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नोएडा की प्रमुख खबरों में एक्सप्रेसवे निर्माण, एयरपोर्ट उड़ान, विकास परियोजनाएं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों में सख्ती शामिल है।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 28 अप्रैल को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News:
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “सुल्तानपुर अंडरपास निर्माण की वजह से सर्विस रोड बंद” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-128 के सामने सुल्तानपुर अंडरपास का निर्माण शुरू हो गया है। इसके लिए एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और यहां बने पुराने अंडरपास को बंद कर दिया गया है। इसका ट्रैफिक 45 मीटर रोड से होकर गुजरेगा। करीब 22 महीने से ज्यादा समय तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगा। यह अंडरपास सुल्तानपुर गांव के सामने सेक्टर-128, 129, 132 व सेक्टर-108 के बीच बनाया जाना है। ट्रैफिक डायवर्जन से एक्सप्रेसवे के सेक्टर-82 कट से उतर कर सर्विस रोड से जो वाहन सेक्टर-127, 128, 129, 132 को जाते थे वे अब आगे सेक्टर-93 ए के पास से जेपी फ्लाईओवर पर चढ़कर दूसरी तरफ निकलेंगे। वहीं सेक्टर-92, 93 की तरफ से आने वाले वाहन पंचशील अंडरपास से निकल कर एक्सप्रेसवे के दूसरी तरफ जाएंगे। इसके बाद सेक्टर-128 के सामने सर्विस रोड बंद होने की वजह से ये वाहन 45 मीटर रोड से निकाले जाएंगे। 81 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से अंडरपास का निर्माण हो रहा है। चार लेन वाले इस अंडरपास की लंबाई 731 मीटर होगी। प्राधिकरण के जीएम एके अरोड़ा ने बताया कि दो साल के भीतर निर्माण पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जून के मध्य तक शुरू हो सकती हैं एयरपोर्ट से उड़ानें” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा एयरपोर्ट से जून के मध्य तक कॉमर्शियल उड़ानें शुरू हो सकती हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) के विदेशी सीईओ की जगह भारतीय नागरिक को कार्यवाहक सीईओ बनाने के बाद संशोधित एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (एएसपी) अनुमोदन के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सेफ्टी (बकास) को भेज दिया गया है। एएसपी को अनुमति के बाद ही एयरलाइंस अपने फ्लाइट शिड्यूल जारी कर पाएंगीं। अधिकारियों का कहना है कि संशोधित एएसपी को बकास से एक सप्ताह में अनुमति मिल सकती है। इन अनुमति के जारी होने के बाद करीब 45 दिन का समय एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक होगा। इस समय अंतराल में यात्री सेवाओं के लिए जरूरी स्टाफ के आईडी कार्ड जारी करने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी करना शामिल होगा। एयरलाइंस भी अपने फ्लाइट शेड्यूल जारी कर ऑनलाइन व ऑफलाइन टिकट बुकिंग शुरू कर पाएंगीं। फ्लाइट शेड्यूल से पता चलेगा कि यहां से किन शहरों के लिए उड़ान शुरू हो होंगी।
Hindi Today News:
Noida News: अमर उजाला ने 28 अप्रैल 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “ग्रेटर नोएडा टर्मिनल पर आगे बढ़ा ग्रेनो प्राधिकरण, अंसल से मिलेगी जमीन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि आनंद विहार टर्मिनल की तर्ज पर विकसित हो रहे बोडाकी के पास ग्रेटर नोएडा टर्मिनल पर ग्रेनो प्राधिकरण एक कदम आगे बढ़ गया है। यहां जरूरी जमीन और इसके विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अंसल एपीआई से वापस ली जा रही सुशांत मेगापोलिस टाउनशिप की जमीन पर भूखंड विकसित कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि टाउनशिप से जमीन वापस लिए जाने के प्रस्ताव को हाइटेक टाउनशिप नीति के मामले देखने वाली शासन की उच्चस्तरीय समिति ने मंजूरी दे दी है। सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि बोडाकी के पास करीब सात गांव की जमीन ग्रेटर नोएडा टर्मिनल के लिए ली जानी है। इसकी वजह से यहां से विस्थापित करीब 1600 परिवारों के लिए पुनर्वास नीति तय होनी है। इसके लिए नजदीक में ही जमीन की आवश्यकता होगी। सुशांत मेगापोलिस टाउनशिप में जो जमीन ली गई हैं, उनमें शिव नाडर यूनिवर्सिटी के पास नई बस्ती और दूसरे गांव की जमीन भी शामिल है। टाउनशिप का विकास लंबे समय से बाधित है। ऐसे में लाइसेंस देने वाले बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण ने आंशिक जमीन वापस लिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। उच्चस्तरीय समिति से मंजूरी के बाद अब जल्दी ही इसको लेकर आदेश भी जारी हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ग्रेनों टर्मिनल का विकास प्रदेश और केंद्र दोनों की प्राथमिकता में है। इससे जहां आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 28 अप्रैल 2026 का प्रमुख समाचार “नोएडा हिंसा के बाद सुरक्षा की नई रणनीति, औद्योगिक क्षेत्र के लिए अब अलग पुलिस जोन” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा की औद्योगिक छवि खराब करने के मकसद से 13 अप्रैल को हुई हिंसा के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाया है। घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में इंडस्ट्रीज के नाम से नया पुलिस जोन (चौथा जोन) = बनाया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने और सुरक्षा के लिए डीसीपी व एसीपी समेत 25 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। यह टीम श्रमिक व उद्योग से संबंधित मामले देखेगी और 15 हजार औद्योगिक इकाइयों, दो लाख कंपनियों व चार लाख श्रमिकों को सुरक्षा मुहैया कराएगी। साथ ही श्रम विभाग से जुड़े मामलों का भी तेजी से निस्तारण कराने में मदद करेगी। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अलग जोन बनने से विभिन्न विभागों से समन्वय और श्रमिक संगठनों, समूहों व श्रमिकों से सीधा संवाद स्थापित करना आसान होगा। शिकायतों के निवारण और केंद्र-राज्य सरकार के कानूनों का अनुपालन कराने में भी मदद मिलेगी। बता दें कि नोएडा में 2013 में भी श्रमिकों ने हिंसा की थी। इसके बाद सीओ इंडस्ट्रीज की तैनाती की गई थी। उन्होंने भी पुलिस, प्रशासन से लेकर प्राधिकरण के मध्य समन्वय का काम किया था। तीन दिन में चौथे जोन के क्रियाशील होने का दावा अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र व मुख्यालय अजय कुमार को तीन दिन में इंडस्ट्रियल जोन की रूपरेखा तैयार करने, एसओपी बनाने व स्थायीकरण के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग को फाइल भेजने का जिम्मा, सौंपा गया है। हालांकि, इस जोन का सृजन अस्थाई आधार (तदर्थ) पर किया गया है। इसके अगले तीन दिन में इस चौथे जोन के के क्रियाशील होने का दावा किया गया है।
Noida News: दैनिक जागरण के 28 अप्रैल 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “नोएडा श्रमिक हिंसा मामला: 3 आरोपितों की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि अदालत ने श्रमिक हिंसा मामले में तीन आरोपियों सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर और आदित्य आनंद की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) विरेंद्र अग्रवाल की अदालत ने आदेश में कहा कि मामले की विवेचना के लिए आरोपितों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्य की बरामदगी आवश्यक है। पुलिस कस्टडी 29 अप्रैल सुबह नौ बजे से 30 अप्रैल शाम छह बजे तक प्रभावी रहेगी। विवेचक को निर्देश दिया कि आरोपितों को कस्टडी में लेने और वापस जेल भेजने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए। नोएडा की फेज-2 कोतवाली में पूर्व में दर्ज मामले में कई गंभीर धाराओं के साथ आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुनियोजित तरीके से हिंसा भड़काई गई थी। आरोपियों ने श्रमिकों को उकसाने, भीड़ को भड़काने और औद्योगिक गतिविधियों को ठप करने के उद्देश्य से साजिश रची थी। इसके लिए इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म का प्रयोग किया गया। रिमांड को लेकर पुलिस ने अदालत में दलील दी कि आरोपितों के कब्जे से लैपटाप, सीपीयू और मोबाइल फोन की बरामदगी जरूरी है।
Noida News:
Noida Today News: दैनिक जागरण के 28 अप्रैल के अंक में “यमुना एक्सप्रेसवे पर चार होल्डिंग जोन चिह्नित, अब गलत पार्किंग पर होगी कड़ी कार्रवाई” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए परिवहन विभाग ने सड़क के दोनों ओर चार होल्डिंग जोन चिह्नित किए हैं। इनके अलावा एक्सप्रेसवे पर अन्य स्थानों पर वाहन खडा करने पर वाहनों के चालान या सीज करने की कार्रवाई हाेगी। सर्वे के बाद परिवहन विभाग ने होल्डिंग जोन चिह्नित किए हैं। बता दें यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों के नो पार्किंग जोन में खडे होने से कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की टीम यहां निगरानी करती है। एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के अतिरिक्त वाहनों के ठकराव के लिए कोई जगह चिह्नित नहीं थी। नो पार्किंग जाेन में वाहन खडा मिलने पर चालान की कार्रवाई होती थी। परिवहन विभाग के सर्वे के बाद मालवाहक ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहन अब होल्डिंग जोन में खडे किए जा सकते हैं। आगरा से नोएडा की ओर आने पर 16 किमी की दूरी पर छपरगढ़, 36 किमी दूरी पर जेवर होल्डिंग जोन बनाया गया है। यहां चालक बाएं हाथ पर अपने वाहनों को खडा कर सकते हैं। नोएडा से आगरा की ओर जाने पर 35 किमी दूरी पर सबोता और 39 किमी दूरी पर अलावपुर में होल्डिंग जोन बनाया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन डा. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि सभी वाहन चालकों और स्वामियों से अपील की कि वे अपने वाहनों को केवल होल्डिंग जोन में ही खडा करें। इनके अलावा अन्य जगहों पर वाहन खड़ा मिलने पर चालान और वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने की दिशा में यह निर्णय लिया गया है।
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