नोएडा की ताज़ा ख़बरें, 25 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
25 मार्च 2026 के नोएडा की बड़ी खबरें—कासना में आत्मदाह प्रयास, रजिस्ट्री में आई-स्कैन सुविधा, रेरा की सख्ती, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और भावुक मानवीय कहानी।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 25 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “पुलिस के सामने परिवार ने किया आत्मदाह का प्रयास” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कासना कोतवाली क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस टीम के सामने विरोध कर रहे परिवार के लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने 17 नामजद समेत 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार को सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार शुक्ल पुलिस बल और पीएसी के साथ कोर्ट के आदेश पर भीम की मढ्या पहुंचे थे। न्यायालय के आदेश के अनुसार, विवादित निर्माणाधीन भवन पर सुखवीर पक्ष को शांतिपूर्ण कब्जा दिलाना था। पुलिस को देख लोग उग्र हो गए और सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। इस दौरान बलराज भाटी के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार प्रताप, सुनील, हरीश, अंकित, मोहित, मनीष, राजवती, महेन्द्री, छोटी देवी, शिमला, कविता, बबली, कमलेश, रेखा, जय भाटी, सतीश और रितिक समेत अन्य लोग उत्तेजित हो गए। आरोप है कि इन लोगों ने बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ भर लिया और कुछ महिलाओं समेत कई लोगों ने अपने ऊपर डाल दिया। पूरे परिवार ने मौके पर ही आत्मदाह की धमकी दे डाली। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने जबरन कब्जा दिलाया तो वे यहीं आग लगाकर अपनी जान दे देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मौके पर आत्मदाह नहीं करने दिया गया तो वे कासना कोतवाली या पुलिस कार्यालय पहुंचकर सामूहिक आत्मदाह करेंगे। साथ ही, सुखवीर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “बायोमेट्रिक फेल तो आई-स्कैन पास, रजिस्ट्री हुई और भी आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एक अप्रैल से रजिस्ट्री कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैन मशीन के जरिए सत्यापन की सुविधा शुरू होगी। इससे खासतौर पर बुजुर्गों को राहत मिलेगी, जिनकी हाथों की लकीरें अकसर मैच नहीं हो पातीं। एआईडी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बुजुर्गों के आधार सत्यापन में दिक्कतें आती हैं। इस समस्या का सामाधान करने के लिए ही नई व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है। जिले के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में होने वाली करीब 10 प्रतिशत रजिस्ट्रियों में फिंगरप्रिंट स्कैनिंग में दिक्कत होती है। उम्र बढ़ने के साथ हाथों की लकीरें हल्की पड़ जाने या घिस जाने के कारण कई बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट नहीं आ पाते। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासन ने अब आइरिस स्कैन तकनीक लागू करने का फैसला किया है।
Hindi News:
अमर उजाला ने 25 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “15 दिन में देनी होगी तिमाही प्रगति रिपोर्ट” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने सभी बिल्डरों को प्रोजेक्टों की तिमाही प्रगति रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। रेरा के अधिकारियों ने कहा है कि एक अप्रैल से वेबसाइट पर विंडो खुल जाएगी। रिपोर्ट जमा नहीं होने पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी। यूपी रेरा में 4098 प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। इनमें 2000 से अधिक प्रोजेक्टों में निर्माण कार्य चल रहा है। सभी प्रोजेक्ट की तिमाही और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट देने का नियम बनाया हुआ है, लेकिन बिल्डर समय से इसको पूरा नहीं कर रहे हैं। अफसरों ने बताया कि जनवरी से मार्च की तिमाही जमा की जानी है। 31 मार्च के अगले दिन एक अप्रैल से रिपोर्ट देना शुरू करेंगे। यूपी रेरा की वेबसाइट पर सभी बिल्डरों को क्यूपीआर जमा करनी होगी। क्यूपीआर में प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति, निर्माण की स्थिति, विभिन्न जानकारी देनी होगी। बाद में इनको सार्वजनिक किया जाता है। रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर जुर्माना लगाया जाएगा। हाल ही में दो बिल्डरों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 25 मार्च 2026 का प्रमुख समाचार “26 एकड़ में बनकर तैयार होगा अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की फौज शहर में तैयार हो। विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण लेने के लिए किसी को दिल्ली नहीं जाना पड़े। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर सेक्टर-123 में 26.6 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेल परिसर प्राधिकरण तैयार कराएगा। इस पर करीब 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। यह राशि दो चरण में खर्च की जाएगी। प्राधिकरण के इस प्रस्ताव को मंगलवार की देर शाम आइआइटी दिल्ली की ओर से मंजूरी प्रदान कर दी गई। अब परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रथम चरण में 70 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि नोएडा सेक्टर-21 ए स्थित स्टेडियम में इंडोर व आउटडोर अधिकांश सुविधाएं है लेकिन भीड़ होने की वजह से खिलाड़ी को स्थान नहीं मिल पाता। सेक्टर-122, पर्थला, सेक्टर-119, सेक्टर-121, सर्फाबाद, एफएनजी, सेंटर नोएडा व ग्रेनो वेस्ट के खिलाड़ियों को इसका लाभ उठा सकेंगे। खेल परिसर में आने वाले खिलाड़ियों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी। क्षमता 144 चार पहिया वाहनों की होगी। दो पहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। एक मल्टीपर्पज हाल तैयार किया जाएगा। इसकी सिटिंग क्षमता 400 के आसपास होगी। वर्ष 2018 में एनजीटी ने जब सेक्टर-54 स्थित लैंडफिल साइट पर कचरा डालने से मना किया। उस समय प्राधिकरण सेक्टर-123 स्थित इसी जगह की नौ हजार वर्ग मीटर जगह पर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्णय लिया क्योंकि मास्टर प्लान 2031 में यह जगह लैंडफिल साइट के लिए चिह्नित थी, लेकिन भारी विरोध के बाद प्राधिकरण को बैकफुट पर आकर निर्णय बदलना पड़ा। प्राधिकरण ने इस जमीन का भू प्रयोग बदला, खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल का फैसला लिया। अब यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेल परिसर का निर्माण होने जा रहा है। सलाहकार कंपनी ओरियान आर्किटेक्टस को चयन कर कार्य योजना तैयार कराई गई, करीब 26.65 एकड़ में योजना को धरातल पर उतरा जाएगा। प्रथम चरण में यह होगा तैयारः प्रवेश द्वार, रनिग ट्रैक, लांग ट्रिपल जंप, लांग, जैवलिन रनवे, हाइ जंप, शाटपुट, पोलवाल्ट, फुटबाल ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, वालीबाल कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, बच्चों के घूमने का स्थान, पारकर पार्क, ओपन जिम, गार्ड रूम, शौचालय, इलेक्ट्रिकल रूम, पेडेस्ट्रेन, मेंटीनेंस ब्लाक, दीवार, क्योस्क, सड़कें, ओएटी, स्कल्पचर, पार्किंग, हार्टीकल्चर एवं लैंड स्केपिंग, यूजीटी, इरीगेशन सिस्टम, प्लंबिंग वर्क, इलेक्ट्रिकल वर्क समेत अन्य।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “जिगर के टुकड़े की मौत मांगना नहीं था आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि हरीश के पिता अशोक राणा और उनकी मां अशोक राणा निर्मला देवी के लिए अपने जिगर के टुकड़े की मौत मांगना आसान नहीं था। बेटे का जीवन बचाने का हरसंभव प्रयास किया। दैनिक जागरण से बातचीत में मां निर्मला देवी ने कहा था कि सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि अपने बेटे की लंबी उम्र की नहीं बल्कि मोक्ष के लिए ईश्वर से प्रार्थना करेंगे। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा था कि उनकी भावनाएं मिली-जुली हैं। एक पिता के तौर पर यह बेहद दर्दनाक है। मानवीय तौर पर हम अपने बेटे के लिए यही सबसे अच्छा कर सकते हैं। बेटे को असहनीय कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी। यह सिर्फ उनके बेटे का मामला नहीं, बल्कि देश में कई और लोग भी ऐसी स्थिति में है। खुशी है कि इस फैसले से कई और लोगों को भी रास्ता मिल सकता है। दूसरे लोगों में देख सकेंगे अपना हरीश हरीश राणा के माता-पिता अपने बेटे को तो नहीं बचा सके, पर उनके अंग कई लोगों को नया जीवन दे सकेंगे। यही उनकी इच्छा भी थी। हरीश राणा के माता-पिता ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा था कि बेटा तो ठीक नहीं हो सकेगा, पर अपने बेटे के अंगदान कर दूसरों को नया जीवन देना चाहते हैं।
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 25 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “पुलिस के सामने परिवार ने किया आत्मदाह का प्रयास” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कासना कोतवाली क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस टीम के सामने विरोध कर रहे परिवार के लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने 17 नामजद समेत 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार को सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार शुक्ल पुलिस बल और पीएसी के साथ कोर्ट के आदेश पर भीम की मढ्या पहुंचे थे। न्यायालय के आदेश के अनुसार, विवादित निर्माणाधीन भवन पर सुखवीर पक्ष को शांतिपूर्ण कब्जा दिलाना था। पुलिस को देख लोग उग्र हो गए और सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। इस दौरान बलराज भाटी के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार प्रताप, सुनील, हरीश, अंकित, मोहित, मनीष, राजवती, महेन्द्री, छोटी देवी, शिमला, कविता, बबली, कमलेश, रेखा, जय भाटी, सतीश और रितिक समेत अन्य लोग उत्तेजित हो गए। आरोप है कि इन लोगों ने बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ भर लिया और कुछ महिलाओं समेत कई लोगों ने अपने ऊपर डाल दिया। पूरे परिवार ने मौके पर ही आत्मदाह की धमकी दे डाली। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने जबरन कब्जा दिलाया तो वे यहीं आग लगाकर अपनी जान दे देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मौके पर आत्मदाह नहीं करने दिया गया तो वे कासना कोतवाली या पुलिस कार्यालय पहुंचकर सामूहिक आत्मदाह करेंगे। साथ ही, सुखवीर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “बायोमेट्रिक फेल तो आई-स्कैन पास, रजिस्ट्री हुई और भी आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एक अप्रैल से रजिस्ट्री कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैन मशीन के जरिए सत्यापन की सुविधा शुरू होगी। इससे खासतौर पर बुजुर्गों को राहत मिलेगी, जिनकी हाथों की लकीरें अकसर मैच नहीं हो पातीं। एआईडी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बुजुर्गों के आधार सत्यापन में दिक्कतें आती हैं। इस समस्या का सामाधान करने के लिए ही नई व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है। जिले के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में होने वाली करीब 10 प्रतिशत रजिस्ट्रियों में फिंगरप्रिंट स्कैनिंग में दिक्कत होती है। उम्र बढ़ने के साथ हाथों की लकीरें हल्की पड़ जाने या घिस जाने के कारण कई बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट नहीं आ पाते। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासन ने अब आइरिस स्कैन तकनीक लागू करने का फैसला किया है।
Hindi News:
अमर उजाला ने 25 मार्च 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “15 दिन में देनी होगी तिमाही प्रगति रिपोर्ट” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने सभी बिल्डरों को प्रोजेक्टों की तिमाही प्रगति रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। रेरा के अधिकारियों ने कहा है कि एक अप्रैल से वेबसाइट पर विंडो खुल जाएगी। रिपोर्ट जमा नहीं होने पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी। यूपी रेरा में 4098 प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। इनमें 2000 से अधिक प्रोजेक्टों में निर्माण कार्य चल रहा है। सभी प्रोजेक्ट की तिमाही और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट देने का नियम बनाया हुआ है, लेकिन बिल्डर समय से इसको पूरा नहीं कर रहे हैं। अफसरों ने बताया कि जनवरी से मार्च की तिमाही जमा की जानी है। 31 मार्च के अगले दिन एक अप्रैल से रिपोर्ट देना शुरू करेंगे। यूपी रेरा की वेबसाइट पर सभी बिल्डरों को क्यूपीआर जमा करनी होगी। क्यूपीआर में प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति, निर्माण की स्थिति, विभिन्न जानकारी देनी होगी। बाद में इनको सार्वजनिक किया जाता है। रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर जुर्माना लगाया जाएगा। हाल ही में दो बिल्डरों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 25 मार्च 2026 का प्रमुख समाचार “26 एकड़ में बनकर तैयार होगा अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की फौज शहर में तैयार हो। विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण लेने के लिए किसी को दिल्ली नहीं जाना पड़े। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर सेक्टर-123 में 26.6 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेल परिसर प्राधिकरण तैयार कराएगा। इस पर करीब 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। यह राशि दो चरण में खर्च की जाएगी। प्राधिकरण के इस प्रस्ताव को मंगलवार की देर शाम आइआइटी दिल्ली की ओर से मंजूरी प्रदान कर दी गई। अब परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रथम चरण में 70 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि नोएडा सेक्टर-21 ए स्थित स्टेडियम में इंडोर व आउटडोर अधिकांश सुविधाएं है लेकिन भीड़ होने की वजह से खिलाड़ी को स्थान नहीं मिल पाता। सेक्टर-122, पर्थला, सेक्टर-119, सेक्टर-121, सर्फाबाद, एफएनजी, सेंटर नोएडा व ग्रेनो वेस्ट के खिलाड़ियों को इसका लाभ उठा सकेंगे। खेल परिसर में आने वाले खिलाड़ियों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी। क्षमता 144 चार पहिया वाहनों की होगी। दो पहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। एक मल्टीपर्पज हाल तैयार किया जाएगा। इसकी सिटिंग क्षमता 400 के आसपास होगी। वर्ष 2018 में एनजीटी ने जब सेक्टर-54 स्थित लैंडफिल साइट पर कचरा डालने से मना किया। उस समय प्राधिकरण सेक्टर-123 स्थित इसी जगह की नौ हजार वर्ग मीटर जगह पर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्णय लिया क्योंकि मास्टर प्लान 2031 में यह जगह लैंडफिल साइट के लिए चिह्नित थी, लेकिन भारी विरोध के बाद प्राधिकरण को बैकफुट पर आकर निर्णय बदलना पड़ा। प्राधिकरण ने इस जमीन का भू प्रयोग बदला, खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल का फैसला लिया। अब यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेल परिसर का निर्माण होने जा रहा है। सलाहकार कंपनी ओरियान आर्किटेक्टस को चयन कर कार्य योजना तैयार कराई गई, करीब 26.65 एकड़ में योजना को धरातल पर उतरा जाएगा। प्रथम चरण में यह होगा तैयारः प्रवेश द्वार, रनिग ट्रैक, लांग ट्रिपल जंप, लांग, जैवलिन रनवे, हाइ जंप, शाटपुट, पोलवाल्ट, फुटबाल ग्राउंड, टेनिस कोर्ट, वालीबाल कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, बच्चों के घूमने का स्थान, पारकर पार्क, ओपन जिम, गार्ड रूम, शौचालय, इलेक्ट्रिकल रूम, पेडेस्ट्रेन, मेंटीनेंस ब्लाक, दीवार, क्योस्क, सड़कें, ओएटी, स्कल्पचर, पार्किंग, हार्टीकल्चर एवं लैंड स्केपिंग, यूजीटी, इरीगेशन सिस्टम, प्लंबिंग वर्क, इलेक्ट्रिकल वर्क समेत अन्य।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “जिगर के टुकड़े की मौत मांगना नहीं था आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि हरीश के पिता अशोक राणा और उनकी मां अशोक राणा निर्मला देवी के लिए अपने जिगर के टुकड़े की मौत मांगना आसान नहीं था। बेटे का जीवन बचाने का हरसंभव प्रयास किया। दैनिक जागरण से बातचीत में मां निर्मला देवी ने कहा था कि सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि अपने बेटे की लंबी उम्र की नहीं बल्कि मोक्ष के लिए ईश्वर से प्रार्थना करेंगे। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा था कि उनकी भावनाएं मिली-जुली हैं। एक पिता के तौर पर यह बेहद दर्दनाक है। मानवीय तौर पर हम अपने बेटे के लिए यही सबसे अच्छा कर सकते हैं। बेटे को असहनीय कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी। यह सिर्फ उनके बेटे का मामला नहीं, बल्कि देश में कई और लोग भी ऐसी स्थिति में है। खुशी है कि इस फैसले से कई और लोगों को भी रास्ता मिल सकता है। दूसरे लोगों में देख सकेंगे अपना हरीश हरीश राणा के माता-पिता अपने बेटे को तो नहीं बचा सके, पर उनके अंग कई लोगों को नया जीवन दे सकेंगे। यही उनकी इच्छा भी थी। हरीश राणा के माता-पिता ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा था कि बेटा तो ठीक नहीं हो सकेगा, पर अपने बेटे के अंगदान कर दूसरों को नया जीवन देना चाहते हैं।












