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23 अप्रैल के अखबारों से नोएडा की बड़ी खबरें—वेतन विवाद, 400 कंपनियों से रोजगार, कचरे से गैस प्रोजेक्ट, प्रदूषण और खाद्य मिलावट का खुलासा।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 23 अप्रैल को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “11 माह से नहीं मिला वेतन, भूख हड़ताल की चेतावनी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि चार इंटर कॉलेजों में कार्यरत न्यूनतम वेतन पाने वाले कर्मचारियों ने ग्यारह महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने अब शांतिपूर्ण भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। कर्मचारियों के अनुसार, महामाया बालिका इंटर कॉलेज, पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज और गौतम बुद्ध बालक इंटर कॉलेज में बाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को मई 2025 से मार्च 2026 तक का वेतन नहीं मिला है। प्राधिकरण समेत कई अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं मिल सका। 5 साल से वेतन वृद्धि नहीं: कर्मचारियों का कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जबकि अन्य विभागों में नियमित बढ़ोतरी और एरियर दिया जा रहा है। आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के कार्य में भी पूरा पारिश्रमिक नहीं दिया जाता।
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अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “इस साल 400 कंपनियां शुरू कर देंगी उत्पादन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना सिटी में औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए कंपनियों में उत्पादन शुरू कराए जाने पर यीडा ने काम शुरू किया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 400 कंपनियों में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यमुना सिटी फेज-1 में 3116 औद्योगिक भूखंड आवंटित हुए हैं। इनमें से 2,708 की चेक लिस्ट जारी की जा चुकी है जिससे लीज डीड की जा सके। इनमें 2,427 उद्यमी लीज डीड करा चुके हैं। अब हमारी प्राथमिकता निर्माण शुरू कराने और यूनिट में उत्पादन शुरू कराने की है। इससे ही निवेश और रोजगार सृजन होगा। वर्तमान में 105 निर्माण पूरे हो चुके हैं जिनके उपभोगिता प्रमाण पत्र जल्दी ही प्राधिकरण जारी कर देगा। 87 निर्माण ऐसे हैं जो कमोबेश पूरे हो चुके हैं। 400 यूनिट के सक्रिय होने से करीब 15 हजार रोजगार यहां सृजित हो जाएंगे।
Noida News: अमर उजाला ने 23 अप्रैल 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “नोएडा में कचरे से बनेगी गैस, घर में भी आएगी काम” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की दिशा में प्राधिकरण ने अहम पहल की है। बुधवार को प्राधिकरण ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के साथ 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। प्राधिकरण कार्यालय में हुए समझौते के दौरान सीईओ कृष्ण करुणेश और आईजीएल के कार्यकारी निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट, कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी व गैस सोर्सिंग) संजीव कुमार भाटिया मौजूद रहे। प्रस्तावित प्लांट में शहर से निकलने वाले जैविक कचरे को प्रोसेस कर कम्प्रेस्ड बायोगैस तैयार की जाएगी जिसका उपयोग वाहनों के ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। साथ ही जैविक खाद भी उप-उत्पाद के रूप में तैयार होगी। सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि परियोजना से लैंडफिल साइट्स पर दबाव कम होगा। प्राधिकरण की ओर से प्लांट के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्रोत पर अलग किए गए ऑर्गेनिक कचरे की नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी। आईजीएल के कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार भाटिया ने बताया कि कंपनी इस परियोजना का विकास स्वयं या अधिकृत पार्टनर्स के माध्यम से करेगी।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 23 अप्रैल 2026 का प्रमुख समाचार “फसल अवशेष में लगाई आग” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-150 में खेती के बाद खाली कई एकड़ भूमि में फसल के अवशेषों को आग के हवाला कर दिया। सेक्टर में आधा दर्जन से अधिक सोसायटियों में 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं। शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जांच करने नहीं पहुंची। बता दें सेक्टर-150 में हजारों परिवार रहते हैं। यहां पर कई एकड़ भूमि में खेती भी हो रही है। फसल कटने के बाद खेत खाली हुए तो बचे हुए फसल अवशेषों में आग लगा दी गई। आग से उठता धुआं सोसायटियों तक पहुंचा। लोगों का दम घुटने लगा। घर के दरवाजे और बालकनी लोगों ने बंद कर दीं। सुबह लगी यहां आग शाम तक जलती रही। लंबी दूरी तक क्षेत्र में आबादी को आग और उसके धुएं ने प्रभावित किया।
Noida News: दैनिक जागरण के 23 अप्रैल 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए 258 नमूने फेल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिले में बिकने वाले पैकेज्ड फूड, मसाले से लेकर खुले में बिकने वाले दूध, पनीर, खोया, घी आदि में बड़े स्तर पर मिलावट प्रयोगशाला जांच में सामने आया है। जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के ओर से साल 2025-26 में भेजे 637 नमूने में से 258 नमूने प्रयोगशाला जांच में सुरक्षा मानकों पर फेल हो गए। प्रयोगशाला से मिली जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक मिलावट पनीर में हो रही है। पनीर के 82 नमूनों में खामियां मिलीं हैं। अनाज और दूध से बने अन्य उत्पादों में भी मिलावट लगातार बढ़ रही है। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा का कहना है कि साल 2025-26 में 630 जगह पर छापा मारकर 792 नमूने लिए गए। इनमें से 637 नमूनों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली है, जिनमें से 258 नमूने मानकों पर फेल हो गए और 75 नमूने अनसेफ निकले। 10 खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में खामियां मिली। कुल मिलाकर 343 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। पनीर के 100 में से 82 नमूने मानकों पर खड़े नहीं उतरे। 18 नमूने अनसेफ मिले। दूध से बने अन्य उत्पादों के 30 में से 25 नमूने और दूध वाली मिठाइयों के 56 में से 21 नमूने के मानकों पर फेल रहे। अन्य चीज से बनीं मिठाइयों के 53 नमूनों में से 12 में कमियां मिलीं हैं। दूध के 16, खोया के 11 और घी के 13 नमूनों में वसा की कमी और रिफाइंड की मिलावट मिली है। अनाज से बने उत्पाद के 72 नमूनों में 34 में मिलावट मिला है।
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