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30 अप्रैल को नोएडा में जनगणना तैयारी, ट्रैफिक सख्ती, बस हादसा, बिजली संकट और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अहम खबरें सामने आईं।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 30 अप्रैल को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “22 मई से घर-घर जाकर जुटाएंगे आंकड़े” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जनगणना 2027 के लिए कर्मचारी 22 मई से घर-घर जाकर आकड़े जुटाएंगे। इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू हो गया है। बुधवार को शहर के पांच स्कूलों में प्रशिक्षण दिया गया। जनगणना के काम में प्राधिकरण के करीब 1200 कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके लिए शहर को 2130 ब्लॉक में बांटा गया है। प्राधिकरण से जनगणना अधिकारी के रूप में एसीईओ वंदना त्रिपाठी और चार्ज अधिकारी ओएसडी इंदु प्रकाश को बनाया गया है। बुधवार को शहर के कैंब्रिज, कोठारी, रामाज्ञा, श्री चैतन्य सहित अन्य स्कूलों में प्रशिक्षण दिया गया। इंदु प्रकाश ने बताया कि नोएडा क्षेत्र में प्राधिकरण के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मिलाकर 2749 की ड्यूटी लगाई गई है। 2 मई तक प्रशिक्षण का काम चलेगा। 22 मई से घर-घर जाकर गणना का काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले 7 मई से लोग एचएलओ नामक ऐप डाउनलोड कर उसको भरना शुरू कर सकते हैं। जनगणना में 33 सवाल का प्रारूप तैयार किया गया है। यह अभियान 22 मई से 20 जून तक चलेगा। नोएडा में 150 से 180 घर यानि 800 से 1 हजार जनसंख्या के हिसाब से 2130 ब्लॉक बनाए गए हैं। मुख्य रूप से जनगणना फरवरी 2027 में शुरू होगी।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “गाड़ियों के शीशे काला कराना पड़ेगा महंगा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि गर्मी बढ़ते ही गाड़ी मालिकों को शीशे काले कराने का खुमार चढ़ने लगा है। धूप से बचने की ये हरकत महंगी पड़ सकती है। नियम का उल्लंघन करने पर उन्हें 10 हजार रुपये का जुर्माना भी देना पड़ सकता है। वाहन के अंदर की दृश्यता कम होने पर ट्रैफिक पुलिस यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई कर सकती है। गर्मी बढ़ने के साथ कार मॉडिफिकेशन सेंटर पर इस समय सबसे ज्यादा गाड़ियां शीशे काले कराने के लिए पहुंच रहीं हैं। इस मामले में ट्रैफिक पुलिस ने बीते साल 18289 वाहनों पर कार्रवाई की थी। चेकिंग के दौरान पुलिस काले शीशे चढ़े वाहन में अंदर आसानी से नहीं देख पाती। इसकी ओड़ में अप्रिय घटना को अंजाम दिया जा सकता है। अंदर बैठा व्यक्ति मदद मांगने का भी प्रयास करेगा तो उसे देख पाना संभव नहीं होता।
Noida News: अमर उजाला ने 30 अप्रैल 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “बच्चे व वृद्ध बंदियों के स्वास्थ्य पर रखें विशेष ध्यान : सचिव” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने बुधवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को बैरकों में सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य, खानपान की गुणवत्ता और अन्य सुविधाएं जेल मैनुअल के अनुसार देने का निर्देश दिया गया। शिशुओं और वृद्ध बंदियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। सचिव को निरीक्षण के दौरान जेलर ने जानकारी दी कि कारागार में 2501 बंदी हैं। इंडिया विजन फाउंडेशन बंदियों के कौशल विकास के लिए हेयर सैलून, डांस क्लास, संगीतशाला, पेंटिंग और सिलाई कार्य जैसी विभिन्न गतिविधियां संचालित करती है। उसके बाद सचिव ने किशोर व महिला बिंदियों के बैरकों का निरीक्षण किया। उनके मुकदमों के संबंध में जानकारी ली और बंदियों के प्रकरणों से संबंधित कार्ड में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 30 अप्रैल 2026 का प्रमुख समाचार “सेंट जान स्कूल की दो बसें टकराईं नौ बच्चों समेत 11 लोग हुए घायल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सेंट जान स्कूल की दो बसें बुधवार सुबह सवा सात बजे के करीब किसान चौक के पास आपस में टकरा गईं। दोनों बसों में 30 से अधिक बच्चे सवार थे। हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक हादसे में नौ बच्चे समेत 11 लोग घायल हुए हैं। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के दौरान छात्र-छात्राओं में चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने अपने वाहन रोककर छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला। चालक-परिचालक ने हादसे की सूचना स्कूल प्रबंधन को दी। सूचना पर स्कूल स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया था। स्कूल प्रबंधन ने ही छात्र-छात्राओं को नजदीकी यथार्थ अस्पताल भर्ती कराया। स्कूल की सूचना पर अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद स्वजन अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय घर लेकर रवाना हो गए। तेज गति बनी हादसे की वजहः घायल छात्रों की मानें तो दोनों बसें तेज गति से थीं। अचानक आगे जा रही बस ने ब्रेक लगा दिए। पीछे से आ रहा बस चालक ब्रेक नहीं लगा पाया और बस टकरा गई। वहीं आगे चल रहे कार चालक द्वारा ब्रेक लगाए जाने की बात भी सामने आई है। एक घायल छात्रा ने बताया कि वह पीछे वाली बस में सवार थी। उसकी बस में 15 बच्चे थे और दूसरी बस में 19 बच्चे सवार थे। घायल छात्रों ने बताया कि वह सुबह सात बजे स्कूल जाने के लिए बस में सवार हुए थे।
Noida News: दैनिक जागरण के 30 अप्रैल 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “बिजली आपूर्ति बाधित, 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे तीन लोग” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते घरेलू सहायिका समेत तीन लोग 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। मामला मंगलवार दोपहर का है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद लिफ्ट संचालन के साथ पंखा भी बंद हो गया। गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल हो गया। घरेलू सहायिका की गर्मी से हालत बिगड़ गई और वह लिफ्ट में ही बैठ गई। लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर किसी तरह लिफ्ट का गेट खोलकर बाहर निकाला गया।सोसायटी के निवासी तुषार कपूर ने बताया कि सोसायटी के टावर 11 में मंगलवार को दोपहर के समय लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर जा रहे थे। अचानक लिफ्ट में लाइट जाने के कारण 11वे फ्लोर पर ही अटक गई। आरोप है कि इस दौरान टावर की लिफ्ट में उनके साथ एक घरेलू सहायिका व अन्य व्यक्ति सवार था। अचानक लाइट जाने के बाद लिफ्ट में इंटरकाम बंद हो गया, लाइट बंद हो गई और पंखा तक बंद हो गया। पावर बैकअप और एआरडी सिस्टम काम नहीं करने के कारण तीनों लोग करीब 15 मिनट तक लिफ्ट का दरवाजा पिटते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसका एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
Noida News:
Noida Today News: दैनिक जागरण के 30 अप्रैल के अंक में “ईएसआइ में मिला एक कनिष्ठ चिकित्सक” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-57 की ईएसआइ डिस्पेंसरी में डाक्टर और फार्मासिस्ट कम होने से परेशान मरीजों पर दैनिक जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का प्रबंधन ने संज्ञान लिया है। ईएसआइ के निदेशक (चिकित्सा) नोएडा ने एक कनिष्ठ चिकित्सक को डिस्पेंसरी में तैनाती के आदेश जारी किए हैं। वहीं फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए मुख्यालय में पत्र भी भेजा है। कनिष्ठ चिकित्सक एक मई से डिस्पेंसरी में अपनी सेवा देंगे। 24 अप्रैल को ईएसआइ डिस्पेंसरी की पड़ताल कर मरीजों को होने वाली समस्याओं को देखा कि डिस्पेंसरी में मरीजों के इलाज की सही व्यवस्था नहीं है। दो डाक्टरों पर 700 से ज्यादा मरीजों का दबाव है। मरीज के साथ स्वजनों को भी इलाज कराने लिए ड्यूटी छोड़नी पड़ती है। 12 डाक्टर में से सिर्फ चार ही कार्यरत हैं जबकि एक फार्मासिस्ट का ट्रांसफर होने से अब तीन ही रह गए हैं। मरीजों का आरोप था कि ईएसआइ प्रबंधन पिछले दो वर्ष से मरीजों के लिए व्यवस्था बनाने में नाकाम साबित हो रहा है। कई बार लोगों ने डाक्टर एवं स्टाफ बढ़ाने की मांग की, प्रबंधन की नींद टूटी और 27 अप्रैल दिन सोमवार को कनिष्ठ चिकित्सक अरविंद केवी को एक मई से डिस्पेंसरी में सेवा देने के आदेश जारी कर दिए। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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