लाभार्थियों से अधिकाधिक आवेदन प्राप्त कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिले को योजना में कुल 40 जोड़ों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सभी अधिशासी योजना के तहत प्रति जोड़ा कुल एक लाख रुपये राशि, योजना की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने समीक्षा की अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिकाधिक पात्र जोड़ों के आवेदन कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नए शासनादेश के तहत प्रति जोड़ा उपहार सामग्री पर पूर्व निर्धारित 25,000 के स्थान पर 21,000 व्यय किए जाएंगे। पूर्व में चांदी के सामान के लिए निर्धारित 4,000 की राशि को समाप्त कर अब लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। बैंक खाते में दी जाने वाली सहायता राशि 60,000 से बढ़ाकर 64,000 कर दी गई है। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए 15,000 की राशि पूर्ववत रहेगी। प्रति जोड़ा कुल सहायता राशि 1,00,000 निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि योजना में कुल 07 आवेदन लंबित हैं, जिनमें नगर पंचायत दनकौर के 02, विकास खंड बिसरख के 04 तथा नगरपालिका परिषद दादरी का 01 आवेदन शामिल है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, तहसीलदार जेवर प्रतीक चौहान, ईओ दादरी शालिनी गुप्ता, समाज कल्याण विभाग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
Noida News: दैनिक जागरण के 22 जुलाई 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “आइपीओ और शेयर में निवेश के नाम पर दो से 44 लाख की ठगी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि आइपीओ और शेयर में निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दो 44 लाख रुपये ठग लिए। मुनाफे समेत रकम नहीं मिलने पर पीड़ितों को ठगों के जाल में फंसे होने का पता चला। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में मामले दर्ज कराए। नोएडा सेक्टर 168 के गौरव कारोबारी हैं। गौरव 11 अप्रैल को वाट्सएप मैसेज से ठगों के संपर्क में आए। ठग ने आइपीओ में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया। उनको ग्रुप में जोड़ा और एप भी डाउनलोड कराई। विश्वास होने पर गौरव ने 12 मई तक 22 बार में करीब 28 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए। पैसों की जरूरत पड़ने पर मुनाफे में से कुछ रकम निकालने के लिए आवेदन किया तो ठगों ने और रकम जमा कराने को बोला। रकम नहीं देने पर ठगों ने बात करनी बंद कर दी। उधर, ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हर्षवर्धन नोएडा ठगों ने वाट्सएप मैसेज भेज शुरू की बातचीत, ग्रुप पर जोड़ा, एप डाउनलोड करा बुना ठगी का जाल के एक कंपनी कार्यालय में सहायक प्रबंधक हैं। वह शेयर बाजार की भी जानकारी रखते हैं। उनके पास जून 2025 में वाट्सएप मैसेज से संपर्क किया। स्टाक शेयर ग्रुप में जोडा और एप डाउनलोड कराई। शेयर में निवेश कर मुनाफा कमाने के नाम पर जाल में फंसाया। उनसे करीब 16 लाख रुपये ठग लिए। दोनों पीड़ितों ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच कराई जा रही। उन्होंने लोगों से अनजान के कहने पर रकम ट्रांसफर नहीं करने की अपील की। ठगी होने पर तत्काल पूरी जानकारी के साथ एनसीआरपी पोर्टल या 1930 पर करने की अपील की।
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